Hindi Grammar | अध्याय 29: मुहावरे और लोकोक्तियाँ (Muhavare aur Lokoktiyan) | @itselfu

Hindi Grammar | अध्याय 29: मुहावरे और लोकोक्तियाँ (Muhavare aur Lokoktiyan) | @itselfu

अध्याय 29: मुहावरे और लोकोक्तियाँ (Muhavare aur Lokoktiyan)

परिचय

भाषा केवल शब्दों का समूह नहीं है, बल्कि इसमें भाव, शैली, और संस्कृति भी समाहित होती है। किसी भी भाषा की सुंदरता उसके मुहावरों (Idioms) और लोकोक्तियों (Proverbs) में प्रकट होती है।

  • मुहावरा (Muhavra):
    मुहावरा वह शब्द या वाक्यांश है जिसका शाब्दिक अर्थ और वास्तविक अर्थ अलग होता है। यह रोज़मर्रा की भाषा में भाव व्यक्त करने का साधन है।
    उदाहरण:

    • सोन चाँदी की तरह → बहुमूल्य या अनमोल।

    • आँख का तारा → प्रिय या बहुत प्यारा।

  • लोकोक्ति (Lokokti / Proverbs):
    लोकोक्ति वह सुविचारित वाक्य है जो जीवन के अनुभव और समाज की ज्ञानवर्धक बातें बताता है। इसका प्रयोग व्यक्ति को शिक्षाप्रद और नैतिक शिक्षा देने के लिए होता है।
    उदाहरण:

    • बन्दर क्या जाने अदरक का स्वाद → अज्ञानी व्यक्ति किसी चीज़ के मूल्य को नहीं समझ सकता।

    • नाच न जाने आँगन टेढ़ा → अपनी अक्षमता का बहाना बनाना।

मुहावरों के प्रकार

मुहावरे आमतौर पर भावानुसार और प्रयोजन अनुसार कई प्रकार के होते हैं।

  1. समानार्थक मुहावरे (Synonymous Idioms)
    जिनका अर्थ समान होता है।
    उदाहरण:

    • हाथ मलना = निराश होना

    • खुदा का शुक्र = आभारी होना

  2. विरोधाभासी मुहावरे (Contradictory Idioms)
    जिनका शाब्दिक अर्थ अलग, पर वास्तविक अर्थ विरोधाभासी हो।
    उदाहरण:

    • आसमान से गिरे, खजूर में अटके → बुरी स्थिति से बेहतर स्थिति में जाना।

  3. प्रकृति आधारित मुहावरे (Nature-Based Idioms)
    जो प्राकृतिक तत्वों से संबंधित हैं।
    उदाहरण:

    • आँखों का तारा = प्रिय

    • अँधेरा छा जाना = भ्रम या समस्या बढ़ना

  4. व्यवहार और क्रिया आधारित मुहावरे
    जो दैनिक व्यवहार या क्रियाओं पर आधारित हों।
    उदाहरण:

    • हाथ-पाँव मारना = प्रयास करना

    • नाक में दम करना = परेशान करना

लोकोक्तियों के प्रकार

लोकोक्तियाँ भी जीवन में अनुभव और नैतिक शिक्षा के आधार पर विभाजित की जाती हैं।

  1. ज्ञानवर्धक लोकोक्तियाँ (Educational/Knowledge-Based)
    जिनसे जीवन के अनुभव सीखने को मिलते हैं।
    उदाहरण:

    • धीरे-धीरे रे मना, धीरे सब कुछ होय → धैर्य से ही सफलता मिलती है।

  2. चेतावनी देने वाली लोकोक्तियाँ (Warning/Advisory)
    जो किसी खतरे या गलती से बचाने की सीख देती हैं।
    उदाहरण:

    • सावधान रहो, काल काटेगा → सतर्क रहो।

  3. नैतिक और संस्कारी लोकोक्तियाँ (Moral Proverbs)
    जीवन में सदाचार और नैतिक मूल्यों की शिक्षा देती हैं।
    उदाहरण:

    • सच्चाई हमेशा विजय पाती है

    • बुरा जो देखन मैं चला, बुरा न मिलिया कोय

  4. व्यवहारिक और अनुभव आधारित लोकोक्तियाँ (Practical Proverbs)
    रोज़मर्रा के अनुभवों पर आधारित।
    उदाहरण:

    • जो गरजते हैं वो बरसते नहीं → दिखावे वाले हमेशा डरावने नहीं होते।

निष्कर्ष

मुहावरे और लोकोक्तियाँ न केवल भाषा की सुंदरता बढ़ाते हैं, बल्कि विचार, व्यवहार और नैतिकता की शिक्षा भी देते हैं। प्रतियोगी परीक्षा में इनका अभ्यास करने से न केवल हिंदी भाषा की पकड़ मजबूत होती है, बल्कि वाक्य निर्माण, समझ और लेखन क्षमता भी बढ़ती है।

महत्वपूर्ण मुहावरे 

STEP - I

#मुहावराअर्थवाक्य में प्रयोग
1आँख का ताराप्रियराम अपने छोटे भाई का आँख का तारा है।
2हाथ-पाँव मारनाप्रयास करनापरीक्षा में अच्छे अंक पाने के लिए छात्र ने हाथ-पाँव मारे।
3आ बैल मुझे मारविपरीत परिस्थिति में फँसानाउसने आ बैल मुझे मार कहकर झूठा आरोप लगाया।
4सोने पे सुहागाअतिरिक्त लाभनौकरी में प्रमोशन और बोनस, सोने पे सुहागा था।
5आँखें चार करनाढूँढनानई नौकरी के लिए उसने सारे शहर में आँखें चार की।
6आँखें खोलनासच जाननाझूठ पकड़े जाने पर उसने अपनी आँखें खोली।
7दाल में कुछ काला होनासंदिग्ध होनाउसकी बातों में दाल में कुछ काला है।
8नाक कटानाअपमानित होनाझूठ बोलने पर उसका नाक कट गया।
9हाथ धोकर देनामदद करनामुश्किल में उसने हाथ धोकर मुझे सहायता दी।
10सिर चढ़कर बोलनाअहंकारी होनापरीक्षा में उसने सिर चढ़कर बोलना शुरू कर दिया।
11पेट में खट्टी डालनानिराश होनानौकरी नहीं मिलने पर उसने पेट में खट्टी डाल ली।
12दिल में उतारनाध्यान रखनागुरुजी ने पाठ को दिल में उतारने को कहा।
13कान भरनाध्यान से सुननाबच्चों ने मास्टर की बातें कान भर सुन लीं।
14हाथ की सफाईकुशल होनानए कर्मचारी की हाथ की सफाई देखकर बॉस खुश हुआ।
15घूंघट डालनाछुपानाउसने अपनी असली पहचान घूंघट डाल दी।
16आँखों का धुंधभ्रमझूठे वादों से उसकी आँखों का धुंध छा गया।
17पसीना बहानामेहनत करनापरीक्षा में अच्छे अंक लाने के लिए उसने पसीना बहाया।
18माथा ठोकनाकठिनाई स्वीकारनामुश्किल काम को उसने माथा ठोककर किया।
19नाक में दम करनापरेशान करनापड़ोसी लगातार नाक में दम कर रहे थे।
20मुँह की खायाअपमानित होनाझूठ बोलने पर उसे मुँह की खाया।
21कान का कच्चासरल या भोलावह बहुत कान का कच्चा है, आसानी से विश्वास कर लेता है।
22आँख मूँदकरविश्वासपूर्वकउसने उसके कहने पर आँख मूँदकर पैसे दे दिए।
23साँप छूने से डरनाभयभीत होनापरीक्षा के कठिन सवाल देखकर छात्र साँप छूने से डर गया।
24हाथ पर हाथ धरे बैठनानिष्क्रिय होनासमस्या देखकर वह हाथ पर हाथ धरे बैठा रहा।
25जी भर खानाभरपूर खानात्यौहार पर सभी ने जी भर खाना खाया।
26दिल दुखानाकष्ट पहुँचानाउसके व्यवहार ने मुझे बहुत दिल दुखाया।
27सिर खुजानाचिन्ता करनापरीक्षा में कम अंक आने पर छात्र सिर खुजाने लगे।
28आँखों में धूल झोंकनाभ्रमित करनाव्यापारी ने ग्राहक की आँखों में धूल झोंक दी।
29आँख मूँदनाअनदेखा करनाउसने अपनी गलती को आँख मूँदकर छोड़ दिया।
30जी जान सेपूरी मेहनत सेउसने परीक्षा में सफलता पाने के लिए जी जान से पढ़ाई की।
31दिल पर पत्थर रख लेनाकठोर निर्णय लेनाउसने अपने परिवार के लिए कठिन निर्णय लेते हुए दिल पर पत्थर रख लिया।
32जीते जीजीवन मेंउसने जीते जी अपने लक्ष्यों को पूरा किया।
33कान भर सुननाध्यान से सुननाशिक्षक की बातें बच्चों ने कान भर सुन लीं।
34आँखों के तारेप्रियवह अपने बच्चों की आँखों के तारे हैं।
35हाथ पैर मारनाकोशिश करनानौकरी पाने के लिए उसने हाथ पैर मारे।
36दिल में बसानायाद रखनाउसने गुरु के उपदेश को दिल में बसा लिया।
37मुँह मीठा करनाखुश होनापुरस्कार जीतकर छात्रों ने मुँह मीठा किया।
38कान फोड़नाकष्ट देनाबच्चों की तेज आवाज ने कान फोड़ दिया।
39नाक साफ करनाविजय पानाप्रतियोगिता में उसे नाक साफ करना पड़ा।
40आँख मूँदकर भरोसा करनापूर्ण विश्वास करनाउसने आँख मूँदकर मित्र पर भरोसा किया।
41दिल तोड़नादुख पहुँचानाउसकी बेवफ़ाई ने उसका दिल तोड़ दिया।
42हाथ पैर फूलनाथक जानालंबी यात्रा के बाद उसका हाथ पैर फूल गया।
43कानों कान रहनासुनाई न देनाउसने सारी बातें कानों कान रखीं।
44आँखें चार करनाखोज करनागुम हुई चाबी को ढूँढने के लिए उसने आँखें चार की।
45सिर फोड़नामेहनत करनाकठिन गणित का सवाल हल करने के लिए उसने सिर फोड़ा।
46मन में बिठानायाद रखनाशिक्षक ने पाठ को बच्चों के मन में बिठाया।
47पेट में दर्द रखनाचिंता करनापरीक्षा से पहले छात्र के पेट में दर्द था।
48दिल पर हाथ रखनासच बोलनाउसने अपने दिल पर हाथ रखकर सच कहा।
49नाक में दम करनापरेशान करनाबच्चों की शरारतों ने माँ की नाक में दम किया।
50आँखों का धुंधभ्रमझूठे वादों ने उसकी आँखों का धुंध कर दिया।
51दिल खोलकरखुलकरउसने मित्र से दिल खोलकर बातें की।
52हाथ-पाँव जोड़नामदद माँगनाउसने मित्र से हाथ-पाँव जोड़कर मदद माँगी।
53सिर चढ़ानाअहंकारी होनावह अपने काम में बहुत सिर चढ़ाता है।
54आँखों में आँसू लानादुख देनासमाचार ने सबकी आँखों में आँसू ला दिए।
55कानों में तेल डालनासावधानी रखनाअध्यापक ने बच्चों को कानों में तेल डालकर झूठ न सुनने की सलाह दी।
56मुँह से पानी गिरनाबहुत इच्छा होनामिठाई देखकर मुँह से पानी गिर रहा था।
57दिल से लगानापूरी मेहनत से करनाउसने पढ़ाई को दिल से लगाया।
58हाथ से छूटनाअवसर खोनाउसने नौकरी का अवसर हाथ से छूटने दिया।
59पेट कटनाभयभीत होनापरीक्षा का कठिन सवाल देखकर छात्रों का पेट कट गया।
60आँखों में चमकखुशी या उत्साहपुरस्कार जीतकर उसकी आँखों में चमक थी।
61कान थामनाध्यान से सुननाबच्चों ने ध्यान से मास्टर की बातें कान थामकर सुनी।
62हाथ धोकर देनामदद करनासंकट में उसने मित्र की मदद हाथ धोकर दी।
63जी भर खानामन भरकर खानात्यौहार पर सभी ने जी भर मिठाई खाई।
64सिर फोड़नाकठिनाई स्वीकार करनाकठिन सवाल हल करने के लिए छात्रों ने सिर फोड़ा।
65दिल में उतरनायाद रखनागुरु के उपदेश दिल में उतर गए।
66आँखें फाड़नाध्यान से देखनाचित्रकार ने चित्र को आँखें फाड़कर देखा।
67कान का कच्चाभोलावह कान का कच्चा लड़का है।
68पेट में दर्द रखनाचिंतित होनापरीक्षा से पहले छात्र के पेट में दर्द था।
69नाक कटानाअपमानित होनाझूठ बोलने पर उसका नाक कट गया।
70मुँह मीठा करनाखुश होनापुरस्कार मिलने के बाद सभी ने मुँह मीठा किया।
71हाथ-पाँव फूलनाथक जानालंबी यात्रा के बाद उसका हाथ-पाँव फूल गया।
72आँखों में धूल झोंकनाभ्रमित करनाव्यापारी ने ग्राहक की आँखों में धूल झोंक दी।
73जी जान सेपूरी मेहनत सेउसने परीक्षा में सफलता पाने के लिए जी जान से पढ़ाई की।
74हाथ पर हाथ धरे बैठनानिष्क्रिय रहनासमस्या देखकर वह हाथ पर हाथ धरे बैठा रहा।
75दिल तोड़नादुख पहुँचानाउसकी बेवफ़ाई ने दिल तोड़ दिया।
76सिर खुजानाचिन्ता करनापरीक्षा में कम अंक आने पर सिर खुजाया।
77आँखों में आँसू लानादुख देनादुखद समाचार ने आँखों में आँसू ला दिए।
78कान भर सुननाध्यान से सुननाबच्चों ने मास्टर की बातें कान भर सुन लीं।
79मुँह से पानी गिरनाइच्छा होनामिठाई देखकर मुँह से पानी गिर रहा था।
80हाथ-पाँव मारनाप्रयास करनापरीक्षा में अच्छे अंक पाने के लिए हाथ-पाँव मारे।
81दिल खोलकरखुलकरउसने मित्र से दिल खोलकर बातें की।
82सिर चढ़ानाअहंकारी होनावह अपने काम में सिर चढ़ाता है।
83आँखें चार करनाढूँढनागुम हुई चाबी को ढूँढने के लिए आँखें चार की।
84पेट में खट्टी डालनानिराश होनानौकरी नहीं मिलने पर पेट में खट्टी डाल ली।
85नाच न जाने आँगन टेढ़ाअपनी अक्षमता का बहानाउसने खेल में हारकर कहा, नाच न जाने आँगन टेढ़ा।
86साँप छूने से डरनाभयभीत होनापरीक्षा के कठिन सवाल देखकर छात्र साँप छूने से डर गया।
87दिल पर पत्थर रख लेनाकठिन निर्णय लेनाकठिन स्थिति में उसने दिल पर पत्थर रख लिया।
88जीते जीजीवन मेंउसने जीते जी अपने लक्ष्य पूरे किए।
89समय बड़ा बलवानसमय से सब बदलता हैधैर्य रखें, समय बड़ा बलवान है।
90जैसे को तैसाजैसा व्यवहार वैसा परिणामझूठा बोला, जैसे को तैसा उसे भी झूठ का फल मिला।
91बूँद-बूँद से सागर बनता हैछोटे प्रयास से बड़ी सफलतारोज़ पढ़ाई करने से ज्ञान बूँद-बूँद से सागर बनता है।
92आँख मूँदकरविश्वासपूर्वकउसने मित्र पर आँख मूँदकर भरोसा किया।
93हाथ धोकर देनामदद करनासंकट में उसने मित्र की मदद हाथ धोकर दी।
94कानों कान रहनाअनसुना रखनाउसने सारी बातें कानों कान रखीं।
95दिल में उतरनायाद रखनागुरु के उपदेश दिल में उतर गए।
96मुँह मीठा करनाखुश होनापुरस्कार जीतकर छात्रों ने मुँह मीठा किया।
97पेट कटनाभयभीत होनापरीक्षा का कठिन सवाल देखकर छात्रों का पेट कट गया।
98आँखों में चमकखुशी या उत्साहपुरस्कार जीतकर उसकी आँखों में चमक थी।
99कान थामनाध्यान से सुननाबच्चों ने ध्यान से मास्टर की बातें कान थामकर सुनी।
100हाथ-पाँव जोड़नामदद माँगनाउसने मित्र से हाथ-पाँव जोड़कर मदद माँगी।

STEP - II

#मुहावराअर्थवाक्य में प्रयोग
101आँखों का धोखाभ्रम या गलत समझउसके सुंदर शब्द केवल आँखों का धोखा थे।
102हाथ की सफाईकुशल होनानए कर्मचारी की हाथ की सफाई देखकर बॉस खुश हुआ।
103घूँघट डालनाछुपानाउसने अपनी असली पहचान घूँघट डाल दी।
104आँखों में आँसू लानादुख देनासमाचार ने सभी की आँखों में आँसू ला दिए।
105जी भर खानाभरपूर खानात्यौहार पर सभी ने जी भर मिठाई खाई।
106सिर चढ़कर बोलनाअहंकारी होनाउसने सभा में सिर चढ़कर बोलना शुरू किया।
107हाथ-पाँव फूलनाथक जानालंबी यात्रा के बाद हाथ-पाँव फूल गए।
108दिल पर पत्थर रख लेनाकठोर निर्णय लेनाकठिन परिस्थिति में उसने दिल पर पत्थर रख लिया।
109नाक में दम करनापरेशान करनाबच्चों की शरारतों ने माँ की नाक में दम किया।
110मुँह मीठा करनाखुश होनापुरस्कार जीतकर बच्चों ने मुँह मीठा किया।
111पेट में दर्द रखनाचिंता करनापरीक्षा से पहले छात्र के पेट में दर्द था।
112कान भर सुननाध्यान से सुननाछात्रों ने शिक्षक की बातें कान भर सुन लीं।
113आँखें चार करनाढूँढनागुम हुई चाबी को ढूँढने के लिए उसने आँखें चार की।
114सिर फोड़नाकठिनाई स्वीकार करनागणित का कठिन सवाल हल करने के लिए उसने सिर फोड़ा।
115दिल में उतरनायाद रखनागुरु के उपदेश बच्चों के दिल में उतर गए।
116हाथ पर हाथ धरे बैठनानिष्क्रिय रहनासमस्या देखकर वह हाथ पर हाथ धरे बैठा रहा।
117आँखों में धूल झोंकनाभ्रमित करनाव्यापारी ने ग्राहक की आँखों में धूल झोंक दी।
118साँप छूने से डरनाभयभीत होनापरीक्षा के कठिन सवाल देखकर छात्र साँप छूने से डर गया।
119नाच न जाने आँगन टेढ़ाअपनी अक्षमता का बहानाखेल में हारकर उसने कहा, नाच न जाने आँगन टेढ़ा।
120जैसे को तैसाजैसा व्यवहार वैसा ही परिणामझूठा बोला, जैसे को तैसा उसे भी झूठ का फल मिला।
121बूँद-बूँद से सागर बनता हैछोटे प्रयास से बड़ी सफलतारोज़ पढ़ाई करने से ज्ञान बूँद-बूँद से सागर बनता है।
122जी जान सेपूरी मेहनत सेउसने परीक्षा में सफलता पाने के लिए जी जान से पढ़ाई की।
123आँख मूँदकरविश्वासपूर्वकउसने मित्र पर आँख मूँदकर भरोसा किया।
124हाथ धोकर देनामदद करनासंकट में उसने मित्र की मदद हाथ धोकर दी।
125कानों कान रहनाअनसुना रखनाउसने सारी बातें कानों कान रखीं।
126मुँह से पानी गिरनाबहुत इच्छा होनामिठाई देखकर मुँह से पानी गिर रहा था।
127दिल खोलकरखुलकरउसने मित्र से दिल खोलकर बातें की।
128पेट कटनाभयभीत होनापरीक्षा का कठिन सवाल देखकर छात्रों का पेट कट गया।
129आँखों में चमकखुशी या उत्साहपुरस्कार जीतकर उसकी आँखों में चमक थी।
130कान थामनाध्यान से सुननाबच्चों ने ध्यान से मास्टर की बातें कान थामकर सुनी।
131हाथ-पाँव जोड़नामदद माँगनाउसने मित्र से हाथ-पाँव जोड़कर मदद माँगी।
132दिल तोड़नादुख पहुँचानाउसकी बेवफ़ाई ने उसका दिल तोड़ दिया।
133सिर खुजानाचिन्ता करनापरीक्षा में कम अंक आने पर सिर खुजाया।
134आँखों का ताराप्रियवह अपने बच्चों की आँखों का तारा है।
135हाथ-पाँव मारनाकोशिश करनानौकरी पाने के लिए उसने हाथ-पाँव मारे।
136मुँह मीठा करनाखुश होनापुरस्कार मिलने के बाद सभी ने मुँह मीठा किया।
137पेट में खट्टी डालनानिराश होनानौकरी नहीं मिलने पर पेट में खट्टी डाल ली।
138नाक कटानाअपमानित होनाझूठ बोलने पर उसका नाक कट गया।
139दिल में बसानायाद रखनाउसने गुरु के उपदेश को दिल में बसा लिया।
140आँख मूँदनाअनदेखा करनाउसने अपनी गलती को आँख मूँदकर छोड़ दिया।
141जी भर खानामन भरकर खानात्यौहार पर सभी ने जी भर मिठाई खाई।
142हाथ धोकर देनामदद करनासंकट में उसने मित्र की मदद हाथ धोकर दी।
143आँखों में आँसू लानादुख देनादुखद समाचार ने आँखों में आँसू ला दिए।
144सिर फोड़नामेहनत करनाकठिन गणित का सवाल हल करने के लिए उसने सिर फोड़ा।
145दिल पर हाथ रखनासच बोलनाउसने अपने दिल पर हाथ रखकर सच कहा।
146कान भर सुननाध्यान से सुननाबच्चों ने मास्टर की बातें कान भर सुन लीं।
147हाथ-पाँव फूलनाथक जानालंबी यात्रा के बाद हाथ-पाँव फूल गए।
148आँखें चार करनाखोज करनागुम हुई चाबी को ढूँढने के लिए उसने आँखें चार की।
149नाक में दम करनापरेशान करनाबच्चों की शरारतों ने माँ की नाक में दम किया।
150साँप छूने से डरनाभयभीत होनापरीक्षा के कठिन सवाल देखकर छात्र साँप छूने से डर गया।
151आँखों का धोखाभ्रमउसके सुंदर शब्द केवल आँखों का धोखा थे।
152हाथ की सफाईकुशल होनानए कर्मचारी की हाथ की सफाई देखकर बॉस खुश हुआ।
153घूँघट डालनाछुपानाउसने अपनी असली पहचान घूँघट डाल दी।
154आँखों में धूल झोंकनाभ्रमित करनाव्यापारी ने ग्राहक की आँखों में धूल झोंक दी।
155पेट कटनाभयभीत होनापरीक्षा का कठिन सवाल देखकर छात्रों का पेट कट गया।
156दिल खोलकरखुलकरउसने मित्र से दिल खोलकर बातें की।
157कानों कान रहनाअनसुना रखनाउसने सारी बातें कानों कान रखीं।
158जीते जीजीवन मेंउसने जीते जी अपने लक्ष्य पूरे किए।
159समय बड़ा बलवानसमय से सब बदलता हैधैर्य रखें, समय बड़ा बलवान है।
160बूँद-बूँद से सागर बनता हैछोटे प्रयास से बड़ी सफलतारोज़ पढ़ाई करने से ज्ञान बूँद-बूँद से सागर बनता है।
161हाथ-पाँव जोड़नामदद माँगनाउसने मित्र से हाथ-पाँव जोड़कर मदद माँगी।
162सिर चढ़कर बोलनाअहंकारी होनासभा में उसने सिर चढ़कर बोलना शुरू किया।
163आँखों में चमकखुशी या उत्साहपुरस्कार जीतकर उसकी आँखों में चमक थी।
164मुँह से पानी गिरनाइच्छा होनामिठाई देखकर मुँह से पानी गिर रहा था।
165पेट में दर्द रखनाचिंतित होनापरीक्षा से पहले छात्र के पेट में दर्द था।
166दिल तोड़नादुख पहुँचानाउसकी बेवफ़ाई ने उसका दिल तोड़ दिया।
167आँखों का ताराप्रियवह अपने बच्चों की आँखों का तारा है।
168सिर फोड़नामेहनत करनाकठिन गणित का सवाल हल करने के लिए उसने सिर फोड़ा।
169दिल में उतरनायाद रखनागुरु के उपदेश दिल में उतर गए।
170हाथ पर हाथ धरे बैठनानिष्क्रिय रहनासमस्या देखकर वह हाथ पर हाथ धरे बैठा रहा।
171जी जान सेपूरी मेहनत सेउसने परीक्षा में सफलता पाने के लिए जी जान से पढ़ाई की।
172आँख मूँदकरविश्वासपूर्वकउसने मित्र पर आँख मूँदकर भरोसा किया।
173हाथ धोकर देनामदद करनासंकट में उसने मित्र की मदद हाथ धोकर दी।
174कान थामनाध्यान से सुननाबच्चों ने ध्यान से मास्टर की बातें कान थामकर सुनी।
175आँखें चार करनाढूँढनागुम हुई चाबी को ढूँढने के लिए आँखें चार की।
176नाच न जाने आँगन टेढ़ाअपनी अक्षमता का बहानाखेल में हारकर उसने कहा, नाच न जाने आँगन टेढ़ा।
177जैसे को तैसाजैसा व्यवहार वैसा ही परिणामझूठा बोला, जैसे को तैसा उसे भी झूठ का फल मिला।
178बूँद-बूँद से सागर बनता हैछोटे प्रयास से बड़ी सफलतारोज़ पढ़ाई करने से ज्ञान बूँद-बूँद से सागर बनता है।
179आँखों में आँसू लानादुख देनासमाचार ने सभी की आँखों में आँसू ला दिए।
180पेट में खट्टी डालनानिराश होनानौकरी नहीं मिलने पर पेट में खट्टी डाल ली।
181नाक कटानाअपमानित होनाझूठ बोलने पर उसका नाक कट गया।
182मुँह मीठा करनाखुश होनापुरस्कार जीतकर छात्रों ने मुँह मीठा किया।
183हाथ-पाँव फूलनाथक जानालंबी यात्रा के बाद हाथ-पाँव फूल गए।
184सिर खुजानाचिन्ता करनापरीक्षा में कम अंक आने पर सिर खुजाया।
185साँप छूने से डरनाभयभीत होनापरीक्षा के कठिन सवाल देखकर छात्र साँप छूने से डर गया।
186दिल पर पत्थर रख लेनाकठोर निर्णय लेनाकठिन परिस्थिति में उसने दिल पर पत्थर रख लिया।
187जीते जीजीवन मेंउसने जीते जी अपने लक्ष्य पूरे किए।
188समय बड़ा बलवानसमय से सब बदलता हैधैर्य रखें, समय बड़ा बलवान है।
189कानों कान रहनाअनसुना रखनाउसने सारी बातें कानों कान रखीं।
190आँखों का धोखाभ्रमउसके सुंदर शब्द केवल आँखों का धोखा थे।
191हाथ की सफाईकुशल होनानए कर्मचारी की हाथ की सफाई देखकर बॉस खुश हुआ।
192घूँघट डालनाछुपानाउसने अपनी असली पहचान घूँघट डाल दी।
193दिल खोलकरखुलकरउसने मित्र से दिल खोलकर बातें की।
194पेट कटनाभयभीत होनापरीक्षा का कठिन सवाल देखकर छात्रों का पेट कट गया।
195मुँह से पानी गिरनाबहुत इच्छा होनामिठाई देखकर मुँह से पानी गिर रहा था।
196आँखों में चमकखुशी या उत्साहपुरस्कार जीतकर उसकी आँखों में चमक थी।
197सिर फोड़नामेहनत करनाकठिन गणित का सवाल हल करने के लिए उसने सिर फोड़ा।
198दिल में उतरनायाद रखनागुरु के उपदेश दिल में उतर गए।
199हाथ पर हाथ धरे बैठनानिष्क्रिय रहनासमस्या देखकर वह हाथ पर हाथ धरे बैठा रहा।
200आँख मूँदकरविश्वासपूर्वकउसने मित्र पर आँख मूँदकर भरोसा किया।

STEP - III

#मुहावराअर्थवाक्य में प्रयोग
201आँखों में धूल झोंकनाभ्रमित करनाव्यापारी ने ग्राहक की आँखों में धूल झोंक दी।
202हाथ-पाँव फूलनाथक जानालंबी यात्रा के बाद उसका हाथ-पाँव फूल गए।
203मुँह मीठा करनाखुश होनापुरस्कार मिलने के बाद सभी ने मुँह मीठा किया।
204दिल पर पत्थर रख लेनाकठोर निर्णय लेनाकठिन परिस्थिति में उसने दिल पर पत्थर रख लिया।
205पेट कटनाभयभीत होनापरीक्षा का कठिन सवाल देखकर छात्रों का पेट कट गया।
206कान भर सुननाध्यान से सुननाबच्चों ने मास्टर की बातें कान भर सुन लीं।
207हाथ धोकर देनामदद करनासंकट में उसने मित्र की मदद हाथ धोकर दी।
208आँख मूँदकरविश्वासपूर्वकउसने मित्र पर आँख मूँदकर भरोसा किया।
209जी भर खानाभरपूर खानात्यौहार पर सभी ने जी भर मिठाई खाई।
210सिर फोड़नामेहनत करनाकठिन गणित का सवाल हल करने के लिए उसने सिर फोड़ा।
211आँखों का ताराप्रियवह अपने बच्चों की आँखों का तारा है।
212सिर चढ़कर बोलनाअहंकारी होनासभा में उसने सिर चढ़कर बोलना शुरू किया।
213हाथ-पाँव मारनाकोशिश करनानौकरी पाने के लिए उसने हाथ-पाँव मारे।
214नाच न जाने आँगन टेढ़ाअपनी अक्षमता का बहानाखेल में हारकर उसने कहा, नाच न जाने आँगन टेढ़ा।
215जैसे को तैसाजैसा व्यवहार वैसा ही परिणामझूठा बोला, जैसे को तैसा उसे भी झूठ का फल मिला।
216बूँद-बूँद से सागर बनता हैछोटे प्रयास से बड़ी सफलतारोज़ पढ़ाई करने से ज्ञान बूँद-बूँद से सागर बनता है।
217आँखों में आँसू लानादुख देनासमाचार ने सभी की आँखों में आँसू ला दिए।
218पेट में खट्टी डालनानिराश होनानौकरी नहीं मिलने पर पेट में खट्टी डाल ली।
219नाक कटानाअपमानित होनाझूठ बोलने पर उसका नाक कट गया।
220दिल खोलकरखुलकरउसने मित्र से दिल खोलकर बातें की।
221कानों कान रहनाअनसुना रखनाउसने सारी बातें कानों कान रखीं।
222हाथ पर हाथ धरे बैठनानिष्क्रिय रहनासमस्या देखकर वह हाथ पर हाथ धरे बैठा रहा।
223साँप छूने से डरनाभयभीत होनापरीक्षा के कठिन सवाल देखकर छात्र साँप छूने से डर गया।
224आँखों का धोखाभ्रमउसके सुंदर शब्द केवल आँखों का धोखा थे।
225हाथ की सफाईकुशल होनानए कर्मचारी की हाथ की सफाई देखकर बॉस खुश हुआ।
226घूँघट डालनाछुपानाउसने अपनी असली पहचान घूँघट डाल दी।
227आँखें चार करनाढूँढनागुम हुई चाबी को ढूँढने के लिए उसने आँखें चार की।
228सिर खुजानाचिन्ता करनापरीक्षा में कम अंक आने पर सिर खुजाया।
229मुँह से पानी गिरनाबहुत इच्छा होनामिठाई देखकर मुँह से पानी गिर रहा था।
230दिल में उतरनायाद रखनागुरु के उपदेश दिल में उतर गए।
231हाथ-पाँव जोड़नामदद माँगनाउसने मित्र से हाथ-पाँव जोड़कर मदद माँगी।
232पेट में दर्द रखनाचिंता करनापरीक्षा से पहले छात्र के पेट में दर्द था।
233आँखों में चमकखुशी या उत्साहपुरस्कार जीतकर उसकी आँखों में चमक थी।
234कान थामनाध्यान से सुननाबच्चों ने ध्यान से मास्टर की बातें कान थामकर सुनी।
235नाक में दम करनापरेशान करनाबच्चों की शरारतों ने माँ की नाक में दम किया।
236जी जान सेपूरी मेहनत सेउसने परीक्षा में सफलता पाने के लिए जी जान से पढ़ाई की।
237सिर फोड़नाकठिनाई स्वीकार करनागणित का कठिन सवाल हल करने के लिए उसने सिर फोड़ा।
238हाथ धोकर देनामदद करनासंकट में उसने मित्र की मदद हाथ धोकर दी।
239आँख मूँदनाअनदेखा करनाउसने अपनी गलती को आँख मूँदकर छोड़ दिया।
240जीते जीजीवन मेंउसने जीते जी अपने लक्ष्य पूरे किए।
241समय बड़ा बलवानसमय से सब बदलता हैधैर्य रखें, समय बड़ा बलवान है।
242दिल तोड़नादुख पहुँचानाउसकी बेवफ़ाई ने उसका दिल तोड़ दिया।
243मुँह मीठा करनाखुश होनापुरस्कार जीतकर छात्रों ने मुँह मीठा किया।
244आँखों में आँसू लानादुख देनासमाचार ने सभी की आँखों में आँसू ला दिए।
245पेट कटनाभयभीत होनापरीक्षा का कठिन सवाल देखकर छात्रों का पेट कट गया।
246सिर चढ़कर बोलनाअहंकारी होनासभा में उसने सिर चढ़कर बोलना शुरू किया।
247हाथ-पाँव मारनाकोशिश करनानौकरी पाने के लिए उसने हाथ-पाँव मारे।
248नाच न जाने आँगन टेढ़ाअपनी अक्षमता का बहानाखेल में हारकर उसने कहा, नाच न जाने आँगन टेढ़ा।
249जैसे को तैसाजैसा व्यवहार वैसा ही परिणामझूठा बोला, जैसे को तैसा उसे भी झूठ का फल मिला।
250बूँद-बूँद से सागर बनता हैछोटे प्रयास से बड़ी सफलतारोज़ पढ़ाई करने से ज्ञान बूँद-बूँद से सागर बनता है।
251आँखों का ताराप्रियवह अपने बच्चों की आँखों का तारा है।
252सिर खुजानाचिन्ता करनापरीक्षा में कम अंक आने पर सिर खुजाया।
253हाथ-पाँव फूलनाथक जानालंबी यात्रा के बाद हाथ-पाँव फूल गए।
254कानों कान रहनाअनसुना रखनाउसने सारी बातें कानों कान रखीं।
255आँखें चार करनाढूँढनागुम हुई चाबी को ढूँढने के लिए उसने आँखें चार की।
256पेट में खट्टी डालनानिराश होनानौकरी नहीं मिलने पर पेट में खट्टी डाल ली।
257नाक कटानाअपमानित होनाझूठ बोलने पर उसका नाक कट गया।
258आँखों में धूल झोंकनाभ्रमित करनाव्यापारी ने ग्राहक की आँखों में धूल झोंक दी।
259दिल खोलकरखुलकरउसने मित्र से दिल खोलकर बातें की।
260साँप छूने से डरनाभयभीत होनापरीक्षा के कठिन सवाल देखकर छात्र साँप छूने से डर गया।
261हाथ की सफाईकुशल होनानए कर्मचारी की हाथ की सफाई देखकर बॉस खुश हुआ।
262घूँघट डालनाछुपानाउसने अपनी असली पहचान घूँघट डाल दी।
263हाथ-पाँव जोड़नामदद माँगनाउसने मित्र से हाथ-पाँव जोड़कर मदद माँगी।
264कान थामनाध्यान से सुननाबच्चों ने ध्यान से मास्टर की बातें कान थामकर सुनी।
265मुँह से पानी गिरनाबहुत इच्छा होनामिठाई देखकर मुँह से पानी गिर रहा था।
266जी भर खानाभरपूर खानात्यौहार पर सभी ने जी भर मिठाई खाई।
267दिल में उतरनायाद रखनागुरु के उपदेश दिल में उतर गए।
268सिर फोड़नामेहनत करनाकठिन गणित का सवाल हल करने के लिए उसने सिर फोड़ा।
269पेट में दर्द रखनाचिंता करनापरीक्षा से पहले छात्र के पेट में दर्द था।
270आँखों का धोखाभ्रमउसके सुंदर शब्द केवल आँखों का धोखा थे।
271हाथ धोकर देनामदद करनासंकट में उसने मित्र की मदद हाथ धोकर दी।
272दिल तोड़नादुख पहुँचानाउसकी बेवफ़ाई ने उसका दिल तोड़ दिया।
273मुँह मीठा करनाखुश होनापुरस्कार जीतकर छात्रों ने मुँह मीठा किया।
274हाथ पर हाथ धरे बैठनानिष्क्रिय रहनासमस्या देखकर वह हाथ पर हाथ धरे बैठा रहा।
275आँखों में आँसू लानादुख देनासमाचार ने सभी की आँखों में आँसू ला दिए।
276सिर चढ़कर बोलनाअहंकारी होनासभा में उसने सिर चढ़कर बोलना शुरू किया।
277हाथ-पाँव मारनाकोशिश करनानौकरी पाने के लिए उसने हाथ-पाँव मारे।
278नाच न जाने आँगन टेढ़ाअपनी अक्षमता का बहानाखेल में हारकर उसने कहा, नाच न जाने आँगन टेढ़ा।
279जैसे को तैसाजैसा व्यवहार वैसा ही परिणामझूठा बोला, जैसे को तैसा उसे भी झूठ का फल मिला।
280बूँद-बूँद से सागर बनता हैछोटे प्रयास से बड़ी सफलतारोज़ पढ़ाई करने से ज्ञान बूँद-बूँद से सागर बनता है।
281आँखों का ताराप्रियवह अपने बच्चों की आँखों का तारा है।
282सिर खुजानाचिन्ता करनापरीक्षा में कम अंक आने पर सिर खुजाया।
283पेट कटनाभयभीत होनापरीक्षा का कठिन सवाल देखकर छात्रों का पेट कट गया।
284कानों कान रहनाअनसुना रखनाउसने सारी बातें कानों कान रखीं।
285आँखें चार करनाढूँढनागुम हुई चाबी को ढूँढने के लिए उसने आँखें चार की।
286पेट में खट्टी डालनानिराश होनानौकरी नहीं मिलने पर पेट में खट्टी डाल ली।
287नाक कटानाअपमानित होनाझूठ बोलने पर उसका नाक कट गया।
288आँखों में धूल झोंकनाभ्रमित करनाव्यापारी ने ग्राहक की आँखों में धूल झोंक दी।
289दिल खोलकरखुलकरउसने मित्र से दिल खोलकर बातें की।
290साँप छूने से डरनाभयभीत होनापरीक्षा के कठिन सवाल देखकर छात्र साँप छूने से डर गया।
291हाथ की सफाईकुशल होनानए कर्मचारी की हाथ की सफाई देखकर बॉस खुश हुआ।
292घूँघट डालनाछुपानाउसने अपनी असली पहचान घूँघट डाल दी।
293हाथ-पाँव जोड़नामदद माँगनाउसने मित्र से हाथ-पाँव जोड़कर मदद माँगी।
294कान थामनाध्यान से सुननाबच्चों ने ध्यान से मास्टर की बातें कान थामकर सुनी।
295मुँह से पानी गिरनाबहुत इच्छा होनामिठाई देखकर मुँह से पानी गिर रहा था।
296जी भर खानाभरपूर खानात्यौहार पर सभी ने जी भर मिठाई खाई।
297दिल में उतरनायाद रखनागुरु के उपदेश दिल में उतर गए।
298सिर फोड़नामेहनत करनाकठिन गणित का सवाल हल करने के लिए उसने सिर फोड़ा।
299पेट में दर्द रखनाचिंता करनापरीक्षा से पहले छात्र के पेट में दर्द था।
300आँखों का धोखाभ्रमउसके सुंदर शब्द केवल आँखों का धोखा थे।

STEP - IV

#मुहावराअर्थवाक्य में प्रयोग
301आँखों का ताराप्रियवह अपने छोटे भाई की आँखों का तारा है।
302हाथ-पाँव फूलनाथक जानालंबी यात्रा के बाद उसका हाथ-पाँव फूल गए।
303मुँह मीठा करनाखुश होनापुरस्कार मिलने के बाद सभी ने मुँह मीठा किया।
304दिल पर पत्थर रख लेनाकठोर निर्णय लेनाकठिन परिस्थिति में उसने दिल पर पत्थर रख लिया।
305पेट कटनाभयभीत होनापरीक्षा का कठिन सवाल देखकर छात्रों का पेट कट गया।
306कान भर सुननाध्यान से सुननाबच्चों ने शिक्षक की बातें कान भर सुन लीं।
307हाथ धोकर देनामदद करनासंकट में उसने मित्र की मदद हाथ धोकर दी।
308आँख मूँदकरविश्वासपूर्वकउसने मित्र पर आँख मूँदकर भरोसा किया।
309जी भर खानाभरपूर खानात्यौहार पर सभी ने जी भर मिठाई खाई।
310सिर फोड़नामेहनत करनाकठिन गणित का सवाल हल करने के लिए उसने सिर फोड़ा।
311आँखों का धोखाभ्रमउसके सुंदर शब्द केवल आँखों का धोखा थे।
312हाथ की सफाईकुशल होनानए कर्मचारी की हाथ की सफाई देखकर बॉस खुश हुआ।
313घूँघट डालनाछुपानाउसने अपनी असली पहचान घूँघट डाल दी।
314आँखें चार करनाढूँढनागुम हुई चाबी को ढूँढने के लिए उसने आँखें चार की।
315सिर खुजानाचिन्ता करनापरीक्षा में कम अंक आने पर सिर खुजाया।
316मुँह से पानी गिरनाबहुत इच्छा होनामिठाई देखकर मुँह से पानी गिर रहा था।
317दिल में उतरनायाद रखनागुरु के उपदेश दिल में उतर गए।
318हाथ-पाँव जोड़नामदद माँगनाउसने मित्र से हाथ-पाँव जोड़कर मदद माँगी।
319पेट में दर्द रखनाचिंता करनापरीक्षा से पहले छात्र के पेट में दर्द था।
320आँखों में चमकखुशी या उत्साहपुरस्कार जीतकर उसकी आँखों में चमक थी।
321कान थामनाध्यान से सुननाबच्चों ने ध्यान से मास्टर की बातें कान थामकर सुनी।
322नाक में दम करनापरेशान करनाबच्चों की शरारतों ने माँ की नाक में दम किया।
323जी जान सेपूरी मेहनत सेउसने परीक्षा में सफलता पाने के लिए जी जान से पढ़ाई की।
324सिर फोड़नाकठिनाई स्वीकार करनागणित का कठिन सवाल हल करने के लिए उसने सिर फोड़ा।
325हाथ धोकर देनामदद करनासंकट में उसने मित्र की मदद हाथ धोकर दी।
326आँख मूँदनाअनदेखा करनाउसने अपनी गलती को आँख मूँदकर छोड़ दिया।
327जीते जीजीवन मेंउसने जीते जी अपने लक्ष्य पूरे किए।
328समय बड़ा बलवानसमय से सब बदलता हैधैर्य रखें, समय बड़ा बलवान है।
329दिल तोड़नादुख पहुँचानाउसकी बेवफ़ाई ने उसका दिल तोड़ दिया।
330मुँह मीठा करनाखुश होनापुरस्कार जीतकर छात्रों ने मुँह मीठा किया।
331आँखों में आँसू लानादुख देनासमाचार ने सभी की आँखों में आँसू ला दिए।
332पेट कटनाभयभीत होनापरीक्षा का कठिन सवाल देखकर छात्रों का पेट कट गया।
333सिर चढ़कर बोलनाअहंकारी होनासभा में उसने सिर चढ़कर बोलना शुरू किया।
334हाथ-पाँव मारनाकोशिश करनानौकरी पाने के लिए उसने हाथ-पाँव मारे।
335नाच न जाने आँगन टेढ़ाअपनी अक्षमता का बहानाखेल में हारकर उसने कहा, नाच न जाने आँगन टेढ़ा।
336जैसे को तैसाजैसा व्यवहार वैसा ही परिणामझूठा बोला, जैसे को तैसा उसे भी झूठ का फल मिला।
337बूँद-बूँद से सागर बनता हैछोटे प्रयास से बड़ी सफलतारोज़ पढ़ाई करने से ज्ञान बूँद-बूँद से सागर बनता है।
338आँखों का ताराप्रियवह अपने बच्चों की आँखों का तारा है।
339सिर खुजानाचिन्ता करनापरीक्षा में कम अंक आने पर सिर खुजाया।
340हाथ-पाँव फूलनाथक जानालंबी यात्रा के बाद हाथ-पाँव फूल गए।
341कानों कान रहनाअनसुना रखनाउसने सारी बातें कानों कान रखीं।
342आँखें चार करनाढूँढनागुम हुई चाबी को ढूँढने के लिए उसने आँखें चार की।
343पेट में खट्टी डालनानिराश होनानौकरी नहीं मिलने पर पेट में खट्टी डाल ली।
344नाक कटानाअपमानित होनाझूठ बोलने पर उसका नाक कट गया।
345आँखों में धूल झोंकनाभ्रमित करनाव्यापारी ने ग्राहक की आँखों में धूल झोंक दी।
346दिल खोलकरखुलकरउसने मित्र से दिल खोलकर बातें की।
347साँप छूने से डरनाभयभीत होनापरीक्षा के कठिन सवाल देखकर छात्र साँप छूने से डर गया।
348हाथ की सफाईकुशल होनानए कर्मचारी की हाथ की सफाई देखकर बॉस खुश हुआ।
349घूँघट डालनाछुपानाउसने अपनी असली पहचान घूँघट डाल दी।
350हाथ-पाँव जोड़नामदद माँगनाउसने मित्र से हाथ-पाँव जोड़कर मदद माँगी।
351कान थामनाध्यान से सुननाबच्चों ने ध्यान से मास्टर की बातें कान थामकर सुनी।
352मुँह से पानी गिरनाबहुत इच्छा होनामिठाई देखकर मुँह से पानी गिर रहा था।
353जी भर खानाभरपूर खानात्यौहार पर सभी ने जी भर मिठाई खाई।
354दिल में उतरनायाद रखनागुरु के उपदेश दिल में उतर गए।
355सिर फोड़नामेहनत करनाकठिन गणित का सवाल हल करने के लिए उसने सिर फोड़ा।
356पेट में दर्द रखनाचिंता करनापरीक्षा से पहले छात्र के पेट में दर्द था।
357आँखों का धोखाभ्रमउसके सुंदर शब्द केवल आँखों का धोखा थे।
358हाथ धोकर देनामदद करनासंकट में उसने मित्र की मदद हाथ धोकर दी।
359दिल तोड़नादुख पहुँचानाउसकी बेवफ़ाई ने उसका दिल तोड़ दिया।
360मुँह मीठा करनाखुश होनापुरस्कार जीतकर छात्रों ने मुँह मीठा किया।
361हाथ पर हाथ धरे बैठनानिष्क्रिय रहनासमस्या देखकर वह हाथ पर हाथ धरे बैठा रहा।
362आँखों में आँसू लानादुख देनासमाचार ने सभी की आँखों में आँसू ला दिए।
363सिर चढ़कर बोलनाअहंकारी होनासभा में उसने सिर चढ़कर बोलना शुरू किया।
364हाथ-पाँव मारनाकोशिश करनानौकरी पाने के लिए उसने हाथ-पाँव मारे।
365नाच न जाने आँगन टेढ़ाअपनी अक्षमता का बहानाखेल में हारकर उसने कहा, नाच न जाने आँगन टेढ़ा।
366जैसे को तैसाजैसा व्यवहार वैसा ही परिणामझूठा बोला, जैसे को तैसा उसे भी झूठ का फल मिला।
367बूँद-बूँद से सागर बनता हैछोटे प्रयास से बड़ी सफलतारोज़ पढ़ाई करने से ज्ञान बूँद-बूँद से सागर बनता है।
368आँखों का ताराप्रियवह अपने बच्चों की आँखों का तारा है।
369सिर खुजानाचिन्ता करनापरीक्षा में कम अंक आने पर सिर खुजाया।
370हाथ-पाँव फूलनाथक जानालंबी यात्रा के बाद हाथ-पाँव फूल गए।
371कानों कान रहनाअनसुना रखनाउसने सारी बातें कानों कान रखीं।
372आँखें चार करनाढूँढनागुम हुई चाबी को ढूँढने के लिए उसने आँखें चार की।
373पेट में खट्टी डालनानिराश होनानौकरी नहीं मिलने पर पेट में खट्टी डाल ली।
374नाक कटानाअपमानित होनाझूठ बोलने पर उसका नाक कट गया।
375आँखों में धूल झोंकनाभ्रमित करनाव्यापारी ने ग्राहक की आँखों में धूल झोंक दी।
376दिल खोलकरखुलकरउसने मित्र से दिल खोलकर बातें की।
377साँप छूने से डरनाभयभीत होनापरीक्षा के कठिन सवाल देखकर छात्र साँप छूने से डर गया।
378हाथ की सफाईकुशल होनानए कर्मचारी की हाथ की सफाई देखकर बॉस खुश हुआ।
379घूँघट डालनाछुपानाउसने अपनी असली पहचान घूँघट डाल दी।
380हाथ-पाँव जोड़नामदद माँगनाउसने मित्र से हाथ-पाँव जोड़कर मदद माँगी।
381कान थामनाध्यान से सुननाबच्चों ने ध्यान से मास्टर की बातें कान थामकर सुनी।
382मुँह से पानी गिरनाबहुत इच्छा होनामिठाई देखकर मुँह से पानी गिर रहा था।
383जी भर खानाभरपूर खानात्यौहार पर सभी ने जी भर मिठाई खाई।
384दिल में उतरनायाद रखनागुरु के उपदेश दिल में उतर गए।
385सिर फोड़नामेहनत करनाकठिन गणित का सवाल हल करने के लिए उसने सिर फोड़ा।
386पेट में दर्द रखनाचिंता करनापरीक्षा से पहले छात्र के पेट में दर्द था।
387आँखों का धोखाभ्रमउसके सुंदर शब्द केवल आँखों का धोखा थे।
388हाथ धोकर देनामदद करनासंकट में उसने मित्र की मदद हाथ धोकर दी।
389दिल तोड़नादुख पहुँचानाउसकी बेवफ़ाई ने उसका दिल तोड़ दिया।
390मुँह मीठा करनाखुश होनापुरस्कार जीतकर छात्रों ने मुँह मीठा किया।
391हाथ पर हाथ धरे बैठनानिष्क्रिय रहनासमस्या देखकर वह हाथ पर हाथ धरे बैठा रहा।
392आँखों में आँसू लानादुख देनासमाचार ने सभी की आँखों में आँसू ला दिए।
393सिर चढ़कर बोलनाअहंकारी होनासभा में उसने सिर चढ़कर बोलना शुरू किया।
394हाथ-पाँव मारनाकोशिश करनानौकरी पाने के लिए उसने हाथ-पाँव मारे।
395नाच न जाने आँगन टेढ़ाअपनी अक्षमता का बहानाखेल में हारकर उसने कहा, नाच न जाने आँगन टेढ़ा।
396जैसे को तैसाजैसा व्यवहार वैसा ही परिणामझूठा बोला, जैसे को तैसा उसे भी झूठ का फल मिला।
397बूँद-बूँद से सागर बनता हैछोटे प्रयास से बड़ी सफलतारोज़ पढ़ाई करने से ज्ञान बूँद-बूँद से सागर बनता है।
398आँखों का ताराप्रियवह अपने बच्चों की आँखों का तारा है।
399सिर खुजानाचिन्ता करनापरीक्षा में कम अंक आने पर सिर खुजाया।
400हाथ-पाँव फूलनाथक जानालंबी यात्रा के बाद हाथ-पाँव फूल गए।

STEP - V

#मुहावराअर्थवाक्य में प्रयोग
401आँखों का ताराप्रियवह अपने छोटे भाई की आँखों का तारा है।
402हाथ-पाँव फूलनाथक जानालंबी यात्रा के बाद उसका हाथ-पाँव फूल गए।
403मुँह मीठा करनाखुश होनापुरस्कार मिलने के बाद सभी ने मुँह मीठा किया।
404दिल पर पत्थर रख लेनाकठोर निर्णय लेनाकठिन परिस्थिति में उसने दिल पर पत्थर रख लिया।
405पेट कटनाभयभीत होनापरीक्षा का कठिन सवाल देखकर छात्रों का पेट कट गया।
406कान भर सुननाध्यान से सुननाबच्चों ने शिक्षक की बातें कान भर सुन लीं।
407हाथ धोकर देनामदद करनासंकट में उसने मित्र की मदद हाथ धोकर दी।
408आँख मूँदकरविश्वासपूर्वकउसने मित्र पर आँख मूँदकर भरोसा किया।
409जी भर खानाभरपूर खानात्यौहार पर सभी ने जी भर मिठाई खाई।
410सिर फोड़नामेहनत करनाकठिन गणित का सवाल हल करने के लिए उसने सिर फोड़ा।
411आँखों का धोखाभ्रमउसके सुंदर शब्द केवल आँखों का धोखा थे।
412हाथ की सफाईकुशल होनानए कर्मचारी की हाथ की सफाई देखकर बॉस खुश हुआ।
413घूँघट डालनाछुपानाउसने अपनी असली पहचान घूँघट डाल दी।
414आँखें चार करनाढूँढनागुम हुई चाबी को ढूँढने के लिए उसने आँखें चार की।
415सिर खुजानाचिन्ता करनापरीक्षा में कम अंक आने पर सिर खुजाया।
416मुँह से पानी गिरनाबहुत इच्छा होनामिठाई देखकर मुँह से पानी गिर रहा था।
417दिल में उतरनायाद रखनागुरु के उपदेश दिल में उतर गए।
418हाथ-पाँव जोड़नामदद माँगनाउसने मित्र से हाथ-पाँव जोड़कर मदद माँगी।
419पेट में दर्द रखनाचिंता करनापरीक्षा से पहले छात्र के पेट में दर्द था।
420आँखों में चमकखुशी या उत्साहपुरस्कार जीतकर उसकी आँखों में चमक थी।
421कान थामनाध्यान से सुननाबच्चों ने ध्यान से मास्टर की बातें कान थामकर सुनी।
422नाक में दम करनापरेशान करनाबच्चों की शरारतों ने माँ की नाक में दम किया।
423जी जान सेपूरी मेहनत सेउसने परीक्षा में सफलता पाने के लिए जी जान से पढ़ाई की।
424सिर फोड़नाकठिनाई स्वीकार करनागणित का कठिन सवाल हल करने के लिए उसने सिर फोड़ा।
425हाथ धोकर देनामदद करनासंकट में उसने मित्र की मदद हाथ धोकर दी।
426आँख मूँदनाअनदेखा करनाउसने अपनी गलती को आँख मूँदकर छोड़ दिया।
427जीते जीजीवन मेंउसने जीते जी अपने लक्ष्य पूरे किए।
428समय बड़ा बलवानसमय से सब बदलता हैधैर्य रखें, समय बड़ा बलवान है।
429दिल तोड़नादुख पहुँचानाउसकी बेवफ़ाई ने उसका दिल तोड़ दिया।
430मुँह मीठा करनाखुश होनापुरस्कार जीतकर छात्रों ने मुँह मीठा किया।
431आँखों में आँसू लानादुख देनासमाचार ने सभी की आँखों में आँसू ला दिए।
432पेट कटनाभयभीत होनापरीक्षा का कठिन सवाल देखकर छात्रों का पेट कट गया।
433सिर चढ़कर बोलनाअहंकारी होनासभा में उसने सिर चढ़कर बोलना शुरू किया।
434हाथ-पाँव मारनाकोशिश करनानौकरी पाने के लिए उसने हाथ-पाँव मारे।
435नाच न जाने आँगन टेढ़ाअपनी अक्षमता का बहानाखेल में हारकर उसने कहा, नाच न जाने आँगन टेढ़ा।
436जैसे को तैसाजैसा व्यवहार वैसा ही परिणामझूठा बोला, जैसे को तैसा उसे भी झूठ का फल मिला।
437बूँद-बूँद से सागर बनता हैछोटे प्रयास से बड़ी सफलतारोज़ पढ़ाई करने से ज्ञान बूँद-बूँद से सागर बनता है।
438आँखों का ताराप्रियवह अपने बच्चों की आँखों का तारा है।
439सिर खुजानाचिन्ता करनापरीक्षा में कम अंक आने पर सिर खुजाया।
440हाथ-पाँव फूलनाथक जानालंबी यात्रा के बाद हाथ-पाँव फूल गए।
441कानों कान रहनाअनसुना रखनाउसने सारी बातें कानों कान रखीं।
442आँखें चार करनाढूँढनागुम हुई चाबी को ढूँढने के लिए उसने आँखें चार की।
443पेट में खट्टी डालनानिराश होनानौकरी नहीं मिलने पर पेट में खट्टी डाल ली।
444नाक कटानाअपमानित होनाझूठ बोलने पर उसका नाक कट गया।
445आँखों में धूल झोंकनाभ्रमित करनाव्यापारी ने ग्राहक की आँखों में धूल झोंक दी।
446दिल खोलकरखुलकरउसने मित्र से दिल खोलकर बातें की।
447साँप छूने से डरनाभयभीत होनापरीक्षा के कठिन सवाल देखकर छात्र साँप छूने से डर गया।
448हाथ की सफाईकुशल होनानए कर्मचारी की हाथ की सफाई देखकर बॉस खुश हुआ।
449घूँघट डालनाछुपानाउसने अपनी असली पहचान घूँघट डाल दी।
450हाथ-पाँव जोड़नामदद माँगनाउसने मित्र से हाथ-पाँव जोड़कर मदद माँगी।
451कान थामनाध्यान से सुननाबच्चों ने ध्यान से मास्टर की बातें कान थामकर सुनी।
452मुँह से पानी गिरनाबहुत इच्छा होनामिठाई देखकर मुँह से पानी गिर रहा था।
453जी भर खानाभरपूर खानात्यौहार पर सभी ने जी भर मिठाई खाई।
454दिल में उतरनायाद रखनागुरु के उपदेश दिल में उतर गए।
455सिर फोड़नामेहनत करनाकठिन गणित का सवाल हल करने के लिए उसने सिर फोड़ा।
456पेट में दर्द रखनाचिंता करनापरीक्षा से पहले छात्र के पेट में दर्द था।
457आँखों का धोखाभ्रमउसके सुंदर शब्द केवल आँखों का धोखा थे।
458हाथ धोकर देनामदद करनासंकट में उसने मित्र की मदद हाथ धोकर दी।
459दिल तोड़नादुख पहुँचानाउसकी बेवफ़ाई ने उसका दिल तोड़ दिया।
460मुँह मीठा करनाखुश होनापुरस्कार जीतकर छात्रों ने मुँह मीठा किया।
461हाथ पर हाथ धरे बैठनानिष्क्रिय रहनासमस्या देखकर वह हाथ पर हाथ धरे बैठा रहा।
462आँखों में आँसू लानादुख देनासमाचार ने सभी की आँखों में आँसू ला दिए।
463सिर चढ़कर बोलनाअहंकारी होनासभा में उसने सिर चढ़कर बोलना शुरू किया।
464हाथ-पाँव मारनाकोशिश करनानौकरी पाने के लिए उसने हाथ-पाँव मारे।
465नाच न जाने आँगन टेढ़ाअपनी अक्षमता का बहानाखेल में हारकर उसने कहा, नाच न जाने आँगन टेढ़ा।
466जैसे को तैसाजैसा व्यवहार वैसा ही परिणामझूठा बोला, जैसे को तैसा उसे भी झूठ का फल मिला।
467बूँद-बूँद से सागर बनता हैछोटे प्रयास से बड़ी सफलतारोज़ पढ़ाई करने से ज्ञान बूँद-बूँद से सागर बनता है।
468आँखों का ताराप्रियवह अपने बच्चों की आँखों का तारा है।
469सिर खुजानाचिन्ता करनापरीक्षा में कम अंक आने पर सिर खुजाया।
470हाथ-पाँव फूलनाथक जानालंबी यात्रा के बाद हाथ-पाँव फूल गए।
471कानों कान रहनाअनसुना रखनाउसने सारी बातें कानों कान रखीं।
472आँखें चार करनाढूँढनागुम हुई चाबी को ढूँढने के लिए उसने आँखें चार की।
473पेट में खट्टी डालनानिराश होनानौकरी नहीं मिलने पर पेट में खट्टी डाल ली।
474नाक कटानाअपमानित होनाझूठ बोलने पर उसका नाक कट गया।
475आँखों में धूल झोंकनाभ्रमित करनाव्यापारी ने ग्राहक की आँखों में धूल झोंक दी।
476दिल खोलकरखुलकरउसने मित्र से दिल खोलकर बातें की।
477साँप छूने से डरनाभयभीत होनापरीक्षा के कठिन सवाल देखकर छात्र साँप छूने से डर गया।
478हाथ की सफाईकुशल होनानए कर्मचारी की हाथ की सफाई देखकर बॉस खुश हुआ।
479घूँघट डालनाछुपानाउसने अपनी असली पहचान घूँघट डाल दी।
480हाथ-पाँव जोड़नामदद माँगनाउसने मित्र से हाथ-पाँव जोड़कर मदद माँगी।
481कान थामनाध्यान से सुननाबच्चों ने ध्यान से मास्टर की बातें कान थामकर सुनी।
482मुँह से पानी गिरनाबहुत इच्छा होनामिठाई देखकर मुँह से पानी गिर रहा था।
483जी भर खानाभरपूर खानात्यौहार पर सभी ने जी भर मिठाई खाई।
484दिल में उतरनायाद रखनागुरु के उपदेश दिल में उतर गए।
485सिर फोड़नामेहनत करनाकठिन गणित का सवाल हल करने के लिए उसने सिर फोड़ा।
486पेट में दर्द रखनाचिंता करनापरीक्षा से पहले छात्र के पेट में दर्द था।
487आँखों का धोखाभ्रमउसके सुंदर शब्द केवल आँखों का धोखा थे।
488हाथ धोकर देनामदद करनासंकट में उसने मित्र की मदद हाथ धोकर दी।
489दिल तोड़नादुख पहुँचानाउसकी बेवफ़ाई ने उसका दिल तोड़ दिया।
490मुँह मीठा करनाखुश होनापुरस्कार जीतकर छात्रों ने मुँह मीठा किया।
491हाथ पर हाथ धरे बैठनानिष्क्रिय रहनासमस्या देखकर वह हाथ पर हाथ धरे बैठा रहा।
492आँखों में आँसू लानादुख देनासमाचार ने सभी की आँखों में आँसू ला दिए।
493सिर चढ़कर बोलनाअहंकारी होनासभा में उसने सिर चढ़कर बोलना शुरू किया।
494हाथ-पाँव मारनाकोशिश करनानौकरी पाने के लिए उसने हाथ-पाँव मारे।
495नाच न जाने आँगन टेढ़ाअपनी अक्षमता का बहानाखेल में हारकर उसने कहा, नाच न जाने आँगन टेढ़ा।
496जैसे को तैसाजैसा व्यवहार वैसा ही परिणामझूठा बोला, जैसे को तैसा उसे भी झूठ का फल मिला।
497बूँद-बूँद से सागर बनता हैछोटे प्रयास से बड़ी सफलतारोज़ पढ़ाई करने से ज्ञान बूँद-बूँद से सागर बनता है।
498आँखों का ताराप्रियवह अपने बच्चों की आँखों का तारा है।
499सिर खुजानाचिन्ता करनापरीक्षा में कम अंक आने पर सिर खुजाया।
500हाथ-पाँव फूलनाथक जानालंबी यात्रा के बाद हाथ-पाँव फूल गए।

महत्वपूर्ण लोकोक्तियाँ

STEP - I

#लोकोक्तिअर्थवाक्य में प्रयोग
1अंगूर खट्टे हैंजो कुछ नहीं कर सकते, वह उसकी बुराई कहता हैउसने प्रतियोगी परीक्षा में हारने के बाद कहा, अंगूर खट्टे हैं।
2ओखली में सिर देनाकिसी खतरे में खुद को डालनाजुआ खेलना ओखली में सिर देने के बराबर है।
3आप भले तो जग भलाजैसा मन अच्छा, वैसा ही समाज अच्छाअगर हम अपने कर्म सही रखें तो आप भले तो जग भला।
4आँख का अंधा नाम नयनसुखजो चीज़ नहीं देख सकता, वह उसका मूल्य नहीं जान सकतापढ़ाई में मेहनत न करने वाला कहता है, किताबें बेकार हैं, आँख का अंधा नाम नयनसुख।
5बिना मज़दूरी के फल नहींमेहनत के बिना फल नहीं मिलतामेहनत किए बिना सफलता की उम्मीद मत करो, बिना मज़दूरी के फल नहीं।
6बंदर क्या जाने अदरक का स्वादजो अनुभव न रखे, वह मूल्य नहीं समझ सकताजो पढ़ाई नहीं करता, वह अच्छे अंक का मूल्य नहीं समझता, बंदर क्या जाने अदरक का स्वाद।
7नाव में छेदसंकट में होनानौकरी जाने पर उसके जीवन में नाव में छेद हो गया।
8अपनी बंदूक अपनी ताकतअपनी शक्ति पर भरोसा रखनाकठिनाई में अपनी शक्ति पर भरोसा रखो, अपनी बंदूक अपनी ताकत।
9ऊँट के मुँह में जीराबहुत छोटा लाभइतनी मेहनत के बाद केवल एक पुरस्कार मिला, ऊँट के मुँह में जीरा।
10अंधा बांटे रेवड़ीबिना समझ-समझौते वस्तु बाँटनाजो नेता जनता के लिए काम नहीं करते, अंधा बांटे रेवड़ी।
11दूसरों के लिए ईंट और अपने लिए पत्थरदूसरों को सुविधाएँ देना और स्वयं को कष्ट देनाउसने दूसरों के लिए मदद की और खुद कष्ट में रहा, दूसरों के लिए ईंट और अपने लिए पत्थर।
12बचपन की शिक्षा जीवन भर काम आती हैशिक्षा का महत्वमाता-पिता बच्चों को अच्छे संस्कार दें, बचपन की शिक्षा जीवन भर काम आती है।
13जो गरजते हैं, वो बरसते नहींजो अधिक धमकाते हैं, वे कम करते हैंकेवल बात करने वाले, काम नहीं करते, जो गरजते हैं, वो बरसते नहीं।
14खिसियानी बिल्ली खम्भा नोचेनिराश होने पर गुस्सा दिखानापरीक्षा में फेल होने पर उसने खिसियानी बिल्ली खम्भा नोचा।
15हाथ कंगन को आरसी क्यासाक्ष्य स्पष्ट होने पर प्रमाण की आवश्यकता नहींसच सबके सामने है, हाथ कंगन को आरसी क्या।
16दूध का दूध, पानी का पानीसच्चाई का पता चलनान्याय में सच सामने आया, दूध का दूध, पानी का पानी।
17बिना मेहनत के कुछ नहीं मिलतामेहनत का महत्वसफलता के लिए कठिन परिश्रम जरूरी है, बिना मेहनत के कुछ नहीं मिलता।
18जैसी करनी वैसी भरनीजैसा कर्म, वैसा फलझूठ बोला, जैसी करनी वैसी भरनी।
19अति सर्वत्र वर्जयेतकोई चीज़ अत्यधिक नहीं होनी चाहिएखान-पान में संतुलन रखें, अति सर्वत्र वर्जयेत।
20चोर की दाढ़ी में तिनकादोषी स्वयं ही अपनी गलती प्रकट करता हैझूठ बोलकर पकड़ा गया, चोर की दाढ़ी में तिनका।
21एक हाथ से ताली नहीं बजतीसहयोग के बिना काम नहीं होतासहयोग के बिना काम संभव नहीं, एक हाथ से ताली नहीं बजती।
22जैसी दृष्टि वैसा फलसोच और कर्म के अनुसार परिणामअच्छे कर्म करें, जैसी दृष्टि वैसा फल।
23समय बड़ा बलवानसमय में बदलाव संभव हैधैर्य रखें, समय बड़ा बलवान है।
24बूंद-बूंद से सागर बनता हैछोटे प्रयास से बड़ी सफलतारोज़ थोड़ा पढ़ाई करने से सफलता मिलती है, बूंद-बूंद से सागर बनता है।
25घर का भेदी लंका ढाएकिसी का विश्वासघात भारी पड़ता हैघर का भेदी लंका ढाए, मित्र ने गुप्त जानकारी फँसाई।
26अंधा क्या चाहे दो आँखेंजो कमी है उसकी पूर्ति की इच्छाअंधा क्या चाहे दो आँखें, गरीब क्या चाहे धन।
27नाच न जाने आँगन टेढ़ाअपनी अक्षमता का बहानाखेल में हारकर उसने कहा, नाच न जाने आँगन टेढ़ा।
28लोहे को आग लगानाकिसी को प्रोत्साहित करनानेता ने युवाओं को कड़ा परिश्रम करने के लिए लोहे को आग लगाई।
29जैसे को तैसाजैसा व्यवहार वैसा ही परिणामझूठा बोला, जैसे को तैसा उसे भी झूठ का फल मिला।
30अंधे के हाथ बटेर लगनाभाग्य का साथ मिलनाबिना प्रयास के उसे बड़ा पुरस्कार मिल गया, अंधे के हाथ बटेर लगना।
31बुढ़ापा हंसी का कारण नहींउम्र में सम्मान चाहिएबुढ़ापा हंसी का कारण नहीं, अनुभव का सम्मान देना चाहिए।
32काठ की हांडी खून नहीं बहातीकठोर वस्तु कभी नहीं टूटतीकठोर लकड़ी की हांडी कभी नहीं फूटती, काठ की हांडी खून नहीं बहाती।
33बिना दुःख सुख नहीं मिलतासुख पाने के लिए संघर्ष जरूरीबिना दुःख सुख नहीं मिलता, मेहनत करनी होगी।
34ऊँची दुकान फीके पकवानदिखावे के पीछे वास्तविकता कमऊँची दुकान फीके पकवान, घर में चीज़ें साधारण।
35बंदर क्या जाने अदरक का स्वादअनुभवहीन मूल्य नहीं समझतेपढ़ाई न करने वाला छात्र, बंदर क्या जाने अदरक का स्वाद।
36नौ दिन चांदनी फिर अंधेराअस्थायी खुशीउत्सव की खुशी के बाद दुःख आया, नौ दिन चांदनी फिर अंधेरा।
37अति उत्साह हानि का कारणअत्यधिक उत्साह नुकसान लाता हैखेल में अति उत्साह हानि का कारण बन गया।
38जितना गुड़ उतनी मिठासजितनी गुणवत्ता उतनी परिणाममेहनत के अनुसार पुरस्कार मिले, जितना गुड़ उतनी मिठास।
39दीपक बुझे बिना अंधेरा दूर नहींज्ञान बिना अज्ञान दूर नहींशिक्षा के बिना अज्ञान दूर नहीं होता, दीपक बुझे बिना अंधेरा दूर नहीं।
40थाली का बैंगनवही जिसे कमतर माना जाता हैउसने अपनी कमतर स्थिति को स्वीकार किया, थाली का बैंगन।
41आग में घी डालनासमस्या बढ़ानाझगड़े में और शब्द कहकर आग में घी डाल दिया।
42आ बैल मुझे मारकिसी को अपने पास बुलाना और परेशानी में डालनाझूठे दोस्त ने आ बैल मुझे मार कहा।
43ऊँट के मुंह में जीराबहुत कम लाभइतनी मेहनत के बाद केवल एक पुरस्कार मिला, ऊँट के मुंह में जीरा।
44इकट्ठा किया तोड़ी ठोकरमेहनत का परिणाम प्राप्त करनामेहनत करके इकट्ठा किया तोड़ी ठोकर।
45घर की मुर्गी दाल बराबरअपने पास की चीज़ का मूल्य नहीं जाननाघर की मुर्गी दाल बराबर, बाहर की चीज़ की तारीफ़ करते हैं।
46आंधी में दिया नहीं जलताकठिनाई में साधन काम न आएआंधी में दिया नहीं जलता, कठिन परिस्थिति में साधन काम नहीं आया।
47अनपढ़ा शेर भी बाज़ार में दिखता हैबिना योग्यता के दिखावा करनाअनपढ़ा शेर भी बाज़ार में दिखता है, जो दिखावा करता है।
48ऊँची सोच, नीची मेहनतसोच बड़ा लेकिन काम छोटाउसने ऊँची सोच रखी, लेकिन नीची मेहनत की।
49काम का बोझ बाँटनाजिम्मेदारी साझा करनाटीम में काम का बोझ बाँटना जरूरी है।
50हाथों की सफाईकौशल या क्षमतानए कर्मचारी की हाथों की सफाई देखकर बॉस खुश हुआ।

STEP - II

#लोकोक्तिअर्थवाक्य में प्रयोग
51अक्ल बड़ी या भैंसबुद्धि या शक्ति किसकी ज़्यादा महत्वपूर्ण हैज्ञान का महत्व बड़ा है, अक्ल बड़ी या भैंस।
52अंगूठा दिखानाअपमान करना या विरोध दिखानाउसने विरोध में अंगूठा दिखा दिया।
53आँख का ताराप्रियतम या प्रिय व्यक्तिउसका बेटा उसकी आँख का तारा है।
54आख़िरी साँस तकअंतिम समय तकउसने आख़िरी साँस तक संघर्ष किया।
55ऊपर का सूरज नीचे नहीं आताकिसी चीज़ का आदेश बदलना संभव नहींनियम तय हैं, ऊपर का सूरज नीचे नहीं आता।
56अंधे के हाथ बटेर लगनाभाग्य का साथ मिलनाबिना प्रयास के उसे बड़ा पुरस्कार मिल गया, अंधे के हाथ बटेर लगना।
57आंखों में धूल झोंकनाभ्रमित करनाव्यापारी ने ग्राहक की आंखों में धूल झोंक दी।
58आंखों का धोखाभ्रम या छलउसके सुंदर शब्द केवल आंखों का धोखा थे।
59आप भले तो जग भलाअपने कर्म से समाज पर प्रभाव पड़ता हैयदि हम नेक हैं तो आप भले तो जग भला।
60ऊँट के मुँह में जीराबहुत छोटा लाभइतनी मेहनत के बाद केवल एक पुरस्कार मिला, ऊँट के मुँह में जीरा।
61जैसा बोओगे वैसा काटोगेजैसा कर्म वैसा फलझूठ बोला, जैसा बोओगे वैसा काटोगे।
62ऊँच नीच का भेदसमाज में जाति या वर्ग का भेदसमाज में ऊँच नीच का भेद अब कम होना चाहिए।
63आँखों के तारेअत्यंत प्रियबच्चे अपनी माँ की आँखों के तारे हैं।
64आँसू बहानादुख या पीड़ा प्रकट करनाफिल्म देखकर बच्चों ने आँसू बहाए।
65अग्नि परीक्षाकठिन परिक्षाप्रतियोगिता कठिन थी, यह अग्नि परीक्षा थी।
66अब पछताए क्या होत जब चिड़िया चुग गई खेतजब नुकसान हो चुका है, पछताने का कोई लाभ नहींपैसे गंवा दिए, अब पछताए क्या होत जब चिड़िया चुग गई खेत।
67अक्ल का अंधासमझ न रखने वालाउसने अक्ल का अंधा बनकर सलाह नहीं मानी।
68आँखों की रौशनीबहुत प्रिय या मूल्यवानउसका प्यार उसकी आँखों की रौशनी है।
69आग में घी डालनासमस्या बढ़ानाझगड़े में और शब्द कहकर आग में घी डाल दिया।
70आधा तीतर आधा बटेरमिश्रित परिणामपरीक्षा में आधा तीतर आधा बटेर हुआ।
71अक्ल मर्द की और ताकतबुद्धि और शक्ति का महत्वमुश्किल में अक्ल मर्द की और ताकत काम आती है।
72आँखों का अंधा नाम नयनसुखजो देख नहीं सकता, उसका मूल्य न जाननापढ़ाई में मेहनत न करने वाला कहता है, किताबें बेकार हैं, आँखों का अंधा नाम नयनसुख।
73आँसुओं का हिसाबदुःख का अनुमानउसने अपनी परेशानी का आँसुओं का हिसाब लगाया।
74अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकताअकेला व्यक्ति बड़ा काम नहीं कर सकतापरियोजना में सहयोग आवश्यक है, अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता।
75आग का दरियाबहुत कठिन परीक्षाप्रतियोगिता आग का दरिया थी।
76अबकी बारइस बारअबकी बार जीत हमारी होगी।
77आगे कुआँ पीछे खाईमुश्किल स्थितिव्यापार में आगे कुआँ पीछे खाई जैसी स्थिति आई।
78अंगूठा दबानाअनुमोदन करनाप्रमुख ने योजना पर अंगूठा दबाया।
79अति सर्वत्र वर्जयेतकिसी चीज़ का अत्यधिक होना हानिकारकखान-पान में संतुलन रखें, अति सर्वत्र वर्जयेत।
80अंधेरे में दीपककठिनाई में मार्गदर्शनगुरु ने अंधेरे में दीपक बनकर शिक्षा दी।
81आग लगे तो बाप भी नहीं बचाएसंकट में कोई नहीं बचा सकतादुर्घटना में आग लगे तो बाप भी नहीं बचाए।
82आँख में धूल डालनाभ्रमित करनाउसने व्यापार में प्रतिस्पर्धी को आँख में धूल डाली।
83अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारनाअपने ही लिए हानि करनाझूठ बोलकर उसने अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारी।
84आदमी का असली चेहरावास्तविक स्वभावसमय आने पर आदमी का असली चेहरा सामने आता है।
85आँखों का पानीआँसूदुखी होने पर आँखों का पानी बहता है।
86आँखों की मिचलीअचानक खुशी या चिढ़पुरस्कार पाकर आँखों की मिचली हो गई।
87आँखों का मोतीबहुत मूल्यवानबेटी उसके आँखों का मोती है।
88ऊँच नीच का भेदभाववर्ग भेदसमाज में ऊँच नीच का भेदभाव होना गलत है।
89अबे मुँह मत खोलचुप रहने का संकेतगुस्से में उसने कहा, अबे मुँह मत खोल।
90अति उत्साह हानि का कारणअत्यधिक उत्साह नुकसान लाता हैखेल में अति उत्साह हानि का कारण बन गया।
91आग में पानी डालनाशांति करनाझगड़े को रोकने के लिए आग में पानी डाला।
92आ बैल मुझे मारस्वयं को संकट में डालनाझूठे दोस्त ने आ बैल मुझे मार कहा।
93आज का काम कल पर मत छोड़ोसमय पर कार्य करेंआज का काम कल पर मत छोड़ो।
94अंधा क्या चाहे दो आँखेंआवश्यकता को स्पष्ट करनागरीब क्या चाहे धन, अंधा क्या चाहे दो आँखें।
95अक्ल बड़ी या भैंसबुद्धि शक्ति से महत्वपूर्णसमस्या में अक्ल बड़ी या भैंस।
96अपने मुँह मियाँ मिट्ठूस्वयं की प्रशंसा करनाअपने मुँह मियाँ मिट्ठू बनने से बचें।
97आग लगानाकिसी को उकसानाझगड़े में उसने आग लगा दी।
98आँखों का ताराप्रियतमबच्चा उसकी आँखों का तारा है।
99औकात में रहनाअपनी सीमा में रहनाकिसी के सामने अपनी औकात में रहो।
100अन्न का दातावह जो लोगों को भोजन देता हैसमाज में अन्न का दाता सम्मान पाता है।

STEP - III

#लोकोक्तिअर्थवाक्य में प्रयोग
101अग्नि पर नमक छिड़कनाकिसी समस्या को और बढ़ानाझगड़े में उसने और तर्क देकर अग्नि पर नमक छिड़क दिया।
102आख़िर में जीत उसी की होती हैधैर्य और मेहनत से सफलता मिलती हैप्रतियोगिता में आख़िर में जीत उसी की होती है।
103ऊँचाई पर उड़नाअहंकार या गर्व करनासफलता के बाद उसने ऊँचाई पर उड़ना शुरू कर दिया।
104अंधा क्या चाहे दो आँखेंजो कमी है उसकी पूर्ति की इच्छागरीब क्या चाहे, अंधा क्या चाहे दो आँखें।
105अपने पैरों पर खड़ा होनाआत्मनिर्भर होनाकाम सीखकर उसने अपने पैरों पर खड़ा होना सीख लिया।
106आँखों का अंधा नाम नयनसुखजिसे लाभ नहीं पता, वह मूल्य नहीं समझताआलसी बच्चा कहता है किताबें बेकार हैं, आँखों का अंधा नाम नयनसुख।
107अग्नि में जलकर सोनाकठिनाई में परिपक्व होनामुश्किल परिस्थितियों में अनुभव बढ़ता है, अग्नि में जलकर सोना।
108ऊँट के मुंह में जीराबहुत कम लाभमेहनत के बाद पुरस्कार मिला, ऊँट के मुंह में जीरा।
109अपनी बुराई खुद करनास्वयं को नुकसान पहुँचानाझूठ बोलकर उसने अपनी बुराई खुद की।
110आग में घी डालनासमस्या को और बढ़ानाझगड़े में और शब्द कहकर आग में घी डाल दिया।
111एक हाथ से ताली नहीं बजतीसहयोग के बिना काम नहीं होतासहयोग के बिना काम संभव नहीं, एक हाथ से ताली नहीं बजती।
112उठो और जागोसमय का महत्व समझानापरीक्षा में सफल होने के लिए उठो और जागो।
113अपनी आँखों का ताराप्रियबच्चा अपनी माँ की आँखों का तारा है।
114आँखों में धूल झोंकनाभ्रमित करनाव्यापारी ने ग्राहक की आँखों में धूल झोंक दी।
115ऊँची दुकान फीके पकवानदिखावे के पीछे वास्तविकता कमदिखावे में तो सब बढ़िया था, पर असल में फीका, ऊँची दुकान फीके पकवान।
116अति सर्वत्र वर्जयेतकिसी चीज़ का अत्यधिक होना ठीक नहींखान-पान में संतुलन रखें, अति सर्वत्र वर्जयेत।
117अनपढ़ा शेर भी बाज़ार में दिखता हैबिना योग्यता के दिखावा करनाअनपढ़ा शेर भी बाज़ार में दिखता है, जो दिखावा करता है।
118आ बैल मुझे मारकिसी को अपने पास बुलाना और परेशानी में डालनाझूठे दोस्त ने आ बैल मुझे मार कहा।
119अपनी बंदूक अपनी ताकतअपनी शक्ति पर भरोसा रखनाकठिनाई में अपनी शक्ति पर भरोसा रखो, अपनी बंदूक अपनी ताकत।
120अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारनास्वयं को नुकसान पहुँचानागलत निर्णय से उसने अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारी।
121अति उत्साह हानि का कारणअत्यधिक उत्साह नुकसान लाता हैखेल में अति उत्साह हानि का कारण बन गया।
122बूंद-बूंद से सागर बनता हैछोटे प्रयास से बड़ी सफलतारोज़ थोड़ा पढ़ाई करने से सफलता मिलती है, बूंद-बूंद से सागर बनता है।
123घर का भेदी लंका ढाएविश्वासघात भारी पड़नाघर का भेदी लंका ढाए, मित्र ने गुप्त जानकारी फँसाई।
124जैसी दृष्टि वैसा फलकर्म के अनुसार परिणामअच्छे कर्म करें, जैसी दृष्टि वैसा फल।
125काम का बोझ बाँटनाजिम्मेदारी साझा करनाटीम में काम का बोझ बाँटना जरूरी है।
126काठ की हांडी खून नहीं बहातीकठोर वस्तु कभी नहीं टूटतीकठोर लकड़ी की हांडी कभी नहीं फूटती, काठ की हांडी खून नहीं बहाती।
127काम का फल मीठामेहनत का परिणाम अच्छामेहनत का फल मीठा होता है।
128ना नौ मन तेल होगा, ना राधा नाचेगीजब साधन नहीं होंगे, परिणाम नहीं होगासंसाधन न हों तो सफलता नहीं, ना नौ मन तेल होगा, ना राधा नाचेगी।
129जैसे को तैसाजैसा कर्म वैसा फलझूठा बोला, जैसे को तैसा उसे भी झूठ का फल मिला।
130नाच न जाने आँगन टेढ़ाअपनी अक्षमता का बहानाखेल में हारकर उसने कहा, नाच न जाने आँगन टेढ़ा।
131हाथ कंगन को आरसी क्यासाक्ष्य स्पष्ट होने पर प्रमाण की आवश्यकता नहींसच सबके सामने है, हाथ कंगन को आरसी क्या।
132घर की मुर्गी दाल बराबरअपने पास की चीज़ का मूल्य न समझनाघर की मुर्गी दाल बराबर, बाहर की चीज़ की तारीफ़ करते हैं।
133थाली का बैंगनकमतर या औसत वस्तुउसने अपनी कमतर स्थिति को स्वीकार किया, थाली का बैंगन।
134अंधा क्या चाहे दो आँखेंकमी की पूर्ति की इच्छाअंधा क्या चाहे दो आँखें।
135अंधे के हाथ बटेर लगनाभाग्य का साथ मिलनाबिना प्रयास के बड़ा पुरस्कार मिल गया, अंधे के हाथ बटेर लगना।
136अग्नि पर नमक छिड़कनासमस्या बढ़ानाझगड़े में उसने और तर्क देकर अग्नि पर नमक छिड़क दिया।
137उठो और जागोसमय का महत्व समझानापरीक्षा में सफल होने के लिए उठो और जागो।
138अपनी आँखों का ताराप्रियबच्चा अपनी माँ की आँखों का तारा है।
139आँखों में धूल झोंकनाभ्रमित करनाव्यापारी ने ग्राहक की आँखों में धूल झोंक दी।
140ऊँची दुकान फीके पकवानदिखावे के पीछे वास्तविकता कमदिखावे में तो सब बढ़िया था, पर असल में फीका।
141अति सर्वत्र वर्जयेतकिसी चीज़ का अत्यधिक होना ठीक नहींखान-पान में संतुलन रखें।
142अनपढ़ा शेर भी बाज़ार में दिखता हैबिना योग्यता के दिखावा करनाअनपढ़ा शेर भी बाज़ार में दिखता है।
143आ बैल मुझे मारकिसी को अपने पास बुलाना और परेशानी में डालनाझूठे दोस्त ने आ बैल मुझे मार कहा।
144अपनी बंदूक अपनी ताकतअपनी शक्ति पर भरोसा रखनाकठिनाई में अपनी शक्ति पर भरोसा रखो।
145अपनी बुराई खुद करनास्वयं को नुकसान पहुँचानाझूठ बोलकर उसने अपनी बुराई खुद की।
146आग में घी डालनासमस्या को और बढ़ानाझगड़े में और शब्द कहकर आग में घी डाल दिया।
147एक हाथ से ताली नहीं बजतीसहयोग के बिना काम नहीं होतासहयोग के बिना काम संभव नहीं।
148उठो और जागोसमय का महत्व समझानापरीक्षा में सफल होने के लिए उठो और जागो।
149घर का भेदी लंका ढाएविश्वासघात भारी पड़नाघर का भेदी लंका ढाए।
150जैसी दृष्टि वैसा फलकर्म के अनुसार परिणामअच्छे कर्म करें, जैसी दृष्टि वैसा फल।
151बूंद-बूंद से सागर बनता हैछोटे प्रयास से बड़ी सफलतारोज़ थोड़ी पढ़ाई से सफलता मिलती है।
152हाथ कंगन को आरसी क्यासाक्ष्य स्पष्ट होने पर प्रमाण की आवश्यकता नहींसच सामने है, हाथ कंगन को आरसी क्या।
153काठ की हांडी खून नहीं बहातीकठोर वस्तु कभी नहीं टूटतीकठोर लकड़ी की हांडी कभी नहीं फूटती।
154काम का फल मीठामेहनत का परिणाम अच्छामेहनत का फल मीठा होता है।
155ना नौ मन तेल होगा, ना राधा नाचेगीसाधन न होने पर परिणाम नहींसंसाधन न हों तो सफलता नहीं।
156अंधे के हाथ बटेर लगनाभाग्य का साथ मिलनाबिना प्रयास के पुरस्कार मिल गया।
157ऊँट के मुंह में जीराबहुत कम लाभमेहनत के बाद पुरस्कार मिला, ऊँट के मुंह में जीरा।
158अंधा क्या चाहे दो आँखेंकमी की पूर्ति की इच्छाअंधा क्या चाहे दो आँखें।
159हाथ-पाँव फूलनाथक जानालंबी यात्रा के बाद हाथ-पाँव फूल गए।
160आँखों का धोखाभ्रमसुंदर शब्द केवल आँखों का धोखा थे।
161हाथ धोकर देनामदद करनासंकट में उसने मित्र की मदद हाथ धोकर दी।
162दिल तोड़नादुख पहुँचानाउसकी बेवफ़ाई ने दिल तोड़ दिया।
163मुँह मीठा करनाखुश होनापुरस्कार जीतकर मुँह मीठा किया।
164हाथ पर हाथ धरे बैठनानिष्क्रिय रहनासमस्या देखकर हाथ पर हाथ धरे बैठा रहा।
165आँखों में आँसू लानादुख देनासमाचार ने आँखों में आँसू ला दिए।
166सिर चढ़कर बोलनाअहंकारी होनासभा में सिर चढ़कर बोलना शुरू किया।
167हाथ-पाँव मारनाकोशिश करनानौकरी पाने के लिए हाथ-पाँव मारे।
168नाच न जाने आँगन टेढ़ाअपनी अक्षमता का बहानाखेल में हारकर कहा, नाच न जाने आँगन टेढ़ा।
169जैसे को तैसाजैसा कर्म वैसा फलझूठा बोला, जैसे को तैसा फल मिला।
170बूँद-बूँद से सागर बनता हैछोटे प्रयास से बड़ी सफलतारोज़ पढ़ाई से सफलता मिलती है।
171आँखों का ताराप्रियबच्चा माँ की आँखों का तारा है।
172सिर खुजानाचिन्ता करनापरीक्षा में कम अंक आने पर सिर खुजाया।
173हाथ-पाँव फूलनाथक जानालंबी यात्रा के बाद हाथ-पाँव फूल गए।
174कानों कान रहनाअनसुना रखनासारी बातें कानों कान रखीं।
175आँखें चार करनाढूँढनागुम हुई चाबी को आँखें चार की।
176पेट में खट्टी डालनानिराश होनानौकरी नहीं मिलने पर पेट में खट्टी डाल ली।
177नाक कटानाअपमानित होनाझूठ बोलने पर नाक कट गया।
178आँखों में धूल झोंकनाभ्रमित करनाव्यापारी ने आँखों में धूल झोंक दी।
179दिल खोलकरखुलकरमित्र से दिल खोलकर बातें की।
180साँप छूने से डरनाभयभीत होनाकठिन सवाल देखकर छात्र साँप छूने से डर गया।
181हाथ की सफाईकुशल होनाकर्मचारी की हाथ की सफाई देखकर बॉस खुश हुआ।
182घूँघट डालनाछुपानाअसली पहचान घूँघट डाल दी।
183हाथ-पाँव जोड़नामदद माँगनामित्र से हाथ-पाँव जोड़कर मदद माँगी।
184कान थामनाध्यान से सुननामास्टर की बातें कान थामकर सुनी।
185मुँह से पानी गिरनाबहुत इच्छा होनामिठाई देखकर मुँह से पानी गिर रहा था।
186जी भर खानाभरपूर खानात्यौहार पर जी भर मिठाई खाई।
187दिल में उतरनायाद रखनागुरु के उपदेश दिल में उतर गए।
188सिर फोड़नामेहनत करनाकठिन सवाल हल करने के लिए सिर फोड़ा।
189पेट में दर्द रखनाचिंता करनापरीक्षा से पहले पेट में दर्द था।
190आँखों का धोखाभ्रमसुंदर शब्द केवल आँखों का धोखा थे।
191हाथ धोकर देनामदद करनासंकट में मित्र की मदद हाथ धोकर दी।
192दिल तोड़नादुख पहुँचानाबेवफ़ाई ने दिल तोड़ दिया।
193मुँह मीठा करनाखुश होनापुरस्कार जीतकर मुँह मीठा किया।
194हाथ पर हाथ धरे बैठनानिष्क्रिय रहनासमस्या देखकर हाथ पर हाथ धरे बैठा।
195आँखों में आँसू लानादुख देनासमाचार ने आँखों में आँसू ला दिए।
196सिर चढ़कर बोलनाअहंकारी होनासभा में सिर चढ़कर बोलना शुरू किया।
197हाथ-पाँव मारनाकोशिश करनानौकरी पाने के लिए हाथ-पाँव मारे।
198नाच न जाने आँगन टेढ़ाअपनी अक्षमता का बहानाखेल में हारकर कहा, नाच न जाने आँगन टेढ़ा।
199जैसे को तैसाजैसा कर्म वैसा फलझूठा बोला, जैसे को तैसा फल मिला।
200बूँद-बूँद से सागर बनता हैछोटे प्रयास से बड़ी सफलतारोज़ पढ़ाई से सफलता मिलती है।

STEP - IV

#लोकोक्तिअर्थवाक्य में प्रयोग
201आँखों के सामनेबहुत नज़दीकदुर्घटना आँखों के सामने हुई।
202आग में घी डालनासमस्या बढ़ानाझगड़े में और शब्द कहकर आग में घी डाल दिया।
203ऊँट के मुँह में जीराबहुत छोटा लाभमेहनत के बाद केवल एक पुरस्कार मिला, ऊँट के मुँह में जीरा।
204अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारनास्वयं के लिए हानि करनाझूठ बोलकर उसने अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारी।
205आख़िरी साँस तकअंतिम समय तकउसने आख़िरी साँस तक संघर्ष किया।
206अंधे के हाथ बटेर लगनाभाग्य का साथ मिलनाबिना प्रयास के उसे बड़ा पुरस्कार मिल गया, अंधे के हाथ बटेर लगना।
207अंगूठा दिखानाअपमान करना या विरोध दिखानाउसने विरोध में अंगूठा दिखा दिया।
208आँखों का ताराप्रियतम या प्रिय व्यक्तिउसका बेटा उसकी आँख का तारा है।
209अब पछताए क्या होत जब चिड़िया चुग गई खेतनुकसान हो जाने पर पछताने का कोई लाभ नहींपैसे गंवा दिए, अब पछताए क्या होत जब चिड़िया चुग गई खेत।
210अक्ल बड़ी या भैंसबुद्धि या शक्ति किसकी ज़्यादा महत्वपूर्ण हैमुश्किल में अक्ल बड़ी या भैंस काम आती है।
211आग का दरियाबहुत कठिन परीक्षा या कठिनाईप्रतियोगिता आग का दरिया थी।
212आंखों का धोखाभ्रम या छलउसके सुंदर शब्द केवल आंखों का धोखा थे।
213आँखों में धूल झोंकनाभ्रमित करनाव्यापारी ने ग्राहक की आंखों में धूल झोंक दी।
214ऊपर का सूरज नीचे नहीं आताकिसी चीज़ का आदेश बदलना संभव नहींनियम तय हैं, ऊपर का सूरज नीचे नहीं आता।
215अति उत्साह हानि का कारणअत्यधिक उत्साह नुकसान लाता हैखेल में अति उत्साह हानि का कारण बन गया।
216आग में पानी डालनाशांति करना, झगड़े को रोकनाझगड़े को रोकने के लिए आग में पानी डाला।
217आ बैल मुझे मारस्वयं को संकट में डालनाझूठे दोस्त ने आ बैल मुझे मार कहा।
218अबकी बारइस बारअबकी बार जीत हमारी होगी।
219आंखों के तारेअत्यंत प्रियबच्चे अपनी माँ की आंखों के तारे हैं।
220आदमी का असली चेहरावास्तविक स्वभावसमय आने पर आदमी का असली चेहरा सामने आता है।
221अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकताअकेला व्यक्ति बड़ा काम नहीं कर सकताटीमवर्क जरूरी है, अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता।
222आँखों का मोतीबहुत मूल्यवानबेटी उसके आंखों का मोती है।
223आंधी में दिया नहीं जलताकठिनाई में साधन काम न आएआंधी में दिया नहीं जलता, कठिन परिस्थिति में साधन काम नहीं आया।
224अंगूर खट्टे हैंजो स्वयं नहीं पा सकते, उसकी निंदा करनाउसने प्रतियोगी परीक्षा में हारने के बाद कहा, अंगूर खट्टे हैं।
225अक्ल का अंधासमझ न रखने वालाउसने अक्ल का अंधा बनकर सलाह नहीं मानी।
226आँखों की रौशनीप्रिय या मूल्यवानउसका प्यार उसकी आँखों की रौशनी है।
227अब का काम कल पर मत छोड़ोसमय पर कार्य करेंआज का काम कल पर मत छोड़ो।
228अन्न का दाताजो लोगों को भोजन देता हैसमाज में अन्न का दाता सम्मान पाता है।
229औकात में रहनाअपनी सीमा में रहनाकिसी के सामने अपनी औकात में रहो।
230आग लगे तो बाप भी नहीं बचाएसंकट में कोई नहीं बचा सकतादुर्घटना में आग लगे तो बाप भी नहीं बचाए।
231आँखों की मिचलीअचानक खुशी या चिढ़पुरस्कार पाकर आँखों की मिचली हो गई।
232आँखों का पानीआँसूदुखी होने पर आँखों का पानी बहता है।
233आदमी का असली रूपवास्तविक स्वभावसंकट में आदमी का असली रूप सामने आता है।
234औंधे मुंह गिरनाअसफल होनापरीक्षा में उसने औंधे मुंह गिर गया।
235अति सर्वत्र वर्जयेतकिसी चीज़ का अत्यधिक होना हानिकारकखान-पान में संतुलन रखें, अति सर्वत्र वर्जयेत।
236ऊँची दुकान फीके पकवानदिखावे के पीछे वास्तविकता कम होनाऊँची दुकान फीके पकवान, घर में चीज़ें साधारण।
237ऊँच नीच का भेदसमाज में वर्ग भेदसमाज में ऊँच नीच का भेद अब कम होना चाहिए।
238आंखों में आँसू लानादुःख प्रकट करनासमाचार ने सभी की आंखों में आँसू ला दिए।
239अपने मुँह मियाँ मिट्ठूस्वयं की प्रशंसा करनाअपने मुँह मियाँ मिट्ठू बनने से बचें।
240आँखों का अंधा नाम नयनसुखजो देख नहीं सकता, उसका मूल्य न जाननापढ़ाई न करने वाला कहता है, किताबें बेकार हैं।
241आग में घी डालनाकिसी समस्या को बढ़ानाझगड़े में और शब्द कहकर आग में घी डाल दिया।
242अंगूठा दबानाअनुमोदन करनाप्रमुख ने योजना पर अंगूठा दबाया।
243आग का दरियाकठिन परीक्षाप्रतियोगिता आग का दरिया थी।
244अब पछताए क्या होत जब चिड़िया चुग गई खेतनुकसान के बाद पछताने का कोई लाभ नहींपैसे गंवा दिए, अब पछताए क्या होत जब चिड़िया चुग गई खेत।
245अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकताअकेला व्यक्ति बड़ा काम नहीं कर सकतापरियोजना में सहयोग आवश्यक है।
246आँखों का ताराप्रियतमबच्चा उसकी आंखों का तारा है।
247आ बैल मुझे मारस्वयं को संकट में डालनाझूठे दोस्त ने आ बैल मुझे मार कहा।
248अबकी बारइस बारअबकी बार जीत हमारी होगी।
249आदमी का असली चेहरावास्तविक स्वभावसमय आने पर आदमी का असली चेहरा सामने आता है।
250आँखों का मोतीबहुत मूल्यवानबेटी उसके आंखों का मोती है।
251आग लगे तो बाप भी नहीं बचाएसंकट में कोई नहीं बचा सकतादुर्घटना में आग लगे तो बाप भी नहीं बचाए।
252औकात में रहनाअपनी सीमा में रहनाकिसी के सामने अपनी औकात में रहो।
253अंगूर खट्टे हैंअपनी असफलता का बहाना बनानाउसने प्रतियोगी परीक्षा में हारने के बाद कहा, अंगूर खट्टे हैं।
254अक्ल का अंधासमझ न रखने वालाउसने अक्ल का अंधा बनकर सलाह नहीं मानी।
255आँखों की रौशनीप्रिय या मूल्यवानउसका प्यार उसकी आँखों की रौशनी है।
256औंधे मुंह गिरनाअसफल होनापरीक्षा में उसने औंधे मुंह गिर गया।
257अब का काम कल पर मत छोड़ोसमय पर कार्य करेंआज का काम कल पर मत छोड़ो।
258अन्न का दाताजो लोगों को भोजन देता हैसमाज में अन्न का दाता सम्मान पाता है।
259आग में पानी डालनाशांति करनाझगड़े को रोकने के लिए आग में पानी डाला।
260आदमी का असली रूपवास्तविक स्वभावसंकट में आदमी का असली रूप सामने आता है।
261आँखों का पानीआँसूदुखी होने पर आँखों का पानी बहता है।
262आँखों की मिचलीअचानक खुशी या चिढ़पुरस्कार पाकर आँखों की मिचली हो गई।
263ऊँची दुकान फीके पकवानदिखावे के पीछे वास्तविकता कमऊँची दुकान फीके पकवान, घर में चीज़ें साधारण।
264आँखों में आँसू लानादुःख प्रकट करनासमाचार ने सभी की आंखों में आँसू ला दिए।
265औकात में रहनाअपनी सीमा में रहनाकिसी के सामने अपनी औकात में रहो।
266आग का दरियाकठिन परीक्षाप्रतियोगिता आग का दरिया थी।
267अंगूठा दबानाअनुमोदन करनाप्रमुख ने योजना पर अंगूठा दबाया।
268अति उत्साह हानि का कारणअत्यधिक उत्साह नुकसान लाता हैखेल में अति उत्साह हानि का कारण बन गया।
269ऊपर का सूरज नीचे नहीं आताआदेश बदलना संभव नहींनियम तय हैं, ऊपर का सूरज नीचे नहीं आता।
270अबकी बारइस बारअबकी बार जीत हमारी होगी।
271अंगूर खट्टे हैंअपनी असफलता का बहाना बनानाउसने प्रतियोगी परीक्षा में हारने के बाद कहा, अंगूर खट्टे हैं।
272अंधेरे में दीपककठिनाई में मार्गदर्शनगुरु ने अंधेरे में दीपक बनकर शिक्षा दी।
273अपने मुँह मियाँ मिट्ठूस्वयं की प्रशंसा करनाअपने मुँह मियाँ मिट्ठू बनने से बचें।
274आग में घी डालनासमस्या बढ़ानाझगड़े में और शब्द कहकर आग में घी डाल दिया।
275अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकताअकेला व्यक्ति बड़ा काम नहीं कर सकताटीमवर्क जरूरी है।
276आँखों का ताराप्रियतमबच्चा उसकी आँखों का तारा है।
277आ बैल मुझे मारस्वयं को संकट में डालनाझूठे दोस्त ने आ बैल मुझे मार कहा।
278आदमी का असली चेहरावास्तविक स्वभावसमय आने पर आदमी का असली चेहरा सामने आता है।
279औंधे मुंह गिरनाअसफल होनापरीक्षा में उसने औंधे मुंह गिर गया।
280अब का काम कल पर मत छोड़ोसमय पर कार्य करेंआज का काम कल पर मत छोड़ो।
281आँखों का मोतीबहुत मूल्यवानबेटी उसके आंखों का मोती है।
282आग लगे तो बाप भी नहीं बचाएसंकट में कोई नहीं बचा सकतादुर्घटना में आग लगे तो बाप भी नहीं बचाए।
283औकात में रहनाअपनी सीमा में रहनाकिसी के सामने अपनी औकात में रहो।
284अक्ल का अंधासमझ न रखने वालाउसने अक्ल का अंधा बनकर सलाह नहीं मानी।
285आँखों की रौशनीप्रिय या मूल्यवानउसका प्यार उसकी आँखों की रौशनी है।
286अंगूठा दिखानाअपमान करनाउसने विरोध में अंगूठा दिखा दिया।
287अब पछताए क्या होत जब चिड़िया चुग गई खेतनुकसान के बाद पछताने का कोई लाभ नहींपैसे गंवा दिए, अब पछताए क्या होत जब चिड़िया चुग गई खेत।
288आग का दरियाबहुत कठिन परीक्षाप्रतियोगिता आग का दरिया थी।
289आँसुओं का हिसाबदुःख का अनुमानउसने अपनी परेशानी का आँसुओं का हिसाब लगाया।
290आँखों का धोखाभ्रम या छलउसके सुंदर शब्द केवल आंखों का धोखा थे।
291आँखों में धूल झोंकनाभ्रमित करनाव्यापारी ने ग्राहक की आंखों में धूल झोंक दी।
292अक्ल बड़ी या भैंसबुद्धि या शक्ति किसकी ज़्यादा महत्वपूर्ण हैमुश्किल में अक्ल बड़ी या भैंस काम आती है।
293अंगूर खट्टे हैंअपनी असफलता का बहाना बनानाउसने प्रतियोगी परीक्षा में हारने के बाद कहा, अंगूर खट्टे हैं।
294आग में पानी डालनाशांति करनाझगड़े को रोकने के लिए आग में पानी डाला।
295अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारनास्वयं के लिए हानि करनाझूठ बोलकर उसने अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारी।
296आँखों का ताराप्रियतमबच्चा उसकी आंखों का तारा है।
297अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकताअकेला व्यक्ति बड़ा काम नहीं कर सकताटीमवर्क जरूरी है।
298औकात में रहनाअपनी सीमा में रहनाकिसी के सामने अपनी औकात में रहो।
299आग लगे तो बाप भी नहीं बचाएसंकट में कोई नहीं बचा सकतादुर्घटना में आग लगे तो बाप भी नहीं बचाए।
300औंधे मुंह गिरनाअसफल होनापरीक्षा में उसने औंधे मुंह गिर गया।

STEP - V

#लोकोक्तिअर्थवाक्य में प्रयोग
301आँख का अंधाजो कुछ देख नहीं सकता, उसकी कमी समझ नहीं पातापढ़ाई में रुचि न रखने वाला कहता है, किताबें बेकार हैं, आँख का अंधा।
302आग में घी डालनाकिसी समस्या को और बढ़ानाझगड़े में और शब्द कहकर आग में घी डाल दिया।
303ऊँट के मुँह में जीराबहुत छोटा लाभमेहनत के बाद केवल एक पुरस्कार मिला, ऊँट के मुँह में जीरा।
304अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारनास्वयं के लिए हानि करनाझूठ बोलकर उसने अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारी।
305आख़िरी साँस तकअंतिम समय तकउसने आख़िरी साँस तक संघर्ष किया।
306अंधे के हाथ बटेर लगनाभाग्य का साथ मिलनाबिना प्रयास के उसे बड़ा पुरस्कार मिल गया।
307अंगूठा दिखानाअपमान करना या विरोध दिखानाउसने विरोध में अंगूठा दिखा दिया।
308आँखों का ताराप्रियतम या बहुत प्यारा व्यक्तिउसका बेटा उसकी आँख का तारा है।
309अब पछताए क्या होत जब चिड़िया चुग गई खेतनुकसान के बाद पछताने का कोई लाभ नहींपैसे गंवा दिए, अब पछताए क्या होत जब चिड़िया चुग गई खेत।
310अक्ल बड़ी या भैंसबुद्धि या शक्ति में किसका महत्व अधिकमुश्किल में अक्ल बड़ी या भैंस काम आती है।
311आग का दरियाबहुत कठिन परीक्षा या कठिनाईप्रतियोगिता आग का दरिया थी।
312आंखों का धोखाभ्रम या छलउसके सुंदर शब्द केवल आंखों का धोखा थे।
313आँखों में धूल झोंकनाभ्रमित करनाव्यापारी ने ग्राहक की आंखों में धूल झोंक दी।
314ऊपर का सूरज नीचे नहीं आताकोई आदेश या नियम नहीं बदला जा सकतानियम तय हैं, ऊपर का सूरज नीचे नहीं आता।
315अति उत्साह हानि का कारणअत्यधिक उत्साह नुकसान लाता हैखेल में अति उत्साह हानि का कारण बन गया।
316आग में पानी डालनाशांति करनाझगड़े को रोकने के लिए आग में पानी डाला।
317आ बैल मुझे मारस्वयं को संकट में डालनाझूठे दोस्त ने आ बैल मुझे मार कहा।
318अबकी बारइस बारअबकी बार जीत हमारी होगी।
319आंखों के तारेअत्यंत प्रियबच्चे अपनी माँ की आंखों के तारे हैं।
320आदमी का असली चेहरावास्तविक स्वभावसमय आने पर आदमी का असली चेहरा सामने आता है।
321अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकताअकेला व्यक्ति बड़ा काम नहीं कर सकताटीमवर्क जरूरी है।
322आँखों का मोतीबहुत मूल्यवानबेटी उसके आंखों का मोती है।
323आंधी में दिया नहीं जलताकठिनाई में साधन काम न आएआंधी में दिया नहीं जलता, कठिन परिस्थिति में साधन काम नहीं आया।
324अंगूर खट्टे हैंअपनी असफलता का बहाना बनानाउसने प्रतियोगी परीक्षा में हारने के बाद कहा, अंगूर खट्टे हैं।
325अक्ल का अंधासमझ न रखने वालाउसने अक्ल का अंधा बनकर सलाह नहीं मानी।
326आँखों की रौशनीप्रिय या मूल्यवानउसका प्यार उसकी आँखों की रौशनी है।
327अब का काम कल पर मत छोड़ोसमय पर कार्य करेंआज का काम कल पर मत छोड़ो।
328अन्न का दाताजो लोगों को भोजन देता हैसमाज में अन्न का दाता सम्मान पाता है।
329औकात में रहनाअपनी सीमा में रहनाकिसी के सामने अपनी औकात में रहो।
330आग लगे तो बाप भी नहीं बचाएसंकट में कोई नहीं बचा सकतादुर्घटना में आग लगे तो बाप भी नहीं बचाए।
331आँखों की मिचलीअचानक खुशी या चिढ़पुरस्कार पाकर आँखों की मिचली हो गई।
332आँखों का पानीआँसूदुखी होने पर आँखों का पानी बहता है।
333ऊँची दुकान फीके पकवानदिखावे के पीछे वास्तविकता कमऊँची दुकान फीके पकवान, घर में चीज़ें साधारण।
334आँखों में आँसू लानादुःख प्रकट करनासमाचार ने सभी की आंखों में आँसू ला दिए।
335अपने मुँह मियाँ मिट्ठूस्वयं की प्रशंसा करनाअपने मुँह मियाँ मिट्ठू बनने से बचें।
336अक्ल बड़ी या भैंसबुद्धि शक्ति में महत्वपूर्णसमस्या में अक्ल बड़ी या भैंस।
337आग में घी डालनासमस्या बढ़ानाझगड़े में और शब्द कहकर आग में घी डाल दिया।
338अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकताअकेला व्यक्ति बड़ा काम नहीं कर सकताटीमवर्क जरूरी है।
339आँखों का ताराप्रियतमबच्चा उसकी आँखों का तारा है।
340आ बैल मुझे मारस्वयं को संकट में डालनाझूठे दोस्त ने आ बैल मुझे मार कहा।
341आदमी का असली चेहरावास्तविक स्वभावसमय आने पर आदमी का असली चेहरा सामने आता है।
342औंधे मुंह गिरनाअसफल होनापरीक्षा में उसने औंधे मुंह गिर गया।
343अबकी बारइस बारअबकी बार जीत हमारी होगी।
344आग का दरियाबहुत कठिन परीक्षाप्रतियोगिता आग का दरिया थी।
345आँखों का धोखाभ्रमउसके सुंदर शब्द केवल आंखों का धोखा थे।
346आँखों में धूल झोंकनाभ्रमित करनाव्यापारी ने ग्राहक की आंखों में धूल झोंक दी।
347अंगूर खट्टे हैंअसफलता का बहानाउसने प्रतियोगी परीक्षा में हारने के बाद कहा, अंगूर खट्टे हैं।
348आग में पानी डालनाशांति करनाझगड़े को रोकने के लिए आग में पानी डाला।
349अक्ल का अंधासमझ न रखने वालाउसने अक्ल का अंधा बनकर सलाह नहीं मानी।
350आँखों की रौशनीप्रिय या मूल्यवानउसका प्यार उसकी आँखों की रौशनी है।
351औकात में रहनाअपनी सीमा में रहनाकिसी के सामने अपनी औकात में रहो।
352अंगूठा दिखानाअपमान करनाउसने विरोध में अंगूठा दिखा दिया।
353अब पछताए क्या होत जब चिड़िया चुग गई खेतनुकसान के बाद पछताने का कोई लाभ नहींपैसे गंवा दिए, अब पछताए क्या होत जब चिड़िया चुग गई खेत।
354आदमी का असली चेहरावास्तविक स्वभावसमय आने पर आदमी का असली चेहरा सामने आता है।
355अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकताअकेला व्यक्ति बड़ा काम नहीं कर सकताटीमवर्क जरूरी है।
356आँखों का मोतीबहुत मूल्यवानबेटी उसके आंखों का मोती है।
357आग लगे तो बाप भी नहीं बचाएसंकट में कोई नहीं बचा सकतादुर्घटना में आग लगे तो बाप भी नहीं बचाए।
358औंधे मुंह गिरनाअसफल होनापरीक्षा में उसने औंधे मुंह गिर गया।
359आँखों का ताराप्रियतमबच्चा उसकी आँखों का तारा है।
360आग का दरियाबहुत कठिन परीक्षाप्रतियोगिता आग का दरिया थी।
361अब का काम कल पर मत छोड़ोसमय पर कार्य करेंआज का काम कल पर मत छोड़ो।
362अन्न का दाताजो लोगों को भोजन देता हैसमाज में अन्न का दाता सम्मान पाता है।
363औकात में रहनाअपनी सीमा में रहनाकिसी के सामने अपनी औकात में रहो।
364अक्ल बड़ी या भैंसबुद्धि शक्ति में महत्वपूर्णसमस्या में अक्ल बड़ी या भैंस।
365आ बैल मुझे मारस्वयं को संकट में डालनाझूठे दोस्त ने आ बैल मुझे मार कहा।
366आँखों में धूल झोंकनाभ्रमित करनाव्यापारी ने ग्राहक की आंखों में धूल झोंक दी।
367अंगूर खट्टे हैंअसफलता का बहानाउसने प्रतियोगी परीक्षा में हारने के बाद कहा, अंगूर खट्टे हैं।
368आग में पानी डालनाशांति करनाझगड़े को रोकने के लिए आग में पानी डाला।
369आँखों की रौशनीप्रिय या मूल्यवानउसका प्यार उसकी आँखों की रौशनी है।
370अक्ल का अंधासमझ न रखने वालाउसने अक्ल का अंधा बनकर सलाह नहीं मानी।
371औंधे मुंह गिरनाअसफल होनापरीक्षा में उसने औंधे मुंह गिर गया।
372आदमी का असली चेहरावास्तविक स्वभावसमय आने पर आदमी का असली चेहरा सामने आता है।
373आँखों का पानीआँसूदुखी होने पर आँखों का पानी बहता है।
374आँखों की मिचलीअचानक खुशी या चिढ़पुरस्कार पाकर आँखों की मिचली हो गई।
375ऊँची दुकान फीके पकवानदिखावे के पीछे वास्तविकता कमऊँची दुकान फीके पकवान, घर में चीज़ें साधारण।
376आग लगे तो बाप भी नहीं बचाएसंकट में कोई नहीं बचा सकतादुर्घटना में आग लगे तो बाप भी नहीं बचाए।
377अपने मुँह मियाँ मिट्ठूस्वयं की प्रशंसा करनाअपने मुँह मियाँ मिट्ठू बनने से बचें।
378अबकी बारइस बारअबकी बार जीत हमारी होगी।
379अंगूठा दिखानाअपमान करनाउसने विरोध में अंगूठा दिखा दिया।
380अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकताअकेला व्यक्ति बड़ा काम नहीं कर सकताटीमवर्क जरूरी है।
381आँखों का ताराप्रियतमबच्चा उसकी आँखों का तारा है।
382अक्ल बड़ी या भैंसबुद्धि शक्ति में महत्वपूर्णसमस्या में अक्ल बड़ी या भैंस।
383आग का दरियाबहुत कठिन परीक्षाप्रतियोगिता आग का दरिया थी।
384अब पछताए क्या होत जब चिड़िया चुग गई खेतनुकसान के बाद पछताने का कोई लाभ नहींपैसे गंवा दिए, अब पछताए क्या होत जब चिड़िया चुग गई खेत।
385आदमी का असली चेहरावास्तविक स्वभावसमय आने पर आदमी का असली चेहरा सामने आता है।
386आँखों का मोतीबहुत मूल्यवानबेटी उसके आंखों का मोती है।
387आग में घी डालनासमस्या बढ़ानाझगड़े में और शब्द कहकर आग में घी डाल दिया।
388औकात में रहनाअपनी सीमा में रहनाकिसी के सामने अपनी औकात में रहो।
389आँखों का धोखाभ्रमउसके सुंदर शब्द केवल आंखों का धोखा थे।
390आँखों में धूल झोंकनाभ्रमित करनाव्यापारी ने ग्राहक की आंखों में धूल झोंक दी।
391अंगूर खट्टे हैंअसफलता का बहानाउसने प्रतियोगी परीक्षा में हारने के बाद कहा, अंगूर खट्टे हैं।
392आग में पानी डालनाशांति करनाझगड़े को रोकने के लिए आग में पानी डाला।
393आँखों की रौशनीप्रिय या मूल्यवानउसका प्यार उसकी आँखों की रौशनी है।
394अक्ल का अंधासमझ न रखने वालाउसने अक्ल का अंधा बनकर सलाह नहीं मानी।
395औंधे मुंह गिरनाअसफल होनापरीक्षा में उसने औंधे मुंह गिर गया।
396आ बैल मुझे मारस्वयं को संकट में डालनाझूठे दोस्त ने आ बैल मुझे मार कहा।
397आदमी का असली चेहरावास्तविक स्वभावसमय आने पर आदमी का असली चेहरा सामने आता है।
398आँखों का पानीआँसूदुखी होने पर आँखों का पानी बहता है।
399आँखों की मिचलीअचानक खुशी या चिढ़पुरस्कार पाकर आँखों की मिचली हो गई।
400ऊँची दुकान फीके पकवानदिखावे के पीछे वास्तविकता कमऊँची दुकान फीके पकवान, घर में चीज़ें साधारण।

STEP - VI

#लोकोक्तिअर्थवाक्य में प्रयोग
401आँखों का ताराप्रियतम या अत्यंत प्रियउसका बेटा उसकी आँखों का तारा है।
402आग में घी डालनाकिसी समस्या को और बढ़ानाझगड़े में और शब्द कहकर आग में घी डाल दिया।
403ऊँट के मुँह में जीराबहुत छोटा लाभमेहनत के बाद केवल एक पुरस्कार मिला, ऊँट के मुँह में जीरा।
404अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारनास्वयं के लिए हानि करनाझूठ बोलकर उसने अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारी।
405आख़िरी साँस तकअंतिम समय तकउसने आख़िरी साँस तक संघर्ष किया।
406अंधे के हाथ बटेर लगनाभाग्य का साथ मिलनाबिना प्रयास के उसे बड़ा पुरस्कार मिल गया।
407अंगूठा दिखानाअपमान करना या विरोध दिखानाउसने विरोध में अंगूठा दिखा दिया।
408अब पछताए क्या होत जब चिड़िया चुग गई खेतनुकसान हो जाने पर पछताने का कोई लाभ नहींपैसे गंवा दिए, अब पछताए क्या होत जब चिड़िया चुग गई खेत।
409अक्ल बड़ी या भैंसबुद्धि या शक्ति में किसका महत्व अधिकमुश्किल में अक्ल बड़ी या भैंस काम आती है।
410आग का दरियाबहुत कठिन परीक्षा या कठिनाईप्रतियोगिता आग का दरिया थी।
411आँखों का धोखाभ्रम या छलउसके सुंदर शब्द केवल आंखों का धोखा थे।
412आँखों में धूल झोंकनाभ्रमित करनाव्यापारी ने ग्राहक की आंखों में धूल झोंक दी।
413ऊपर का सूरज नीचे नहीं आताकोई आदेश या नियम नहीं बदला जा सकतानियम तय हैं, ऊपर का सूरज नीचे नहीं आता।
414अति उत्साह हानि का कारणअत्यधिक उत्साह नुकसान लाता हैखेल में अति उत्साह हानि का कारण बन गया।
415आग में पानी डालनाशांति करनाझगड़े को रोकने के लिए आग में पानी डाला।
416आ बैल मुझे मारस्वयं को संकट में डालनाझूठे दोस्त ने आ बैल मुझे मार कहा।
417अबकी बारइस बारअबकी बार जीत हमारी होगी।
418आदमी का असली चेहरावास्तविक स्वभावसमय आने पर आदमी का असली चेहरा सामने आता है।
419अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकताअकेला व्यक्ति बड़ा काम नहीं कर सकताटीमवर्क जरूरी है।
420आँखों का मोतीबहुत मूल्यवानबेटी उसके आंखों का मोती है।
421आंधी में दिया नहीं जलताकठिनाई में साधन काम न आएआंधी में दिया नहीं जलता, कठिन परिस्थिति में साधन काम नहीं आया।
422अंगूर खट्टे हैंअपनी असफलता का बहाना बनानाउसने प्रतियोगी परीक्षा में हारने के बाद कहा, अंगूर खट्टे हैं।
423अक्ल का अंधासमझ न रखने वालाउसने अक्ल का अंधा बनकर सलाह नहीं मानी।
424आँखों की रौशनीप्रिय या मूल्यवानउसका प्यार उसकी आँखों की रौशनी है।
425अब का काम कल पर मत छोड़ोसमय पर कार्य करेंआज का काम कल पर मत छोड़ो।
426अन्न का दाताजो लोगों को भोजन देता हैसमाज में अन्न का दाता सम्मान पाता है।
427औकात में रहनाअपनी सीमा में रहनाकिसी के सामने अपनी औकात में रहो।
428आग लगे तो बाप भी नहीं बचाएसंकट में कोई नहीं बचा सकतादुर्घटना में आग लगे तो बाप भी नहीं बचाए।
429आँखों की मिचलीअचानक खुशी या चिढ़पुरस्कार पाकर आँखों की मिचली हो गई।
430आँखों का पानीआँसूदुखी होने पर आँखों का पानी बहता है।
431ऊँची दुकान फीके पकवानदिखावे के पीछे वास्तविकता कमऊँची दुकान फीके पकवान, घर में चीज़ें साधारण।
432आँखों में आँसू लानादुःख प्रकट करनासमाचार ने सभी की आंखों में आँसू ला दिए।
433अपने मुँह मियाँ मिट्ठूस्वयं की प्रशंसा करनाअपने मुँह मियाँ मिट्ठू बनने से बचें।
434अंगूठा दबानाअनुमोदन करनाप्रमुख ने योजना पर अंगूठा दबाया।
435औंधे मुंह गिरनाअसफल होनापरीक्षा में उसने औंधे मुंह गिर गया।
436अक्ल बड़ी या भैंसबुद्धि शक्ति में महत्वपूर्णसमस्या में अक्ल बड़ी या भैंस।
437आदमी का असली रूपवास्तविक स्वभावसंकट में आदमी का असली रूप सामने आता है।
438आँखों का ताराप्रियतमबच्चा उसकी आँखों का तारा है।
439आग का दरियाबहुत कठिन परीक्षाप्रतियोगिता आग का दरिया थी।
440अब पछताए क्या होत जब चिड़िया चुग गई खेतनुकसान के बाद पछताने का कोई लाभ नहींपैसे गंवा दिए, अब पछताए क्या होत जब चिड़िया चुग गई खेत।
441अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकताअकेला व्यक्ति बड़ा काम नहीं कर सकताटीमवर्क जरूरी है।
442आँखों का मोतीबहुत मूल्यवानबेटी उसके आंखों का मोती है।
443आग लगे तो बाप भी नहीं बचाएसंकट में कोई नहीं बचा सकतादुर्घटना में आग लगे तो बाप भी नहीं बचाए।
444औकात में रहनाअपनी सीमा में रहनाकिसी के सामने अपनी औकात में रहो।
445आँखों की रौशनीप्रिय या मूल्यवानउसका प्यार उसकी आँखों की रौशनी है।
446आ बैल मुझे मारस्वयं को संकट में डालनाझूठे दोस्त ने आ बैल मुझे मार कहा।
447अबकी बारइस बारअबकी बार जीत हमारी होगी।
448आँखों में धूल झोंकनाभ्रमित करनाव्यापारी ने ग्राहक की आंखों में धूल झोंक दी।
449अंगूर खट्टे हैंअपनी असफलता का बहाना बनानाउसने प्रतियोगी परीक्षा में हारने के बाद कहा, अंगूर खट्टे हैं।
450आग में पानी डालनाशांति करनाझगड़े को रोकने के लिए आग में पानी डाला।
451अक्ल का अंधासमझ न रखने वालाउसने अक्ल का अंधा बनकर सलाह नहीं मानी।
452औंधे मुंह गिरनाअसफल होनापरीक्षा में उसने औंधे मुंह गिर गया।
453आदमी का असली चेहरावास्तविक स्वभावसमय आने पर आदमी का असली चेहरा सामने आता है।
454आँखों का धोखाभ्रमउसके सुंदर शब्द केवल आंखों का धोखा थे।
455आँखों की मिचलीअचानक खुशी या चिढ़पुरस्कार पाकर आँखों की मिचली हो गई।
456ऊँची दुकान फीके पकवानदिखावे के पीछे वास्तविकता कमऊँची दुकान फीके पकवान, घर में चीज़ें साधारण।
457अब का काम कल पर मत छोड़ोसमय पर कार्य करेंआज का काम कल पर मत छोड़ो।
458अन्न का दाताजो लोगों को भोजन देता हैसमाज में अन्न का दाता सम्मान पाता है।
459अंगूठा दिखानाअपमान करनाउसने विरोध में अंगूठा दिखा दिया।
460अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकताअकेला व्यक्ति बड़ा काम नहीं कर सकताटीमवर्क जरूरी है।
461आँखों का ताराप्रियतमबच्चा उसकी आँखों का तारा है।
462आग का दरियाबहुत कठिन परीक्षाप्रतियोगिता आग का दरिया थी।
463अब पछताए क्या होत जब चिड़िया चुग गई खेतनुकसान के बाद पछताने का कोई लाभ नहींपैसे गंवा दिए, अब पछताए क्या होत जब चिड़िया चुग गई खेत।
464आदमी का असली चेहरावास्तविक स्वभावसमय आने पर आदमी का असली चेहरा सामने आता है।
465आँखों का मोतीबहुत मूल्यवानबेटी उसके आंखों का मोती है।
466आग लगे तो बाप भी नहीं बचाएसंकट में कोई नहीं बचा सकतादुर्घटना में आग लगे तो बाप भी नहीं बचाए।
467औकात में रहनाअपनी सीमा में रहनाकिसी के सामने अपनी औकात में रहो।
468आँखों की रौशनीप्रिय या मूल्यवानउसका प्यार उसकी आँखों की रौशनी है।
469आ बैल मुझे मारस्वयं को संकट में डालनाझूठे दोस्त ने आ बैल मुझे मार कहा।
470अबकी बारइस बारअबकी बार जीत हमारी होगी।
471आँखों में धूल झोंकनाभ्रमित करनाव्यापारी ने ग्राहक की आंखों में धूल झोंक दी।
472अंगूर खट्टे हैंअपनी असफलता का बहाना बनानाउसने प्रतियोगी परीक्षा में हारने के बाद कहा, अंगूर खट्टे हैं।
473आग में पानी डालनाशांति करनाझगड़े को रोकने के लिए आग में पानी डाला।
474अक्ल का अंधासमझ न रखने वालाउसने अक्ल का अंधा बनकर सलाह नहीं मानी।
475औंधे मुंह गिरनाअसफल होनापरीक्षा में उसने औंधे मुंह गिर गया।
476आदमी का असली चेहरावास्तविक स्वभावसमय आने पर आदमी का असली चेहरा सामने आता है।
477आँखों का धोखाभ्रमउसके सुंदर शब्द केवल आंखों का धोखा थे।
478आँखों की मिचलीअचानक खुशी या चिढ़पुरस्कार पाकर आँखों की मिचली हो गई।
479ऊँची दुकान फीके पकवानदिखावे के पीछे वास्तविकता कमऊँची दुकान फीके पकवान, घर में चीज़ें साधारण।
480अब का काम कल पर मत छोड़ोसमय पर कार्य करेंआज का काम कल पर मत छोड़ो।
481अन्न का दाताजो लोगों को भोजन देता हैसमाज में अन्न का दाता सम्मान पाता है।
482अंगूठा दिखानाअपमान करनाउसने विरोध में अंगूठा दिखा दिया।
483अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकताअकेला व्यक्ति बड़ा काम नहीं कर सकताटीमवर्क जरूरी है।
484आँखों का ताराप्रियतमबच्चा उसकी आँखों का तारा है।
485आग का दरियाबहुत कठिन परीक्षाप्रतियोगिता आग का दरिया थी।
486अब पछताए क्या होत जब चिड़िया चुग गई खेतनुकसान के बाद पछताने का कोई लाभ नहींपैसे गंवा दिए, अब पछताए क्या होत जब चिड़िया चुग गई खेत।
487आदमी का असली चेहरावास्तविक स्वभावसमय आने पर आदमी का असली चेहरा सामने आता है।
488आँखों का मोतीबहुत मूल्यवानबेटी उसके आंखों का मोती है।
489आग लगे तो बाप भी नहीं बचाएसंकट में कोई नहीं बचा सकतादुर्घटना में आग लगे तो बाप भी नहीं बचाए।
490औकात में रहनाअपनी सीमा में रहनाकिसी के सामने अपनी औकात में रहो।
491आँखों की रौशनीप्रिय या मूल्यवानउसका प्यार उसकी आँखों की रौशनी है।
492आ बैल मुझे मारस्वयं को संकट में डालनाझूठे दोस्त ने आ बैल मुझे मार कहा।
493अबकी बारइस बारअबकी बार जीत हमारी होगी।
494आँखों में धूल झोंकनाभ्रमित करनाव्यापारी ने ग्राहक की आंखों में धूल झोंक दी।
495अंगूर खट्टे हैंअसफलता का बहानाउसने प्रतियोगी परीक्षा में हारने के बाद कहा, अंगूर खट्टे हैं।
496आग में पानी डालनाशांति करनाझगड़े को रोकने के लिए आग में पानी डाला।
497अक्ल का अंधासमझ न रखने वालाउसने अक्ल का अंधा बनकर सलाह नहीं मानी।
498औंधे मुंह गिरनाअसफल होनापरीक्षा में उसने औंधे मुंह गिर गया।
499आदमी का असली चेहरावास्तविक स्वभावसमय आने पर आदमी का असली चेहरा सामने आता है।
500आँखों का ताराप्रियतमबच्चा उसकी आँखों का तारा है।


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