Hindi Grammar | अध्याय 29: मुहावरे और लोकोक्तियाँ (Muhavare aur Lokoktiyan) | @itselfu
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| Hindi Grammar | अध्याय 29: मुहावरे और लोकोक्तियाँ (Muhavare aur Lokoktiyan) | @itselfu |
अध्याय 29: मुहावरे और लोकोक्तियाँ (Muhavare aur Lokoktiyan)
परिचय
भाषा केवल शब्दों का समूह नहीं है, बल्कि इसमें भाव, शैली, और संस्कृति भी समाहित होती है। किसी भी भाषा की सुंदरता उसके मुहावरों (Idioms) और लोकोक्तियों (Proverbs) में प्रकट होती है।
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मुहावरा (Muhavra):मुहावरा वह शब्द या वाक्यांश है जिसका शाब्दिक अर्थ और वास्तविक अर्थ अलग होता है। यह रोज़मर्रा की भाषा में भाव व्यक्त करने का साधन है।उदाहरण:
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सोन चाँदी की तरह → बहुमूल्य या अनमोल।
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आँख का तारा → प्रिय या बहुत प्यारा।
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लोकोक्ति (Lokokti / Proverbs):लोकोक्ति वह सुविचारित वाक्य है जो जीवन के अनुभव और समाज की ज्ञानवर्धक बातें बताता है। इसका प्रयोग व्यक्ति को शिक्षाप्रद और नैतिक शिक्षा देने के लिए होता है।उदाहरण:
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बन्दर क्या जाने अदरक का स्वाद → अज्ञानी व्यक्ति किसी चीज़ के मूल्य को नहीं समझ सकता।
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नाच न जाने आँगन टेढ़ा → अपनी अक्षमता का बहाना बनाना।
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मुहावरों के प्रकार
मुहावरे आमतौर पर भावानुसार और प्रयोजन अनुसार कई प्रकार के होते हैं।
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समानार्थक मुहावरे (Synonymous Idioms)जिनका अर्थ समान होता है।उदाहरण:
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हाथ मलना = निराश होना
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खुदा का शुक्र = आभारी होना
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विरोधाभासी मुहावरे (Contradictory Idioms)जिनका शाब्दिक अर्थ अलग, पर वास्तविक अर्थ विरोधाभासी हो।उदाहरण:
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आसमान से गिरे, खजूर में अटके → बुरी स्थिति से बेहतर स्थिति में जाना।
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प्रकृति आधारित मुहावरे (Nature-Based Idioms)जो प्राकृतिक तत्वों से संबंधित हैं।उदाहरण:
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आँखों का तारा = प्रिय
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अँधेरा छा जाना = भ्रम या समस्या बढ़ना
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व्यवहार और क्रिया आधारित मुहावरेजो दैनिक व्यवहार या क्रियाओं पर आधारित हों।उदाहरण:
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हाथ-पाँव मारना = प्रयास करना
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नाक में दम करना = परेशान करना
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लोकोक्तियों के प्रकार
लोकोक्तियाँ भी जीवन में अनुभव और नैतिक शिक्षा के आधार पर विभाजित की जाती हैं।
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ज्ञानवर्धक लोकोक्तियाँ (Educational/Knowledge-Based)जिनसे जीवन के अनुभव सीखने को मिलते हैं।उदाहरण:
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धीरे-धीरे रे मना, धीरे सब कुछ होय → धैर्य से ही सफलता मिलती है।
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चेतावनी देने वाली लोकोक्तियाँ (Warning/Advisory)जो किसी खतरे या गलती से बचाने की सीख देती हैं।उदाहरण:
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सावधान रहो, काल काटेगा → सतर्क रहो।
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नैतिक और संस्कारी लोकोक्तियाँ (Moral Proverbs)जीवन में सदाचार और नैतिक मूल्यों की शिक्षा देती हैं।उदाहरण:
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सच्चाई हमेशा विजय पाती है
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बुरा जो देखन मैं चला, बुरा न मिलिया कोय
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व्यवहारिक और अनुभव आधारित लोकोक्तियाँ (Practical Proverbs)रोज़मर्रा के अनुभवों पर आधारित।उदाहरण:
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जो गरजते हैं वो बरसते नहीं → दिखावे वाले हमेशा डरावने नहीं होते।
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निष्कर्ष
मुहावरे और लोकोक्तियाँ न केवल भाषा की सुंदरता बढ़ाते हैं, बल्कि विचार, व्यवहार और नैतिकता की शिक्षा भी देते हैं। प्रतियोगी परीक्षा में इनका अभ्यास करने से न केवल हिंदी भाषा की पकड़ मजबूत होती है, बल्कि वाक्य निर्माण, समझ और लेखन क्षमता भी बढ़ती है।
महत्वपूर्ण मुहावरे
STEP - I
| # | मुहावरा | अर्थ | वाक्य में प्रयोग |
|---|---|---|---|
| 1 | आँख का तारा | प्रिय | राम अपने छोटे भाई का आँख का तारा है। |
| 2 | हाथ-पाँव मारना | प्रयास करना | परीक्षा में अच्छे अंक पाने के लिए छात्र ने हाथ-पाँव मारे। |
| 3 | आ बैल मुझे मार | विपरीत परिस्थिति में फँसाना | उसने आ बैल मुझे मार कहकर झूठा आरोप लगाया। |
| 4 | सोने पे सुहागा | अतिरिक्त लाभ | नौकरी में प्रमोशन और बोनस, सोने पे सुहागा था। |
| 5 | आँखें चार करना | ढूँढना | नई नौकरी के लिए उसने सारे शहर में आँखें चार की। |
| 6 | आँखें खोलना | सच जानना | झूठ पकड़े जाने पर उसने अपनी आँखें खोली। |
| 7 | दाल में कुछ काला होना | संदिग्ध होना | उसकी बातों में दाल में कुछ काला है। |
| 8 | नाक कटाना | अपमानित होना | झूठ बोलने पर उसका नाक कट गया। |
| 9 | हाथ धोकर देना | मदद करना | मुश्किल में उसने हाथ धोकर मुझे सहायता दी। |
| 10 | सिर चढ़कर बोलना | अहंकारी होना | परीक्षा में उसने सिर चढ़कर बोलना शुरू कर दिया। |
| 11 | पेट में खट्टी डालना | निराश होना | नौकरी नहीं मिलने पर उसने पेट में खट्टी डाल ली। |
| 12 | दिल में उतारना | ध्यान रखना | गुरुजी ने पाठ को दिल में उतारने को कहा। |
| 13 | कान भरना | ध्यान से सुनना | बच्चों ने मास्टर की बातें कान भर सुन लीं। |
| 14 | हाथ की सफाई | कुशल होना | नए कर्मचारी की हाथ की सफाई देखकर बॉस खुश हुआ। |
| 15 | घूंघट डालना | छुपाना | उसने अपनी असली पहचान घूंघट डाल दी। |
| 16 | आँखों का धुंध | भ्रम | झूठे वादों से उसकी आँखों का धुंध छा गया। |
| 17 | पसीना बहाना | मेहनत करना | परीक्षा में अच्छे अंक लाने के लिए उसने पसीना बहाया। |
| 18 | माथा ठोकना | कठिनाई स्वीकारना | मुश्किल काम को उसने माथा ठोककर किया। |
| 19 | नाक में दम करना | परेशान करना | पड़ोसी लगातार नाक में दम कर रहे थे। |
| 20 | मुँह की खाया | अपमानित होना | झूठ बोलने पर उसे मुँह की खाया। |
| 21 | कान का कच्चा | सरल या भोला | वह बहुत कान का कच्चा है, आसानी से विश्वास कर लेता है। |
| 22 | आँख मूँदकर | विश्वासपूर्वक | उसने उसके कहने पर आँख मूँदकर पैसे दे दिए। |
| 23 | साँप छूने से डरना | भयभीत होना | परीक्षा के कठिन सवाल देखकर छात्र साँप छूने से डर गया। |
| 24 | हाथ पर हाथ धरे बैठना | निष्क्रिय होना | समस्या देखकर वह हाथ पर हाथ धरे बैठा रहा। |
| 25 | जी भर खाना | भरपूर खाना | त्यौहार पर सभी ने जी भर खाना खाया। |
| 26 | दिल दुखाना | कष्ट पहुँचाना | उसके व्यवहार ने मुझे बहुत दिल दुखाया। |
| 27 | सिर खुजाना | चिन्ता करना | परीक्षा में कम अंक आने पर छात्र सिर खुजाने लगे। |
| 28 | आँखों में धूल झोंकना | भ्रमित करना | व्यापारी ने ग्राहक की आँखों में धूल झोंक दी। |
| 29 | आँख मूँदना | अनदेखा करना | उसने अपनी गलती को आँख मूँदकर छोड़ दिया। |
| 30 | जी जान से | पूरी मेहनत से | उसने परीक्षा में सफलता पाने के लिए जी जान से पढ़ाई की। |
| 31 | दिल पर पत्थर रख लेना | कठोर निर्णय लेना | उसने अपने परिवार के लिए कठिन निर्णय लेते हुए दिल पर पत्थर रख लिया। |
| 32 | जीते जी | जीवन में | उसने जीते जी अपने लक्ष्यों को पूरा किया। |
| 33 | कान भर सुनना | ध्यान से सुनना | शिक्षक की बातें बच्चों ने कान भर सुन लीं। |
| 34 | आँखों के तारे | प्रिय | वह अपने बच्चों की आँखों के तारे हैं। |
| 35 | हाथ पैर मारना | कोशिश करना | नौकरी पाने के लिए उसने हाथ पैर मारे। |
| 36 | दिल में बसाना | याद रखना | उसने गुरु के उपदेश को दिल में बसा लिया। |
| 37 | मुँह मीठा करना | खुश होना | पुरस्कार जीतकर छात्रों ने मुँह मीठा किया। |
| 38 | कान फोड़ना | कष्ट देना | बच्चों की तेज आवाज ने कान फोड़ दिया। |
| 39 | नाक साफ करना | विजय पाना | प्रतियोगिता में उसे नाक साफ करना पड़ा। |
| 40 | आँख मूँदकर भरोसा करना | पूर्ण विश्वास करना | उसने आँख मूँदकर मित्र पर भरोसा किया। |
| 41 | दिल तोड़ना | दुख पहुँचाना | उसकी बेवफ़ाई ने उसका दिल तोड़ दिया। |
| 42 | हाथ पैर फूलना | थक जाना | लंबी यात्रा के बाद उसका हाथ पैर फूल गया। |
| 43 | कानों कान रहना | सुनाई न देना | उसने सारी बातें कानों कान रखीं। |
| 44 | आँखें चार करना | खोज करना | गुम हुई चाबी को ढूँढने के लिए उसने आँखें चार की। |
| 45 | सिर फोड़ना | मेहनत करना | कठिन गणित का सवाल हल करने के लिए उसने सिर फोड़ा। |
| 46 | मन में बिठाना | याद रखना | शिक्षक ने पाठ को बच्चों के मन में बिठाया। |
| 47 | पेट में दर्द रखना | चिंता करना | परीक्षा से पहले छात्र के पेट में दर्द था। |
| 48 | दिल पर हाथ रखना | सच बोलना | उसने अपने दिल पर हाथ रखकर सच कहा। |
| 49 | नाक में दम करना | परेशान करना | बच्चों की शरारतों ने माँ की नाक में दम किया। |
| 50 | आँखों का धुंध | भ्रम | झूठे वादों ने उसकी आँखों का धुंध कर दिया। |
| 51 | दिल खोलकर | खुलकर | उसने मित्र से दिल खोलकर बातें की। |
| 52 | हाथ-पाँव जोड़ना | मदद माँगना | उसने मित्र से हाथ-पाँव जोड़कर मदद माँगी। |
| 53 | सिर चढ़ाना | अहंकारी होना | वह अपने काम में बहुत सिर चढ़ाता है। |
| 54 | आँखों में आँसू लाना | दुख देना | समाचार ने सबकी आँखों में आँसू ला दिए। |
| 55 | कानों में तेल डालना | सावधानी रखना | अध्यापक ने बच्चों को कानों में तेल डालकर झूठ न सुनने की सलाह दी। |
| 56 | मुँह से पानी गिरना | बहुत इच्छा होना | मिठाई देखकर मुँह से पानी गिर रहा था। |
| 57 | दिल से लगाना | पूरी मेहनत से करना | उसने पढ़ाई को दिल से लगाया। |
| 58 | हाथ से छूटना | अवसर खोना | उसने नौकरी का अवसर हाथ से छूटने दिया। |
| 59 | पेट कटना | भयभीत होना | परीक्षा का कठिन सवाल देखकर छात्रों का पेट कट गया। |
| 60 | आँखों में चमक | खुशी या उत्साह | पुरस्कार जीतकर उसकी आँखों में चमक थी। |
| 61 | कान थामना | ध्यान से सुनना | बच्चों ने ध्यान से मास्टर की बातें कान थामकर सुनी। |
| 62 | हाथ धोकर देना | मदद करना | संकट में उसने मित्र की मदद हाथ धोकर दी। |
| 63 | जी भर खाना | मन भरकर खाना | त्यौहार पर सभी ने जी भर मिठाई खाई। |
| 64 | सिर फोड़ना | कठिनाई स्वीकार करना | कठिन सवाल हल करने के लिए छात्रों ने सिर फोड़ा। |
| 65 | दिल में उतरना | याद रखना | गुरु के उपदेश दिल में उतर गए। |
| 66 | आँखें फाड़ना | ध्यान से देखना | चित्रकार ने चित्र को आँखें फाड़कर देखा। |
| 67 | कान का कच्चा | भोला | वह कान का कच्चा लड़का है। |
| 68 | पेट में दर्द रखना | चिंतित होना | परीक्षा से पहले छात्र के पेट में दर्द था। |
| 69 | नाक कटाना | अपमानित होना | झूठ बोलने पर उसका नाक कट गया। |
| 70 | मुँह मीठा करना | खुश होना | पुरस्कार मिलने के बाद सभी ने मुँह मीठा किया। |
| 71 | हाथ-पाँव फूलना | थक जाना | लंबी यात्रा के बाद उसका हाथ-पाँव फूल गया। |
| 72 | आँखों में धूल झोंकना | भ्रमित करना | व्यापारी ने ग्राहक की आँखों में धूल झोंक दी। |
| 73 | जी जान से | पूरी मेहनत से | उसने परीक्षा में सफलता पाने के लिए जी जान से पढ़ाई की। |
| 74 | हाथ पर हाथ धरे बैठना | निष्क्रिय रहना | समस्या देखकर वह हाथ पर हाथ धरे बैठा रहा। |
| 75 | दिल तोड़ना | दुख पहुँचाना | उसकी बेवफ़ाई ने दिल तोड़ दिया। |
| 76 | सिर खुजाना | चिन्ता करना | परीक्षा में कम अंक आने पर सिर खुजाया। |
| 77 | आँखों में आँसू लाना | दुख देना | दुखद समाचार ने आँखों में आँसू ला दिए। |
| 78 | कान भर सुनना | ध्यान से सुनना | बच्चों ने मास्टर की बातें कान भर सुन लीं। |
| 79 | मुँह से पानी गिरना | इच्छा होना | मिठाई देखकर मुँह से पानी गिर रहा था। |
| 80 | हाथ-पाँव मारना | प्रयास करना | परीक्षा में अच्छे अंक पाने के लिए हाथ-पाँव मारे। |
| 81 | दिल खोलकर | खुलकर | उसने मित्र से दिल खोलकर बातें की। |
| 82 | सिर चढ़ाना | अहंकारी होना | वह अपने काम में सिर चढ़ाता है। |
| 83 | आँखें चार करना | ढूँढना | गुम हुई चाबी को ढूँढने के लिए आँखें चार की। |
| 84 | पेट में खट्टी डालना | निराश होना | नौकरी नहीं मिलने पर पेट में खट्टी डाल ली। |
| 85 | नाच न जाने आँगन टेढ़ा | अपनी अक्षमता का बहाना | उसने खेल में हारकर कहा, नाच न जाने आँगन टेढ़ा। |
| 86 | साँप छूने से डरना | भयभीत होना | परीक्षा के कठिन सवाल देखकर छात्र साँप छूने से डर गया। |
| 87 | दिल पर पत्थर रख लेना | कठिन निर्णय लेना | कठिन स्थिति में उसने दिल पर पत्थर रख लिया। |
| 88 | जीते जी | जीवन में | उसने जीते जी अपने लक्ष्य पूरे किए। |
| 89 | समय बड़ा बलवान | समय से सब बदलता है | धैर्य रखें, समय बड़ा बलवान है। |
| 90 | जैसे को तैसा | जैसा व्यवहार वैसा परिणाम | झूठा बोला, जैसे को तैसा उसे भी झूठ का फल मिला। |
| 91 | बूँद-बूँद से सागर बनता है | छोटे प्रयास से बड़ी सफलता | रोज़ पढ़ाई करने से ज्ञान बूँद-बूँद से सागर बनता है। |
| 92 | आँख मूँदकर | विश्वासपूर्वक | उसने मित्र पर आँख मूँदकर भरोसा किया। |
| 93 | हाथ धोकर देना | मदद करना | संकट में उसने मित्र की मदद हाथ धोकर दी। |
| 94 | कानों कान रहना | अनसुना रखना | उसने सारी बातें कानों कान रखीं। |
| 95 | दिल में उतरना | याद रखना | गुरु के उपदेश दिल में उतर गए। |
| 96 | मुँह मीठा करना | खुश होना | पुरस्कार जीतकर छात्रों ने मुँह मीठा किया। |
| 97 | पेट कटना | भयभीत होना | परीक्षा का कठिन सवाल देखकर छात्रों का पेट कट गया। |
| 98 | आँखों में चमक | खुशी या उत्साह | पुरस्कार जीतकर उसकी आँखों में चमक थी। |
| 99 | कान थामना | ध्यान से सुनना | बच्चों ने ध्यान से मास्टर की बातें कान थामकर सुनी। |
| 100 | हाथ-पाँव जोड़ना | मदद माँगना | उसने मित्र से हाथ-पाँव जोड़कर मदद माँगी। |
STEP - II
| # | मुहावरा | अर्थ | वाक्य में प्रयोग |
|---|---|---|---|
| 101 | आँखों का धोखा | भ्रम या गलत समझ | उसके सुंदर शब्द केवल आँखों का धोखा थे। |
| 102 | हाथ की सफाई | कुशल होना | नए कर्मचारी की हाथ की सफाई देखकर बॉस खुश हुआ। |
| 103 | घूँघट डालना | छुपाना | उसने अपनी असली पहचान घूँघट डाल दी। |
| 104 | आँखों में आँसू लाना | दुख देना | समाचार ने सभी की आँखों में आँसू ला दिए। |
| 105 | जी भर खाना | भरपूर खाना | त्यौहार पर सभी ने जी भर मिठाई खाई। |
| 106 | सिर चढ़कर बोलना | अहंकारी होना | उसने सभा में सिर चढ़कर बोलना शुरू किया। |
| 107 | हाथ-पाँव फूलना | थक जाना | लंबी यात्रा के बाद हाथ-पाँव फूल गए। |
| 108 | दिल पर पत्थर रख लेना | कठोर निर्णय लेना | कठिन परिस्थिति में उसने दिल पर पत्थर रख लिया। |
| 109 | नाक में दम करना | परेशान करना | बच्चों की शरारतों ने माँ की नाक में दम किया। |
| 110 | मुँह मीठा करना | खुश होना | पुरस्कार जीतकर बच्चों ने मुँह मीठा किया। |
| 111 | पेट में दर्द रखना | चिंता करना | परीक्षा से पहले छात्र के पेट में दर्द था। |
| 112 | कान भर सुनना | ध्यान से सुनना | छात्रों ने शिक्षक की बातें कान भर सुन लीं। |
| 113 | आँखें चार करना | ढूँढना | गुम हुई चाबी को ढूँढने के लिए उसने आँखें चार की। |
| 114 | सिर फोड़ना | कठिनाई स्वीकार करना | गणित का कठिन सवाल हल करने के लिए उसने सिर फोड़ा। |
| 115 | दिल में उतरना | याद रखना | गुरु के उपदेश बच्चों के दिल में उतर गए। |
| 116 | हाथ पर हाथ धरे बैठना | निष्क्रिय रहना | समस्या देखकर वह हाथ पर हाथ धरे बैठा रहा। |
| 117 | आँखों में धूल झोंकना | भ्रमित करना | व्यापारी ने ग्राहक की आँखों में धूल झोंक दी। |
| 118 | साँप छूने से डरना | भयभीत होना | परीक्षा के कठिन सवाल देखकर छात्र साँप छूने से डर गया। |
| 119 | नाच न जाने आँगन टेढ़ा | अपनी अक्षमता का बहाना | खेल में हारकर उसने कहा, नाच न जाने आँगन टेढ़ा। |
| 120 | जैसे को तैसा | जैसा व्यवहार वैसा ही परिणाम | झूठा बोला, जैसे को तैसा उसे भी झूठ का फल मिला। |
| 121 | बूँद-बूँद से सागर बनता है | छोटे प्रयास से बड़ी सफलता | रोज़ पढ़ाई करने से ज्ञान बूँद-बूँद से सागर बनता है। |
| 122 | जी जान से | पूरी मेहनत से | उसने परीक्षा में सफलता पाने के लिए जी जान से पढ़ाई की। |
| 123 | आँख मूँदकर | विश्वासपूर्वक | उसने मित्र पर आँख मूँदकर भरोसा किया। |
| 124 | हाथ धोकर देना | मदद करना | संकट में उसने मित्र की मदद हाथ धोकर दी। |
| 125 | कानों कान रहना | अनसुना रखना | उसने सारी बातें कानों कान रखीं। |
| 126 | मुँह से पानी गिरना | बहुत इच्छा होना | मिठाई देखकर मुँह से पानी गिर रहा था। |
| 127 | दिल खोलकर | खुलकर | उसने मित्र से दिल खोलकर बातें की। |
| 128 | पेट कटना | भयभीत होना | परीक्षा का कठिन सवाल देखकर छात्रों का पेट कट गया। |
| 129 | आँखों में चमक | खुशी या उत्साह | पुरस्कार जीतकर उसकी आँखों में चमक थी। |
| 130 | कान थामना | ध्यान से सुनना | बच्चों ने ध्यान से मास्टर की बातें कान थामकर सुनी। |
| 131 | हाथ-पाँव जोड़ना | मदद माँगना | उसने मित्र से हाथ-पाँव जोड़कर मदद माँगी। |
| 132 | दिल तोड़ना | दुख पहुँचाना | उसकी बेवफ़ाई ने उसका दिल तोड़ दिया। |
| 133 | सिर खुजाना | चिन्ता करना | परीक्षा में कम अंक आने पर सिर खुजाया। |
| 134 | आँखों का तारा | प्रिय | वह अपने बच्चों की आँखों का तारा है। |
| 135 | हाथ-पाँव मारना | कोशिश करना | नौकरी पाने के लिए उसने हाथ-पाँव मारे। |
| 136 | मुँह मीठा करना | खुश होना | पुरस्कार मिलने के बाद सभी ने मुँह मीठा किया। |
| 137 | पेट में खट्टी डालना | निराश होना | नौकरी नहीं मिलने पर पेट में खट्टी डाल ली। |
| 138 | नाक कटाना | अपमानित होना | झूठ बोलने पर उसका नाक कट गया। |
| 139 | दिल में बसाना | याद रखना | उसने गुरु के उपदेश को दिल में बसा लिया। |
| 140 | आँख मूँदना | अनदेखा करना | उसने अपनी गलती को आँख मूँदकर छोड़ दिया। |
| 141 | जी भर खाना | मन भरकर खाना | त्यौहार पर सभी ने जी भर मिठाई खाई। |
| 142 | हाथ धोकर देना | मदद करना | संकट में उसने मित्र की मदद हाथ धोकर दी। |
| 143 | आँखों में आँसू लाना | दुख देना | दुखद समाचार ने आँखों में आँसू ला दिए। |
| 144 | सिर फोड़ना | मेहनत करना | कठिन गणित का सवाल हल करने के लिए उसने सिर फोड़ा। |
| 145 | दिल पर हाथ रखना | सच बोलना | उसने अपने दिल पर हाथ रखकर सच कहा। |
| 146 | कान भर सुनना | ध्यान से सुनना | बच्चों ने मास्टर की बातें कान भर सुन लीं। |
| 147 | हाथ-पाँव फूलना | थक जाना | लंबी यात्रा के बाद हाथ-पाँव फूल गए। |
| 148 | आँखें चार करना | खोज करना | गुम हुई चाबी को ढूँढने के लिए उसने आँखें चार की। |
| 149 | नाक में दम करना | परेशान करना | बच्चों की शरारतों ने माँ की नाक में दम किया। |
| 150 | साँप छूने से डरना | भयभीत होना | परीक्षा के कठिन सवाल देखकर छात्र साँप छूने से डर गया। |
| 151 | आँखों का धोखा | भ्रम | उसके सुंदर शब्द केवल आँखों का धोखा थे। |
| 152 | हाथ की सफाई | कुशल होना | नए कर्मचारी की हाथ की सफाई देखकर बॉस खुश हुआ। |
| 153 | घूँघट डालना | छुपाना | उसने अपनी असली पहचान घूँघट डाल दी। |
| 154 | आँखों में धूल झोंकना | भ्रमित करना | व्यापारी ने ग्राहक की आँखों में धूल झोंक दी। |
| 155 | पेट कटना | भयभीत होना | परीक्षा का कठिन सवाल देखकर छात्रों का पेट कट गया। |
| 156 | दिल खोलकर | खुलकर | उसने मित्र से दिल खोलकर बातें की। |
| 157 | कानों कान रहना | अनसुना रखना | उसने सारी बातें कानों कान रखीं। |
| 158 | जीते जी | जीवन में | उसने जीते जी अपने लक्ष्य पूरे किए। |
| 159 | समय बड़ा बलवान | समय से सब बदलता है | धैर्य रखें, समय बड़ा बलवान है। |
| 160 | बूँद-बूँद से सागर बनता है | छोटे प्रयास से बड़ी सफलता | रोज़ पढ़ाई करने से ज्ञान बूँद-बूँद से सागर बनता है। |
| 161 | हाथ-पाँव जोड़ना | मदद माँगना | उसने मित्र से हाथ-पाँव जोड़कर मदद माँगी। |
| 162 | सिर चढ़कर बोलना | अहंकारी होना | सभा में उसने सिर चढ़कर बोलना शुरू किया। |
| 163 | आँखों में चमक | खुशी या उत्साह | पुरस्कार जीतकर उसकी आँखों में चमक थी। |
| 164 | मुँह से पानी गिरना | इच्छा होना | मिठाई देखकर मुँह से पानी गिर रहा था। |
| 165 | पेट में दर्द रखना | चिंतित होना | परीक्षा से पहले छात्र के पेट में दर्द था। |
| 166 | दिल तोड़ना | दुख पहुँचाना | उसकी बेवफ़ाई ने उसका दिल तोड़ दिया। |
| 167 | आँखों का तारा | प्रिय | वह अपने बच्चों की आँखों का तारा है। |
| 168 | सिर फोड़ना | मेहनत करना | कठिन गणित का सवाल हल करने के लिए उसने सिर फोड़ा। |
| 169 | दिल में उतरना | याद रखना | गुरु के उपदेश दिल में उतर गए। |
| 170 | हाथ पर हाथ धरे बैठना | निष्क्रिय रहना | समस्या देखकर वह हाथ पर हाथ धरे बैठा रहा। |
| 171 | जी जान से | पूरी मेहनत से | उसने परीक्षा में सफलता पाने के लिए जी जान से पढ़ाई की। |
| 172 | आँख मूँदकर | विश्वासपूर्वक | उसने मित्र पर आँख मूँदकर भरोसा किया। |
| 173 | हाथ धोकर देना | मदद करना | संकट में उसने मित्र की मदद हाथ धोकर दी। |
| 174 | कान थामना | ध्यान से सुनना | बच्चों ने ध्यान से मास्टर की बातें कान थामकर सुनी। |
| 175 | आँखें चार करना | ढूँढना | गुम हुई चाबी को ढूँढने के लिए आँखें चार की। |
| 176 | नाच न जाने आँगन टेढ़ा | अपनी अक्षमता का बहाना | खेल में हारकर उसने कहा, नाच न जाने आँगन टेढ़ा। |
| 177 | जैसे को तैसा | जैसा व्यवहार वैसा ही परिणाम | झूठा बोला, जैसे को तैसा उसे भी झूठ का फल मिला। |
| 178 | बूँद-बूँद से सागर बनता है | छोटे प्रयास से बड़ी सफलता | रोज़ पढ़ाई करने से ज्ञान बूँद-बूँद से सागर बनता है। |
| 179 | आँखों में आँसू लाना | दुख देना | समाचार ने सभी की आँखों में आँसू ला दिए। |
| 180 | पेट में खट्टी डालना | निराश होना | नौकरी नहीं मिलने पर पेट में खट्टी डाल ली। |
| 181 | नाक कटाना | अपमानित होना | झूठ बोलने पर उसका नाक कट गया। |
| 182 | मुँह मीठा करना | खुश होना | पुरस्कार जीतकर छात्रों ने मुँह मीठा किया। |
| 183 | हाथ-पाँव फूलना | थक जाना | लंबी यात्रा के बाद हाथ-पाँव फूल गए। |
| 184 | सिर खुजाना | चिन्ता करना | परीक्षा में कम अंक आने पर सिर खुजाया। |
| 185 | साँप छूने से डरना | भयभीत होना | परीक्षा के कठिन सवाल देखकर छात्र साँप छूने से डर गया। |
| 186 | दिल पर पत्थर रख लेना | कठोर निर्णय लेना | कठिन परिस्थिति में उसने दिल पर पत्थर रख लिया। |
| 187 | जीते जी | जीवन में | उसने जीते जी अपने लक्ष्य पूरे किए। |
| 188 | समय बड़ा बलवान | समय से सब बदलता है | धैर्य रखें, समय बड़ा बलवान है। |
| 189 | कानों कान रहना | अनसुना रखना | उसने सारी बातें कानों कान रखीं। |
| 190 | आँखों का धोखा | भ्रम | उसके सुंदर शब्द केवल आँखों का धोखा थे। |
| 191 | हाथ की सफाई | कुशल होना | नए कर्मचारी की हाथ की सफाई देखकर बॉस खुश हुआ। |
| 192 | घूँघट डालना | छुपाना | उसने अपनी असली पहचान घूँघट डाल दी। |
| 193 | दिल खोलकर | खुलकर | उसने मित्र से दिल खोलकर बातें की। |
| 194 | पेट कटना | भयभीत होना | परीक्षा का कठिन सवाल देखकर छात्रों का पेट कट गया। |
| 195 | मुँह से पानी गिरना | बहुत इच्छा होना | मिठाई देखकर मुँह से पानी गिर रहा था। |
| 196 | आँखों में चमक | खुशी या उत्साह | पुरस्कार जीतकर उसकी आँखों में चमक थी। |
| 197 | सिर फोड़ना | मेहनत करना | कठिन गणित का सवाल हल करने के लिए उसने सिर फोड़ा। |
| 198 | दिल में उतरना | याद रखना | गुरु के उपदेश दिल में उतर गए। |
| 199 | हाथ पर हाथ धरे बैठना | निष्क्रिय रहना | समस्या देखकर वह हाथ पर हाथ धरे बैठा रहा। |
| 200 | आँख मूँदकर | विश्वासपूर्वक | उसने मित्र पर आँख मूँदकर भरोसा किया। |
STEP - III
| # | मुहावरा | अर्थ | वाक्य में प्रयोग |
|---|---|---|---|
| 201 | आँखों में धूल झोंकना | भ्रमित करना | व्यापारी ने ग्राहक की आँखों में धूल झोंक दी। |
| 202 | हाथ-पाँव फूलना | थक जाना | लंबी यात्रा के बाद उसका हाथ-पाँव फूल गए। |
| 203 | मुँह मीठा करना | खुश होना | पुरस्कार मिलने के बाद सभी ने मुँह मीठा किया। |
| 204 | दिल पर पत्थर रख लेना | कठोर निर्णय लेना | कठिन परिस्थिति में उसने दिल पर पत्थर रख लिया। |
| 205 | पेट कटना | भयभीत होना | परीक्षा का कठिन सवाल देखकर छात्रों का पेट कट गया। |
| 206 | कान भर सुनना | ध्यान से सुनना | बच्चों ने मास्टर की बातें कान भर सुन लीं। |
| 207 | हाथ धोकर देना | मदद करना | संकट में उसने मित्र की मदद हाथ धोकर दी। |
| 208 | आँख मूँदकर | विश्वासपूर्वक | उसने मित्र पर आँख मूँदकर भरोसा किया। |
| 209 | जी भर खाना | भरपूर खाना | त्यौहार पर सभी ने जी भर मिठाई खाई। |
| 210 | सिर फोड़ना | मेहनत करना | कठिन गणित का सवाल हल करने के लिए उसने सिर फोड़ा। |
| 211 | आँखों का तारा | प्रिय | वह अपने बच्चों की आँखों का तारा है। |
| 212 | सिर चढ़कर बोलना | अहंकारी होना | सभा में उसने सिर चढ़कर बोलना शुरू किया। |
| 213 | हाथ-पाँव मारना | कोशिश करना | नौकरी पाने के लिए उसने हाथ-पाँव मारे। |
| 214 | नाच न जाने आँगन टेढ़ा | अपनी अक्षमता का बहाना | खेल में हारकर उसने कहा, नाच न जाने आँगन टेढ़ा। |
| 215 | जैसे को तैसा | जैसा व्यवहार वैसा ही परिणाम | झूठा बोला, जैसे को तैसा उसे भी झूठ का फल मिला। |
| 216 | बूँद-बूँद से सागर बनता है | छोटे प्रयास से बड़ी सफलता | रोज़ पढ़ाई करने से ज्ञान बूँद-बूँद से सागर बनता है। |
| 217 | आँखों में आँसू लाना | दुख देना | समाचार ने सभी की आँखों में आँसू ला दिए। |
| 218 | पेट में खट्टी डालना | निराश होना | नौकरी नहीं मिलने पर पेट में खट्टी डाल ली। |
| 219 | नाक कटाना | अपमानित होना | झूठ बोलने पर उसका नाक कट गया। |
| 220 | दिल खोलकर | खुलकर | उसने मित्र से दिल खोलकर बातें की। |
| 221 | कानों कान रहना | अनसुना रखना | उसने सारी बातें कानों कान रखीं। |
| 222 | हाथ पर हाथ धरे बैठना | निष्क्रिय रहना | समस्या देखकर वह हाथ पर हाथ धरे बैठा रहा। |
| 223 | साँप छूने से डरना | भयभीत होना | परीक्षा के कठिन सवाल देखकर छात्र साँप छूने से डर गया। |
| 224 | आँखों का धोखा | भ्रम | उसके सुंदर शब्द केवल आँखों का धोखा थे। |
| 225 | हाथ की सफाई | कुशल होना | नए कर्मचारी की हाथ की सफाई देखकर बॉस खुश हुआ। |
| 226 | घूँघट डालना | छुपाना | उसने अपनी असली पहचान घूँघट डाल दी। |
| 227 | आँखें चार करना | ढूँढना | गुम हुई चाबी को ढूँढने के लिए उसने आँखें चार की। |
| 228 | सिर खुजाना | चिन्ता करना | परीक्षा में कम अंक आने पर सिर खुजाया। |
| 229 | मुँह से पानी गिरना | बहुत इच्छा होना | मिठाई देखकर मुँह से पानी गिर रहा था। |
| 230 | दिल में उतरना | याद रखना | गुरु के उपदेश दिल में उतर गए। |
| 231 | हाथ-पाँव जोड़ना | मदद माँगना | उसने मित्र से हाथ-पाँव जोड़कर मदद माँगी। |
| 232 | पेट में दर्द रखना | चिंता करना | परीक्षा से पहले छात्र के पेट में दर्द था। |
| 233 | आँखों में चमक | खुशी या उत्साह | पुरस्कार जीतकर उसकी आँखों में चमक थी। |
| 234 | कान थामना | ध्यान से सुनना | बच्चों ने ध्यान से मास्टर की बातें कान थामकर सुनी। |
| 235 | नाक में दम करना | परेशान करना | बच्चों की शरारतों ने माँ की नाक में दम किया। |
| 236 | जी जान से | पूरी मेहनत से | उसने परीक्षा में सफलता पाने के लिए जी जान से पढ़ाई की। |
| 237 | सिर फोड़ना | कठिनाई स्वीकार करना | गणित का कठिन सवाल हल करने के लिए उसने सिर फोड़ा। |
| 238 | हाथ धोकर देना | मदद करना | संकट में उसने मित्र की मदद हाथ धोकर दी। |
| 239 | आँख मूँदना | अनदेखा करना | उसने अपनी गलती को आँख मूँदकर छोड़ दिया। |
| 240 | जीते जी | जीवन में | उसने जीते जी अपने लक्ष्य पूरे किए। |
| 241 | समय बड़ा बलवान | समय से सब बदलता है | धैर्य रखें, समय बड़ा बलवान है। |
| 242 | दिल तोड़ना | दुख पहुँचाना | उसकी बेवफ़ाई ने उसका दिल तोड़ दिया। |
| 243 | मुँह मीठा करना | खुश होना | पुरस्कार जीतकर छात्रों ने मुँह मीठा किया। |
| 244 | आँखों में आँसू लाना | दुख देना | समाचार ने सभी की आँखों में आँसू ला दिए। |
| 245 | पेट कटना | भयभीत होना | परीक्षा का कठिन सवाल देखकर छात्रों का पेट कट गया। |
| 246 | सिर चढ़कर बोलना | अहंकारी होना | सभा में उसने सिर चढ़कर बोलना शुरू किया। |
| 247 | हाथ-पाँव मारना | कोशिश करना | नौकरी पाने के लिए उसने हाथ-पाँव मारे। |
| 248 | नाच न जाने आँगन टेढ़ा | अपनी अक्षमता का बहाना | खेल में हारकर उसने कहा, नाच न जाने आँगन टेढ़ा। |
| 249 | जैसे को तैसा | जैसा व्यवहार वैसा ही परिणाम | झूठा बोला, जैसे को तैसा उसे भी झूठ का फल मिला। |
| 250 | बूँद-बूँद से सागर बनता है | छोटे प्रयास से बड़ी सफलता | रोज़ पढ़ाई करने से ज्ञान बूँद-बूँद से सागर बनता है। |
| 251 | आँखों का तारा | प्रिय | वह अपने बच्चों की आँखों का तारा है। |
| 252 | सिर खुजाना | चिन्ता करना | परीक्षा में कम अंक आने पर सिर खुजाया। |
| 253 | हाथ-पाँव फूलना | थक जाना | लंबी यात्रा के बाद हाथ-पाँव फूल गए। |
| 254 | कानों कान रहना | अनसुना रखना | उसने सारी बातें कानों कान रखीं। |
| 255 | आँखें चार करना | ढूँढना | गुम हुई चाबी को ढूँढने के लिए उसने आँखें चार की। |
| 256 | पेट में खट्टी डालना | निराश होना | नौकरी नहीं मिलने पर पेट में खट्टी डाल ली। |
| 257 | नाक कटाना | अपमानित होना | झूठ बोलने पर उसका नाक कट गया। |
| 258 | आँखों में धूल झोंकना | भ्रमित करना | व्यापारी ने ग्राहक की आँखों में धूल झोंक दी। |
| 259 | दिल खोलकर | खुलकर | उसने मित्र से दिल खोलकर बातें की। |
| 260 | साँप छूने से डरना | भयभीत होना | परीक्षा के कठिन सवाल देखकर छात्र साँप छूने से डर गया। |
| 261 | हाथ की सफाई | कुशल होना | नए कर्मचारी की हाथ की सफाई देखकर बॉस खुश हुआ। |
| 262 | घूँघट डालना | छुपाना | उसने अपनी असली पहचान घूँघट डाल दी। |
| 263 | हाथ-पाँव जोड़ना | मदद माँगना | उसने मित्र से हाथ-पाँव जोड़कर मदद माँगी। |
| 264 | कान थामना | ध्यान से सुनना | बच्चों ने ध्यान से मास्टर की बातें कान थामकर सुनी। |
| 265 | मुँह से पानी गिरना | बहुत इच्छा होना | मिठाई देखकर मुँह से पानी गिर रहा था। |
| 266 | जी भर खाना | भरपूर खाना | त्यौहार पर सभी ने जी भर मिठाई खाई। |
| 267 | दिल में उतरना | याद रखना | गुरु के उपदेश दिल में उतर गए। |
| 268 | सिर फोड़ना | मेहनत करना | कठिन गणित का सवाल हल करने के लिए उसने सिर फोड़ा। |
| 269 | पेट में दर्द रखना | चिंता करना | परीक्षा से पहले छात्र के पेट में दर्द था। |
| 270 | आँखों का धोखा | भ्रम | उसके सुंदर शब्द केवल आँखों का धोखा थे। |
| 271 | हाथ धोकर देना | मदद करना | संकट में उसने मित्र की मदद हाथ धोकर दी। |
| 272 | दिल तोड़ना | दुख पहुँचाना | उसकी बेवफ़ाई ने उसका दिल तोड़ दिया। |
| 273 | मुँह मीठा करना | खुश होना | पुरस्कार जीतकर छात्रों ने मुँह मीठा किया। |
| 274 | हाथ पर हाथ धरे बैठना | निष्क्रिय रहना | समस्या देखकर वह हाथ पर हाथ धरे बैठा रहा। |
| 275 | आँखों में आँसू लाना | दुख देना | समाचार ने सभी की आँखों में आँसू ला दिए। |
| 276 | सिर चढ़कर बोलना | अहंकारी होना | सभा में उसने सिर चढ़कर बोलना शुरू किया। |
| 277 | हाथ-पाँव मारना | कोशिश करना | नौकरी पाने के लिए उसने हाथ-पाँव मारे। |
| 278 | नाच न जाने आँगन टेढ़ा | अपनी अक्षमता का बहाना | खेल में हारकर उसने कहा, नाच न जाने आँगन टेढ़ा। |
| 279 | जैसे को तैसा | जैसा व्यवहार वैसा ही परिणाम | झूठा बोला, जैसे को तैसा उसे भी झूठ का फल मिला। |
| 280 | बूँद-बूँद से सागर बनता है | छोटे प्रयास से बड़ी सफलता | रोज़ पढ़ाई करने से ज्ञान बूँद-बूँद से सागर बनता है। |
| 281 | आँखों का तारा | प्रिय | वह अपने बच्चों की आँखों का तारा है। |
| 282 | सिर खुजाना | चिन्ता करना | परीक्षा में कम अंक आने पर सिर खुजाया। |
| 283 | पेट कटना | भयभीत होना | परीक्षा का कठिन सवाल देखकर छात्रों का पेट कट गया। |
| 284 | कानों कान रहना | अनसुना रखना | उसने सारी बातें कानों कान रखीं। |
| 285 | आँखें चार करना | ढूँढना | गुम हुई चाबी को ढूँढने के लिए उसने आँखें चार की। |
| 286 | पेट में खट्टी डालना | निराश होना | नौकरी नहीं मिलने पर पेट में खट्टी डाल ली। |
| 287 | नाक कटाना | अपमानित होना | झूठ बोलने पर उसका नाक कट गया। |
| 288 | आँखों में धूल झोंकना | भ्रमित करना | व्यापारी ने ग्राहक की आँखों में धूल झोंक दी। |
| 289 | दिल खोलकर | खुलकर | उसने मित्र से दिल खोलकर बातें की। |
| 290 | साँप छूने से डरना | भयभीत होना | परीक्षा के कठिन सवाल देखकर छात्र साँप छूने से डर गया। |
| 291 | हाथ की सफाई | कुशल होना | नए कर्मचारी की हाथ की सफाई देखकर बॉस खुश हुआ। |
| 292 | घूँघट डालना | छुपाना | उसने अपनी असली पहचान घूँघट डाल दी। |
| 293 | हाथ-पाँव जोड़ना | मदद माँगना | उसने मित्र से हाथ-पाँव जोड़कर मदद माँगी। |
| 294 | कान थामना | ध्यान से सुनना | बच्चों ने ध्यान से मास्टर की बातें कान थामकर सुनी। |
| 295 | मुँह से पानी गिरना | बहुत इच्छा होना | मिठाई देखकर मुँह से पानी गिर रहा था। |
| 296 | जी भर खाना | भरपूर खाना | त्यौहार पर सभी ने जी भर मिठाई खाई। |
| 297 | दिल में उतरना | याद रखना | गुरु के उपदेश दिल में उतर गए। |
| 298 | सिर फोड़ना | मेहनत करना | कठिन गणित का सवाल हल करने के लिए उसने सिर फोड़ा। |
| 299 | पेट में दर्द रखना | चिंता करना | परीक्षा से पहले छात्र के पेट में दर्द था। |
| 300 | आँखों का धोखा | भ्रम | उसके सुंदर शब्द केवल आँखों का धोखा थे। |
STEP - IV
| # | मुहावरा | अर्थ | वाक्य में प्रयोग |
|---|---|---|---|
| 301 | आँखों का तारा | प्रिय | वह अपने छोटे भाई की आँखों का तारा है। |
| 302 | हाथ-पाँव फूलना | थक जाना | लंबी यात्रा के बाद उसका हाथ-पाँव फूल गए। |
| 303 | मुँह मीठा करना | खुश होना | पुरस्कार मिलने के बाद सभी ने मुँह मीठा किया। |
| 304 | दिल पर पत्थर रख लेना | कठोर निर्णय लेना | कठिन परिस्थिति में उसने दिल पर पत्थर रख लिया। |
| 305 | पेट कटना | भयभीत होना | परीक्षा का कठिन सवाल देखकर छात्रों का पेट कट गया। |
| 306 | कान भर सुनना | ध्यान से सुनना | बच्चों ने शिक्षक की बातें कान भर सुन लीं। |
| 307 | हाथ धोकर देना | मदद करना | संकट में उसने मित्र की मदद हाथ धोकर दी। |
| 308 | आँख मूँदकर | विश्वासपूर्वक | उसने मित्र पर आँख मूँदकर भरोसा किया। |
| 309 | जी भर खाना | भरपूर खाना | त्यौहार पर सभी ने जी भर मिठाई खाई। |
| 310 | सिर फोड़ना | मेहनत करना | कठिन गणित का सवाल हल करने के लिए उसने सिर फोड़ा। |
| 311 | आँखों का धोखा | भ्रम | उसके सुंदर शब्द केवल आँखों का धोखा थे। |
| 312 | हाथ की सफाई | कुशल होना | नए कर्मचारी की हाथ की सफाई देखकर बॉस खुश हुआ। |
| 313 | घूँघट डालना | छुपाना | उसने अपनी असली पहचान घूँघट डाल दी। |
| 314 | आँखें चार करना | ढूँढना | गुम हुई चाबी को ढूँढने के लिए उसने आँखें चार की। |
| 315 | सिर खुजाना | चिन्ता करना | परीक्षा में कम अंक आने पर सिर खुजाया। |
| 316 | मुँह से पानी गिरना | बहुत इच्छा होना | मिठाई देखकर मुँह से पानी गिर रहा था। |
| 317 | दिल में उतरना | याद रखना | गुरु के उपदेश दिल में उतर गए। |
| 318 | हाथ-पाँव जोड़ना | मदद माँगना | उसने मित्र से हाथ-पाँव जोड़कर मदद माँगी। |
| 319 | पेट में दर्द रखना | चिंता करना | परीक्षा से पहले छात्र के पेट में दर्द था। |
| 320 | आँखों में चमक | खुशी या उत्साह | पुरस्कार जीतकर उसकी आँखों में चमक थी। |
| 321 | कान थामना | ध्यान से सुनना | बच्चों ने ध्यान से मास्टर की बातें कान थामकर सुनी। |
| 322 | नाक में दम करना | परेशान करना | बच्चों की शरारतों ने माँ की नाक में दम किया। |
| 323 | जी जान से | पूरी मेहनत से | उसने परीक्षा में सफलता पाने के लिए जी जान से पढ़ाई की। |
| 324 | सिर फोड़ना | कठिनाई स्वीकार करना | गणित का कठिन सवाल हल करने के लिए उसने सिर फोड़ा। |
| 325 | हाथ धोकर देना | मदद करना | संकट में उसने मित्र की मदद हाथ धोकर दी। |
| 326 | आँख मूँदना | अनदेखा करना | उसने अपनी गलती को आँख मूँदकर छोड़ दिया। |
| 327 | जीते जी | जीवन में | उसने जीते जी अपने लक्ष्य पूरे किए। |
| 328 | समय बड़ा बलवान | समय से सब बदलता है | धैर्य रखें, समय बड़ा बलवान है। |
| 329 | दिल तोड़ना | दुख पहुँचाना | उसकी बेवफ़ाई ने उसका दिल तोड़ दिया। |
| 330 | मुँह मीठा करना | खुश होना | पुरस्कार जीतकर छात्रों ने मुँह मीठा किया। |
| 331 | आँखों में आँसू लाना | दुख देना | समाचार ने सभी की आँखों में आँसू ला दिए। |
| 332 | पेट कटना | भयभीत होना | परीक्षा का कठिन सवाल देखकर छात्रों का पेट कट गया। |
| 333 | सिर चढ़कर बोलना | अहंकारी होना | सभा में उसने सिर चढ़कर बोलना शुरू किया। |
| 334 | हाथ-पाँव मारना | कोशिश करना | नौकरी पाने के लिए उसने हाथ-पाँव मारे। |
| 335 | नाच न जाने आँगन टेढ़ा | अपनी अक्षमता का बहाना | खेल में हारकर उसने कहा, नाच न जाने आँगन टेढ़ा। |
| 336 | जैसे को तैसा | जैसा व्यवहार वैसा ही परिणाम | झूठा बोला, जैसे को तैसा उसे भी झूठ का फल मिला। |
| 337 | बूँद-बूँद से सागर बनता है | छोटे प्रयास से बड़ी सफलता | रोज़ पढ़ाई करने से ज्ञान बूँद-बूँद से सागर बनता है। |
| 338 | आँखों का तारा | प्रिय | वह अपने बच्चों की आँखों का तारा है। |
| 339 | सिर खुजाना | चिन्ता करना | परीक्षा में कम अंक आने पर सिर खुजाया। |
| 340 | हाथ-पाँव फूलना | थक जाना | लंबी यात्रा के बाद हाथ-पाँव फूल गए। |
| 341 | कानों कान रहना | अनसुना रखना | उसने सारी बातें कानों कान रखीं। |
| 342 | आँखें चार करना | ढूँढना | गुम हुई चाबी को ढूँढने के लिए उसने आँखें चार की। |
| 343 | पेट में खट्टी डालना | निराश होना | नौकरी नहीं मिलने पर पेट में खट्टी डाल ली। |
| 344 | नाक कटाना | अपमानित होना | झूठ बोलने पर उसका नाक कट गया। |
| 345 | आँखों में धूल झोंकना | भ्रमित करना | व्यापारी ने ग्राहक की आँखों में धूल झोंक दी। |
| 346 | दिल खोलकर | खुलकर | उसने मित्र से दिल खोलकर बातें की। |
| 347 | साँप छूने से डरना | भयभीत होना | परीक्षा के कठिन सवाल देखकर छात्र साँप छूने से डर गया। |
| 348 | हाथ की सफाई | कुशल होना | नए कर्मचारी की हाथ की सफाई देखकर बॉस खुश हुआ। |
| 349 | घूँघट डालना | छुपाना | उसने अपनी असली पहचान घूँघट डाल दी। |
| 350 | हाथ-पाँव जोड़ना | मदद माँगना | उसने मित्र से हाथ-पाँव जोड़कर मदद माँगी। |
| 351 | कान थामना | ध्यान से सुनना | बच्चों ने ध्यान से मास्टर की बातें कान थामकर सुनी। |
| 352 | मुँह से पानी गिरना | बहुत इच्छा होना | मिठाई देखकर मुँह से पानी गिर रहा था। |
| 353 | जी भर खाना | भरपूर खाना | त्यौहार पर सभी ने जी भर मिठाई खाई। |
| 354 | दिल में उतरना | याद रखना | गुरु के उपदेश दिल में उतर गए। |
| 355 | सिर फोड़ना | मेहनत करना | कठिन गणित का सवाल हल करने के लिए उसने सिर फोड़ा। |
| 356 | पेट में दर्द रखना | चिंता करना | परीक्षा से पहले छात्र के पेट में दर्द था। |
| 357 | आँखों का धोखा | भ्रम | उसके सुंदर शब्द केवल आँखों का धोखा थे। |
| 358 | हाथ धोकर देना | मदद करना | संकट में उसने मित्र की मदद हाथ धोकर दी। |
| 359 | दिल तोड़ना | दुख पहुँचाना | उसकी बेवफ़ाई ने उसका दिल तोड़ दिया। |
| 360 | मुँह मीठा करना | खुश होना | पुरस्कार जीतकर छात्रों ने मुँह मीठा किया। |
| 361 | हाथ पर हाथ धरे बैठना | निष्क्रिय रहना | समस्या देखकर वह हाथ पर हाथ धरे बैठा रहा। |
| 362 | आँखों में आँसू लाना | दुख देना | समाचार ने सभी की आँखों में आँसू ला दिए। |
| 363 | सिर चढ़कर बोलना | अहंकारी होना | सभा में उसने सिर चढ़कर बोलना शुरू किया। |
| 364 | हाथ-पाँव मारना | कोशिश करना | नौकरी पाने के लिए उसने हाथ-पाँव मारे। |
| 365 | नाच न जाने आँगन टेढ़ा | अपनी अक्षमता का बहाना | खेल में हारकर उसने कहा, नाच न जाने आँगन टेढ़ा। |
| 366 | जैसे को तैसा | जैसा व्यवहार वैसा ही परिणाम | झूठा बोला, जैसे को तैसा उसे भी झूठ का फल मिला। |
| 367 | बूँद-बूँद से सागर बनता है | छोटे प्रयास से बड़ी सफलता | रोज़ पढ़ाई करने से ज्ञान बूँद-बूँद से सागर बनता है। |
| 368 | आँखों का तारा | प्रिय | वह अपने बच्चों की आँखों का तारा है। |
| 369 | सिर खुजाना | चिन्ता करना | परीक्षा में कम अंक आने पर सिर खुजाया। |
| 370 | हाथ-पाँव फूलना | थक जाना | लंबी यात्रा के बाद हाथ-पाँव फूल गए। |
| 371 | कानों कान रहना | अनसुना रखना | उसने सारी बातें कानों कान रखीं। |
| 372 | आँखें चार करना | ढूँढना | गुम हुई चाबी को ढूँढने के लिए उसने आँखें चार की। |
| 373 | पेट में खट्टी डालना | निराश होना | नौकरी नहीं मिलने पर पेट में खट्टी डाल ली। |
| 374 | नाक कटाना | अपमानित होना | झूठ बोलने पर उसका नाक कट गया। |
| 375 | आँखों में धूल झोंकना | भ्रमित करना | व्यापारी ने ग्राहक की आँखों में धूल झोंक दी। |
| 376 | दिल खोलकर | खुलकर | उसने मित्र से दिल खोलकर बातें की। |
| 377 | साँप छूने से डरना | भयभीत होना | परीक्षा के कठिन सवाल देखकर छात्र साँप छूने से डर गया। |
| 378 | हाथ की सफाई | कुशल होना | नए कर्मचारी की हाथ की सफाई देखकर बॉस खुश हुआ। |
| 379 | घूँघट डालना | छुपाना | उसने अपनी असली पहचान घूँघट डाल दी। |
| 380 | हाथ-पाँव जोड़ना | मदद माँगना | उसने मित्र से हाथ-पाँव जोड़कर मदद माँगी। |
| 381 | कान थामना | ध्यान से सुनना | बच्चों ने ध्यान से मास्टर की बातें कान थामकर सुनी। |
| 382 | मुँह से पानी गिरना | बहुत इच्छा होना | मिठाई देखकर मुँह से पानी गिर रहा था। |
| 383 | जी भर खाना | भरपूर खाना | त्यौहार पर सभी ने जी भर मिठाई खाई। |
| 384 | दिल में उतरना | याद रखना | गुरु के उपदेश दिल में उतर गए। |
| 385 | सिर फोड़ना | मेहनत करना | कठिन गणित का सवाल हल करने के लिए उसने सिर फोड़ा। |
| 386 | पेट में दर्द रखना | चिंता करना | परीक्षा से पहले छात्र के पेट में दर्द था। |
| 387 | आँखों का धोखा | भ्रम | उसके सुंदर शब्द केवल आँखों का धोखा थे। |
| 388 | हाथ धोकर देना | मदद करना | संकट में उसने मित्र की मदद हाथ धोकर दी। |
| 389 | दिल तोड़ना | दुख पहुँचाना | उसकी बेवफ़ाई ने उसका दिल तोड़ दिया। |
| 390 | मुँह मीठा करना | खुश होना | पुरस्कार जीतकर छात्रों ने मुँह मीठा किया। |
| 391 | हाथ पर हाथ धरे बैठना | निष्क्रिय रहना | समस्या देखकर वह हाथ पर हाथ धरे बैठा रहा। |
| 392 | आँखों में आँसू लाना | दुख देना | समाचार ने सभी की आँखों में आँसू ला दिए। |
| 393 | सिर चढ़कर बोलना | अहंकारी होना | सभा में उसने सिर चढ़कर बोलना शुरू किया। |
| 394 | हाथ-पाँव मारना | कोशिश करना | नौकरी पाने के लिए उसने हाथ-पाँव मारे। |
| 395 | नाच न जाने आँगन टेढ़ा | अपनी अक्षमता का बहाना | खेल में हारकर उसने कहा, नाच न जाने आँगन टेढ़ा। |
| 396 | जैसे को तैसा | जैसा व्यवहार वैसा ही परिणाम | झूठा बोला, जैसे को तैसा उसे भी झूठ का फल मिला। |
| 397 | बूँद-बूँद से सागर बनता है | छोटे प्रयास से बड़ी सफलता | रोज़ पढ़ाई करने से ज्ञान बूँद-बूँद से सागर बनता है। |
| 398 | आँखों का तारा | प्रिय | वह अपने बच्चों की आँखों का तारा है। |
| 399 | सिर खुजाना | चिन्ता करना | परीक्षा में कम अंक आने पर सिर खुजाया। |
| 400 | हाथ-पाँव फूलना | थक जाना | लंबी यात्रा के बाद हाथ-पाँव फूल गए। |
STEP - V
| # | मुहावरा | अर्थ | वाक्य में प्रयोग |
|---|---|---|---|
| 401 | आँखों का तारा | प्रिय | वह अपने छोटे भाई की आँखों का तारा है। |
| 402 | हाथ-पाँव फूलना | थक जाना | लंबी यात्रा के बाद उसका हाथ-पाँव फूल गए। |
| 403 | मुँह मीठा करना | खुश होना | पुरस्कार मिलने के बाद सभी ने मुँह मीठा किया। |
| 404 | दिल पर पत्थर रख लेना | कठोर निर्णय लेना | कठिन परिस्थिति में उसने दिल पर पत्थर रख लिया। |
| 405 | पेट कटना | भयभीत होना | परीक्षा का कठिन सवाल देखकर छात्रों का पेट कट गया। |
| 406 | कान भर सुनना | ध्यान से सुनना | बच्चों ने शिक्षक की बातें कान भर सुन लीं। |
| 407 | हाथ धोकर देना | मदद करना | संकट में उसने मित्र की मदद हाथ धोकर दी। |
| 408 | आँख मूँदकर | विश्वासपूर्वक | उसने मित्र पर आँख मूँदकर भरोसा किया। |
| 409 | जी भर खाना | भरपूर खाना | त्यौहार पर सभी ने जी भर मिठाई खाई। |
| 410 | सिर फोड़ना | मेहनत करना | कठिन गणित का सवाल हल करने के लिए उसने सिर फोड़ा। |
| 411 | आँखों का धोखा | भ्रम | उसके सुंदर शब्द केवल आँखों का धोखा थे। |
| 412 | हाथ की सफाई | कुशल होना | नए कर्मचारी की हाथ की सफाई देखकर बॉस खुश हुआ। |
| 413 | घूँघट डालना | छुपाना | उसने अपनी असली पहचान घूँघट डाल दी। |
| 414 | आँखें चार करना | ढूँढना | गुम हुई चाबी को ढूँढने के लिए उसने आँखें चार की। |
| 415 | सिर खुजाना | चिन्ता करना | परीक्षा में कम अंक आने पर सिर खुजाया। |
| 416 | मुँह से पानी गिरना | बहुत इच्छा होना | मिठाई देखकर मुँह से पानी गिर रहा था। |
| 417 | दिल में उतरना | याद रखना | गुरु के उपदेश दिल में उतर गए। |
| 418 | हाथ-पाँव जोड़ना | मदद माँगना | उसने मित्र से हाथ-पाँव जोड़कर मदद माँगी। |
| 419 | पेट में दर्द रखना | चिंता करना | परीक्षा से पहले छात्र के पेट में दर्द था। |
| 420 | आँखों में चमक | खुशी या उत्साह | पुरस्कार जीतकर उसकी आँखों में चमक थी। |
| 421 | कान थामना | ध्यान से सुनना | बच्चों ने ध्यान से मास्टर की बातें कान थामकर सुनी। |
| 422 | नाक में दम करना | परेशान करना | बच्चों की शरारतों ने माँ की नाक में दम किया। |
| 423 | जी जान से | पूरी मेहनत से | उसने परीक्षा में सफलता पाने के लिए जी जान से पढ़ाई की। |
| 424 | सिर फोड़ना | कठिनाई स्वीकार करना | गणित का कठिन सवाल हल करने के लिए उसने सिर फोड़ा। |
| 425 | हाथ धोकर देना | मदद करना | संकट में उसने मित्र की मदद हाथ धोकर दी। |
| 426 | आँख मूँदना | अनदेखा करना | उसने अपनी गलती को आँख मूँदकर छोड़ दिया। |
| 427 | जीते जी | जीवन में | उसने जीते जी अपने लक्ष्य पूरे किए। |
| 428 | समय बड़ा बलवान | समय से सब बदलता है | धैर्य रखें, समय बड़ा बलवान है। |
| 429 | दिल तोड़ना | दुख पहुँचाना | उसकी बेवफ़ाई ने उसका दिल तोड़ दिया। |
| 430 | मुँह मीठा करना | खुश होना | पुरस्कार जीतकर छात्रों ने मुँह मीठा किया। |
| 431 | आँखों में आँसू लाना | दुख देना | समाचार ने सभी की आँखों में आँसू ला दिए। |
| 432 | पेट कटना | भयभीत होना | परीक्षा का कठिन सवाल देखकर छात्रों का पेट कट गया। |
| 433 | सिर चढ़कर बोलना | अहंकारी होना | सभा में उसने सिर चढ़कर बोलना शुरू किया। |
| 434 | हाथ-पाँव मारना | कोशिश करना | नौकरी पाने के लिए उसने हाथ-पाँव मारे। |
| 435 | नाच न जाने आँगन टेढ़ा | अपनी अक्षमता का बहाना | खेल में हारकर उसने कहा, नाच न जाने आँगन टेढ़ा। |
| 436 | जैसे को तैसा | जैसा व्यवहार वैसा ही परिणाम | झूठा बोला, जैसे को तैसा उसे भी झूठ का फल मिला। |
| 437 | बूँद-बूँद से सागर बनता है | छोटे प्रयास से बड़ी सफलता | रोज़ पढ़ाई करने से ज्ञान बूँद-बूँद से सागर बनता है। |
| 438 | आँखों का तारा | प्रिय | वह अपने बच्चों की आँखों का तारा है। |
| 439 | सिर खुजाना | चिन्ता करना | परीक्षा में कम अंक आने पर सिर खुजाया। |
| 440 | हाथ-पाँव फूलना | थक जाना | लंबी यात्रा के बाद हाथ-पाँव फूल गए। |
| 441 | कानों कान रहना | अनसुना रखना | उसने सारी बातें कानों कान रखीं। |
| 442 | आँखें चार करना | ढूँढना | गुम हुई चाबी को ढूँढने के लिए उसने आँखें चार की। |
| 443 | पेट में खट्टी डालना | निराश होना | नौकरी नहीं मिलने पर पेट में खट्टी डाल ली। |
| 444 | नाक कटाना | अपमानित होना | झूठ बोलने पर उसका नाक कट गया। |
| 445 | आँखों में धूल झोंकना | भ्रमित करना | व्यापारी ने ग्राहक की आँखों में धूल झोंक दी। |
| 446 | दिल खोलकर | खुलकर | उसने मित्र से दिल खोलकर बातें की। |
| 447 | साँप छूने से डरना | भयभीत होना | परीक्षा के कठिन सवाल देखकर छात्र साँप छूने से डर गया। |
| 448 | हाथ की सफाई | कुशल होना | नए कर्मचारी की हाथ की सफाई देखकर बॉस खुश हुआ। |
| 449 | घूँघट डालना | छुपाना | उसने अपनी असली पहचान घूँघट डाल दी। |
| 450 | हाथ-पाँव जोड़ना | मदद माँगना | उसने मित्र से हाथ-पाँव जोड़कर मदद माँगी। |
| 451 | कान थामना | ध्यान से सुनना | बच्चों ने ध्यान से मास्टर की बातें कान थामकर सुनी। |
| 452 | मुँह से पानी गिरना | बहुत इच्छा होना | मिठाई देखकर मुँह से पानी गिर रहा था। |
| 453 | जी भर खाना | भरपूर खाना | त्यौहार पर सभी ने जी भर मिठाई खाई। |
| 454 | दिल में उतरना | याद रखना | गुरु के उपदेश दिल में उतर गए। |
| 455 | सिर फोड़ना | मेहनत करना | कठिन गणित का सवाल हल करने के लिए उसने सिर फोड़ा। |
| 456 | पेट में दर्द रखना | चिंता करना | परीक्षा से पहले छात्र के पेट में दर्द था। |
| 457 | आँखों का धोखा | भ्रम | उसके सुंदर शब्द केवल आँखों का धोखा थे। |
| 458 | हाथ धोकर देना | मदद करना | संकट में उसने मित्र की मदद हाथ धोकर दी। |
| 459 | दिल तोड़ना | दुख पहुँचाना | उसकी बेवफ़ाई ने उसका दिल तोड़ दिया। |
| 460 | मुँह मीठा करना | खुश होना | पुरस्कार जीतकर छात्रों ने मुँह मीठा किया। |
| 461 | हाथ पर हाथ धरे बैठना | निष्क्रिय रहना | समस्या देखकर वह हाथ पर हाथ धरे बैठा रहा। |
| 462 | आँखों में आँसू लाना | दुख देना | समाचार ने सभी की आँखों में आँसू ला दिए। |
| 463 | सिर चढ़कर बोलना | अहंकारी होना | सभा में उसने सिर चढ़कर बोलना शुरू किया। |
| 464 | हाथ-पाँव मारना | कोशिश करना | नौकरी पाने के लिए उसने हाथ-पाँव मारे। |
| 465 | नाच न जाने आँगन टेढ़ा | अपनी अक्षमता का बहाना | खेल में हारकर उसने कहा, नाच न जाने आँगन टेढ़ा। |
| 466 | जैसे को तैसा | जैसा व्यवहार वैसा ही परिणाम | झूठा बोला, जैसे को तैसा उसे भी झूठ का फल मिला। |
| 467 | बूँद-बूँद से सागर बनता है | छोटे प्रयास से बड़ी सफलता | रोज़ पढ़ाई करने से ज्ञान बूँद-बूँद से सागर बनता है। |
| 468 | आँखों का तारा | प्रिय | वह अपने बच्चों की आँखों का तारा है। |
| 469 | सिर खुजाना | चिन्ता करना | परीक्षा में कम अंक आने पर सिर खुजाया। |
| 470 | हाथ-पाँव फूलना | थक जाना | लंबी यात्रा के बाद हाथ-पाँव फूल गए। |
| 471 | कानों कान रहना | अनसुना रखना | उसने सारी बातें कानों कान रखीं। |
| 472 | आँखें चार करना | ढूँढना | गुम हुई चाबी को ढूँढने के लिए उसने आँखें चार की। |
| 473 | पेट में खट्टी डालना | निराश होना | नौकरी नहीं मिलने पर पेट में खट्टी डाल ली। |
| 474 | नाक कटाना | अपमानित होना | झूठ बोलने पर उसका नाक कट गया। |
| 475 | आँखों में धूल झोंकना | भ्रमित करना | व्यापारी ने ग्राहक की आँखों में धूल झोंक दी। |
| 476 | दिल खोलकर | खुलकर | उसने मित्र से दिल खोलकर बातें की। |
| 477 | साँप छूने से डरना | भयभीत होना | परीक्षा के कठिन सवाल देखकर छात्र साँप छूने से डर गया। |
| 478 | हाथ की सफाई | कुशल होना | नए कर्मचारी की हाथ की सफाई देखकर बॉस खुश हुआ। |
| 479 | घूँघट डालना | छुपाना | उसने अपनी असली पहचान घूँघट डाल दी। |
| 480 | हाथ-पाँव जोड़ना | मदद माँगना | उसने मित्र से हाथ-पाँव जोड़कर मदद माँगी। |
| 481 | कान थामना | ध्यान से सुनना | बच्चों ने ध्यान से मास्टर की बातें कान थामकर सुनी। |
| 482 | मुँह से पानी गिरना | बहुत इच्छा होना | मिठाई देखकर मुँह से पानी गिर रहा था। |
| 483 | जी भर खाना | भरपूर खाना | त्यौहार पर सभी ने जी भर मिठाई खाई। |
| 484 | दिल में उतरना | याद रखना | गुरु के उपदेश दिल में उतर गए। |
| 485 | सिर फोड़ना | मेहनत करना | कठिन गणित का सवाल हल करने के लिए उसने सिर फोड़ा। |
| 486 | पेट में दर्द रखना | चिंता करना | परीक्षा से पहले छात्र के पेट में दर्द था। |
| 487 | आँखों का धोखा | भ्रम | उसके सुंदर शब्द केवल आँखों का धोखा थे। |
| 488 | हाथ धोकर देना | मदद करना | संकट में उसने मित्र की मदद हाथ धोकर दी। |
| 489 | दिल तोड़ना | दुख पहुँचाना | उसकी बेवफ़ाई ने उसका दिल तोड़ दिया। |
| 490 | मुँह मीठा करना | खुश होना | पुरस्कार जीतकर छात्रों ने मुँह मीठा किया। |
| 491 | हाथ पर हाथ धरे बैठना | निष्क्रिय रहना | समस्या देखकर वह हाथ पर हाथ धरे बैठा रहा। |
| 492 | आँखों में आँसू लाना | दुख देना | समाचार ने सभी की आँखों में आँसू ला दिए। |
| 493 | सिर चढ़कर बोलना | अहंकारी होना | सभा में उसने सिर चढ़कर बोलना शुरू किया। |
| 494 | हाथ-पाँव मारना | कोशिश करना | नौकरी पाने के लिए उसने हाथ-पाँव मारे। |
| 495 | नाच न जाने आँगन टेढ़ा | अपनी अक्षमता का बहाना | खेल में हारकर उसने कहा, नाच न जाने आँगन टेढ़ा। |
| 496 | जैसे को तैसा | जैसा व्यवहार वैसा ही परिणाम | झूठा बोला, जैसे को तैसा उसे भी झूठ का फल मिला। |
| 497 | बूँद-बूँद से सागर बनता है | छोटे प्रयास से बड़ी सफलता | रोज़ पढ़ाई करने से ज्ञान बूँद-बूँद से सागर बनता है। |
| 498 | आँखों का तारा | प्रिय | वह अपने बच्चों की आँखों का तारा है। |
| 499 | सिर खुजाना | चिन्ता करना | परीक्षा में कम अंक आने पर सिर खुजाया। |
| 500 | हाथ-पाँव फूलना | थक जाना | लंबी यात्रा के बाद हाथ-पाँव फूल गए। |
महत्वपूर्ण लोकोक्तियाँ
STEP - I
| # | लोकोक्ति | अर्थ | वाक्य में प्रयोग |
|---|---|---|---|
| 1 | अंगूर खट्टे हैं | जो कुछ नहीं कर सकते, वह उसकी बुराई कहता है | उसने प्रतियोगी परीक्षा में हारने के बाद कहा, अंगूर खट्टे हैं। |
| 2 | ओखली में सिर देना | किसी खतरे में खुद को डालना | जुआ खेलना ओखली में सिर देने के बराबर है। |
| 3 | आप भले तो जग भला | जैसा मन अच्छा, वैसा ही समाज अच्छा | अगर हम अपने कर्म सही रखें तो आप भले तो जग भला। |
| 4 | आँख का अंधा नाम नयनसुख | जो चीज़ नहीं देख सकता, वह उसका मूल्य नहीं जान सकता | पढ़ाई में मेहनत न करने वाला कहता है, किताबें बेकार हैं, आँख का अंधा नाम नयनसुख। |
| 5 | बिना मज़दूरी के फल नहीं | मेहनत के बिना फल नहीं मिलता | मेहनत किए बिना सफलता की उम्मीद मत करो, बिना मज़दूरी के फल नहीं। |
| 6 | बंदर क्या जाने अदरक का स्वाद | जो अनुभव न रखे, वह मूल्य नहीं समझ सकता | जो पढ़ाई नहीं करता, वह अच्छे अंक का मूल्य नहीं समझता, बंदर क्या जाने अदरक का स्वाद। |
| 7 | नाव में छेद | संकट में होना | नौकरी जाने पर उसके जीवन में नाव में छेद हो गया। |
| 8 | अपनी बंदूक अपनी ताकत | अपनी शक्ति पर भरोसा रखना | कठिनाई में अपनी शक्ति पर भरोसा रखो, अपनी बंदूक अपनी ताकत। |
| 9 | ऊँट के मुँह में जीरा | बहुत छोटा लाभ | इतनी मेहनत के बाद केवल एक पुरस्कार मिला, ऊँट के मुँह में जीरा। |
| 10 | अंधा बांटे रेवड़ी | बिना समझ-समझौते वस्तु बाँटना | जो नेता जनता के लिए काम नहीं करते, अंधा बांटे रेवड़ी। |
| 11 | दूसरों के लिए ईंट और अपने लिए पत्थर | दूसरों को सुविधाएँ देना और स्वयं को कष्ट देना | उसने दूसरों के लिए मदद की और खुद कष्ट में रहा, दूसरों के लिए ईंट और अपने लिए पत्थर। |
| 12 | बचपन की शिक्षा जीवन भर काम आती है | शिक्षा का महत्व | माता-पिता बच्चों को अच्छे संस्कार दें, बचपन की शिक्षा जीवन भर काम आती है। |
| 13 | जो गरजते हैं, वो बरसते नहीं | जो अधिक धमकाते हैं, वे कम करते हैं | केवल बात करने वाले, काम नहीं करते, जो गरजते हैं, वो बरसते नहीं। |
| 14 | खिसियानी बिल्ली खम्भा नोचे | निराश होने पर गुस्सा दिखाना | परीक्षा में फेल होने पर उसने खिसियानी बिल्ली खम्भा नोचा। |
| 15 | हाथ कंगन को आरसी क्या | साक्ष्य स्पष्ट होने पर प्रमाण की आवश्यकता नहीं | सच सबके सामने है, हाथ कंगन को आरसी क्या। |
| 16 | दूध का दूध, पानी का पानी | सच्चाई का पता चलना | न्याय में सच सामने आया, दूध का दूध, पानी का पानी। |
| 17 | बिना मेहनत के कुछ नहीं मिलता | मेहनत का महत्व | सफलता के लिए कठिन परिश्रम जरूरी है, बिना मेहनत के कुछ नहीं मिलता। |
| 18 | जैसी करनी वैसी भरनी | जैसा कर्म, वैसा फल | झूठ बोला, जैसी करनी वैसी भरनी। |
| 19 | अति सर्वत्र वर्जयेत | कोई चीज़ अत्यधिक नहीं होनी चाहिए | खान-पान में संतुलन रखें, अति सर्वत्र वर्जयेत। |
| 20 | चोर की दाढ़ी में तिनका | दोषी स्वयं ही अपनी गलती प्रकट करता है | झूठ बोलकर पकड़ा गया, चोर की दाढ़ी में तिनका। |
| 21 | एक हाथ से ताली नहीं बजती | सहयोग के बिना काम नहीं होता | सहयोग के बिना काम संभव नहीं, एक हाथ से ताली नहीं बजती। |
| 22 | जैसी दृष्टि वैसा फल | सोच और कर्म के अनुसार परिणाम | अच्छे कर्म करें, जैसी दृष्टि वैसा फल। |
| 23 | समय बड़ा बलवान | समय में बदलाव संभव है | धैर्य रखें, समय बड़ा बलवान है। |
| 24 | बूंद-बूंद से सागर बनता है | छोटे प्रयास से बड़ी सफलता | रोज़ थोड़ा पढ़ाई करने से सफलता मिलती है, बूंद-बूंद से सागर बनता है। |
| 25 | घर का भेदी लंका ढाए | किसी का विश्वासघात भारी पड़ता है | घर का भेदी लंका ढाए, मित्र ने गुप्त जानकारी फँसाई। |
| 26 | अंधा क्या चाहे दो आँखें | जो कमी है उसकी पूर्ति की इच्छा | अंधा क्या चाहे दो आँखें, गरीब क्या चाहे धन। |
| 27 | नाच न जाने आँगन टेढ़ा | अपनी अक्षमता का बहाना | खेल में हारकर उसने कहा, नाच न जाने आँगन टेढ़ा। |
| 28 | लोहे को आग लगाना | किसी को प्रोत्साहित करना | नेता ने युवाओं को कड़ा परिश्रम करने के लिए लोहे को आग लगाई। |
| 29 | जैसे को तैसा | जैसा व्यवहार वैसा ही परिणाम | झूठा बोला, जैसे को तैसा उसे भी झूठ का फल मिला। |
| 30 | अंधे के हाथ बटेर लगना | भाग्य का साथ मिलना | बिना प्रयास के उसे बड़ा पुरस्कार मिल गया, अंधे के हाथ बटेर लगना। |
| 31 | बुढ़ापा हंसी का कारण नहीं | उम्र में सम्मान चाहिए | बुढ़ापा हंसी का कारण नहीं, अनुभव का सम्मान देना चाहिए। |
| 32 | काठ की हांडी खून नहीं बहाती | कठोर वस्तु कभी नहीं टूटती | कठोर लकड़ी की हांडी कभी नहीं फूटती, काठ की हांडी खून नहीं बहाती। |
| 33 | बिना दुःख सुख नहीं मिलता | सुख पाने के लिए संघर्ष जरूरी | बिना दुःख सुख नहीं मिलता, मेहनत करनी होगी। |
| 34 | ऊँची दुकान फीके पकवान | दिखावे के पीछे वास्तविकता कम | ऊँची दुकान फीके पकवान, घर में चीज़ें साधारण। |
| 35 | बंदर क्या जाने अदरक का स्वाद | अनुभवहीन मूल्य नहीं समझते | पढ़ाई न करने वाला छात्र, बंदर क्या जाने अदरक का स्वाद। |
| 36 | नौ दिन चांदनी फिर अंधेरा | अस्थायी खुशी | उत्सव की खुशी के बाद दुःख आया, नौ दिन चांदनी फिर अंधेरा। |
| 37 | अति उत्साह हानि का कारण | अत्यधिक उत्साह नुकसान लाता है | खेल में अति उत्साह हानि का कारण बन गया। |
| 38 | जितना गुड़ उतनी मिठास | जितनी गुणवत्ता उतनी परिणाम | मेहनत के अनुसार पुरस्कार मिले, जितना गुड़ उतनी मिठास। |
| 39 | दीपक बुझे बिना अंधेरा दूर नहीं | ज्ञान बिना अज्ञान दूर नहीं | शिक्षा के बिना अज्ञान दूर नहीं होता, दीपक बुझे बिना अंधेरा दूर नहीं। |
| 40 | थाली का बैंगन | वही जिसे कमतर माना जाता है | उसने अपनी कमतर स्थिति को स्वीकार किया, थाली का बैंगन। |
| 41 | आग में घी डालना | समस्या बढ़ाना | झगड़े में और शब्द कहकर आग में घी डाल दिया। |
| 42 | आ बैल मुझे मार | किसी को अपने पास बुलाना और परेशानी में डालना | झूठे दोस्त ने आ बैल मुझे मार कहा। |
| 43 | ऊँट के मुंह में जीरा | बहुत कम लाभ | इतनी मेहनत के बाद केवल एक पुरस्कार मिला, ऊँट के मुंह में जीरा। |
| 44 | इकट्ठा किया तोड़ी ठोकर | मेहनत का परिणाम प्राप्त करना | मेहनत करके इकट्ठा किया तोड़ी ठोकर। |
| 45 | घर की मुर्गी दाल बराबर | अपने पास की चीज़ का मूल्य नहीं जानना | घर की मुर्गी दाल बराबर, बाहर की चीज़ की तारीफ़ करते हैं। |
| 46 | आंधी में दिया नहीं जलता | कठिनाई में साधन काम न आए | आंधी में दिया नहीं जलता, कठिन परिस्थिति में साधन काम नहीं आया। |
| 47 | अनपढ़ा शेर भी बाज़ार में दिखता है | बिना योग्यता के दिखावा करना | अनपढ़ा शेर भी बाज़ार में दिखता है, जो दिखावा करता है। |
| 48 | ऊँची सोच, नीची मेहनत | सोच बड़ा लेकिन काम छोटा | उसने ऊँची सोच रखी, लेकिन नीची मेहनत की। |
| 49 | काम का बोझ बाँटना | जिम्मेदारी साझा करना | टीम में काम का बोझ बाँटना जरूरी है। |
| 50 | हाथों की सफाई | कौशल या क्षमता | नए कर्मचारी की हाथों की सफाई देखकर बॉस खुश हुआ। |
STEP - II
| # | लोकोक्ति | अर्थ | वाक्य में प्रयोग |
|---|---|---|---|
| 51 | अक्ल बड़ी या भैंस | बुद्धि या शक्ति किसकी ज़्यादा महत्वपूर्ण है | ज्ञान का महत्व बड़ा है, अक्ल बड़ी या भैंस। |
| 52 | अंगूठा दिखाना | अपमान करना या विरोध दिखाना | उसने विरोध में अंगूठा दिखा दिया। |
| 53 | आँख का तारा | प्रियतम या प्रिय व्यक्ति | उसका बेटा उसकी आँख का तारा है। |
| 54 | आख़िरी साँस तक | अंतिम समय तक | उसने आख़िरी साँस तक संघर्ष किया। |
| 55 | ऊपर का सूरज नीचे नहीं आता | किसी चीज़ का आदेश बदलना संभव नहीं | नियम तय हैं, ऊपर का सूरज नीचे नहीं आता। |
| 56 | अंधे के हाथ बटेर लगना | भाग्य का साथ मिलना | बिना प्रयास के उसे बड़ा पुरस्कार मिल गया, अंधे के हाथ बटेर लगना। |
| 57 | आंखों में धूल झोंकना | भ्रमित करना | व्यापारी ने ग्राहक की आंखों में धूल झोंक दी। |
| 58 | आंखों का धोखा | भ्रम या छल | उसके सुंदर शब्द केवल आंखों का धोखा थे। |
| 59 | आप भले तो जग भला | अपने कर्म से समाज पर प्रभाव पड़ता है | यदि हम नेक हैं तो आप भले तो जग भला। |
| 60 | ऊँट के मुँह में जीरा | बहुत छोटा लाभ | इतनी मेहनत के बाद केवल एक पुरस्कार मिला, ऊँट के मुँह में जीरा। |
| 61 | जैसा बोओगे वैसा काटोगे | जैसा कर्म वैसा फल | झूठ बोला, जैसा बोओगे वैसा काटोगे। |
| 62 | ऊँच नीच का भेद | समाज में जाति या वर्ग का भेद | समाज में ऊँच नीच का भेद अब कम होना चाहिए। |
| 63 | आँखों के तारे | अत्यंत प्रिय | बच्चे अपनी माँ की आँखों के तारे हैं। |
| 64 | आँसू बहाना | दुख या पीड़ा प्रकट करना | फिल्म देखकर बच्चों ने आँसू बहाए। |
| 65 | अग्नि परीक्षा | कठिन परिक्षा | प्रतियोगिता कठिन थी, यह अग्नि परीक्षा थी। |
| 66 | अब पछताए क्या होत जब चिड़िया चुग गई खेत | जब नुकसान हो चुका है, पछताने का कोई लाभ नहीं | पैसे गंवा दिए, अब पछताए क्या होत जब चिड़िया चुग गई खेत। |
| 67 | अक्ल का अंधा | समझ न रखने वाला | उसने अक्ल का अंधा बनकर सलाह नहीं मानी। |
| 68 | आँखों की रौशनी | बहुत प्रिय या मूल्यवान | उसका प्यार उसकी आँखों की रौशनी है। |
| 69 | आग में घी डालना | समस्या बढ़ाना | झगड़े में और शब्द कहकर आग में घी डाल दिया। |
| 70 | आधा तीतर आधा बटेर | मिश्रित परिणाम | परीक्षा में आधा तीतर आधा बटेर हुआ। |
| 71 | अक्ल मर्द की और ताकत | बुद्धि और शक्ति का महत्व | मुश्किल में अक्ल मर्द की और ताकत काम आती है। |
| 72 | आँखों का अंधा नाम नयनसुख | जो देख नहीं सकता, उसका मूल्य न जानना | पढ़ाई में मेहनत न करने वाला कहता है, किताबें बेकार हैं, आँखों का अंधा नाम नयनसुख। |
| 73 | आँसुओं का हिसाब | दुःख का अनुमान | उसने अपनी परेशानी का आँसुओं का हिसाब लगाया। |
| 74 | अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता | अकेला व्यक्ति बड़ा काम नहीं कर सकता | परियोजना में सहयोग आवश्यक है, अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता। |
| 75 | आग का दरिया | बहुत कठिन परीक्षा | प्रतियोगिता आग का दरिया थी। |
| 76 | अबकी बार | इस बार | अबकी बार जीत हमारी होगी। |
| 77 | आगे कुआँ पीछे खाई | मुश्किल स्थिति | व्यापार में आगे कुआँ पीछे खाई जैसी स्थिति आई। |
| 78 | अंगूठा दबाना | अनुमोदन करना | प्रमुख ने योजना पर अंगूठा दबाया। |
| 79 | अति सर्वत्र वर्जयेत | किसी चीज़ का अत्यधिक होना हानिकारक | खान-पान में संतुलन रखें, अति सर्वत्र वर्जयेत। |
| 80 | अंधेरे में दीपक | कठिनाई में मार्गदर्शन | गुरु ने अंधेरे में दीपक बनकर शिक्षा दी। |
| 81 | आग लगे तो बाप भी नहीं बचाए | संकट में कोई नहीं बचा सकता | दुर्घटना में आग लगे तो बाप भी नहीं बचाए। |
| 82 | आँख में धूल डालना | भ्रमित करना | उसने व्यापार में प्रतिस्पर्धी को आँख में धूल डाली। |
| 83 | अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारना | अपने ही लिए हानि करना | झूठ बोलकर उसने अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारी। |
| 84 | आदमी का असली चेहरा | वास्तविक स्वभाव | समय आने पर आदमी का असली चेहरा सामने आता है। |
| 85 | आँखों का पानी | आँसू | दुखी होने पर आँखों का पानी बहता है। |
| 86 | आँखों की मिचली | अचानक खुशी या चिढ़ | पुरस्कार पाकर आँखों की मिचली हो गई। |
| 87 | आँखों का मोती | बहुत मूल्यवान | बेटी उसके आँखों का मोती है। |
| 88 | ऊँच नीच का भेदभाव | वर्ग भेद | समाज में ऊँच नीच का भेदभाव होना गलत है। |
| 89 | अबे मुँह मत खोल | चुप रहने का संकेत | गुस्से में उसने कहा, अबे मुँह मत खोल। |
| 90 | अति उत्साह हानि का कारण | अत्यधिक उत्साह नुकसान लाता है | खेल में अति उत्साह हानि का कारण बन गया। |
| 91 | आग में पानी डालना | शांति करना | झगड़े को रोकने के लिए आग में पानी डाला। |
| 92 | आ बैल मुझे मार | स्वयं को संकट में डालना | झूठे दोस्त ने आ बैल मुझे मार कहा। |
| 93 | आज का काम कल पर मत छोड़ो | समय पर कार्य करें | आज का काम कल पर मत छोड़ो। |
| 94 | अंधा क्या चाहे दो आँखें | आवश्यकता को स्पष्ट करना | गरीब क्या चाहे धन, अंधा क्या चाहे दो आँखें। |
| 95 | अक्ल बड़ी या भैंस | बुद्धि शक्ति से महत्वपूर्ण | समस्या में अक्ल बड़ी या भैंस। |
| 96 | अपने मुँह मियाँ मिट्ठू | स्वयं की प्रशंसा करना | अपने मुँह मियाँ मिट्ठू बनने से बचें। |
| 97 | आग लगाना | किसी को उकसाना | झगड़े में उसने आग लगा दी। |
| 98 | आँखों का तारा | प्रियतम | बच्चा उसकी आँखों का तारा है। |
| 99 | औकात में रहना | अपनी सीमा में रहना | किसी के सामने अपनी औकात में रहो। |
| 100 | अन्न का दाता | वह जो लोगों को भोजन देता है | समाज में अन्न का दाता सम्मान पाता है। |
STEP - III
| # | लोकोक्ति | अर्थ | वाक्य में प्रयोग |
|---|---|---|---|
| 101 | अग्नि पर नमक छिड़कना | किसी समस्या को और बढ़ाना | झगड़े में उसने और तर्क देकर अग्नि पर नमक छिड़क दिया। |
| 102 | आख़िर में जीत उसी की होती है | धैर्य और मेहनत से सफलता मिलती है | प्रतियोगिता में आख़िर में जीत उसी की होती है। |
| 103 | ऊँचाई पर उड़ना | अहंकार या गर्व करना | सफलता के बाद उसने ऊँचाई पर उड़ना शुरू कर दिया। |
| 104 | अंधा क्या चाहे दो आँखें | जो कमी है उसकी पूर्ति की इच्छा | गरीब क्या चाहे, अंधा क्या चाहे दो आँखें। |
| 105 | अपने पैरों पर खड़ा होना | आत्मनिर्भर होना | काम सीखकर उसने अपने पैरों पर खड़ा होना सीख लिया। |
| 106 | आँखों का अंधा नाम नयनसुख | जिसे लाभ नहीं पता, वह मूल्य नहीं समझता | आलसी बच्चा कहता है किताबें बेकार हैं, आँखों का अंधा नाम नयनसुख। |
| 107 | अग्नि में जलकर सोना | कठिनाई में परिपक्व होना | मुश्किल परिस्थितियों में अनुभव बढ़ता है, अग्नि में जलकर सोना। |
| 108 | ऊँट के मुंह में जीरा | बहुत कम लाभ | मेहनत के बाद पुरस्कार मिला, ऊँट के मुंह में जीरा। |
| 109 | अपनी बुराई खुद करना | स्वयं को नुकसान पहुँचाना | झूठ बोलकर उसने अपनी बुराई खुद की। |
| 110 | आग में घी डालना | समस्या को और बढ़ाना | झगड़े में और शब्द कहकर आग में घी डाल दिया। |
| 111 | एक हाथ से ताली नहीं बजती | सहयोग के बिना काम नहीं होता | सहयोग के बिना काम संभव नहीं, एक हाथ से ताली नहीं बजती। |
| 112 | उठो और जागो | समय का महत्व समझाना | परीक्षा में सफल होने के लिए उठो और जागो। |
| 113 | अपनी आँखों का तारा | प्रिय | बच्चा अपनी माँ की आँखों का तारा है। |
| 114 | आँखों में धूल झोंकना | भ्रमित करना | व्यापारी ने ग्राहक की आँखों में धूल झोंक दी। |
| 115 | ऊँची दुकान फीके पकवान | दिखावे के पीछे वास्तविकता कम | दिखावे में तो सब बढ़िया था, पर असल में फीका, ऊँची दुकान फीके पकवान। |
| 116 | अति सर्वत्र वर्जयेत | किसी चीज़ का अत्यधिक होना ठीक नहीं | खान-पान में संतुलन रखें, अति सर्वत्र वर्जयेत। |
| 117 | अनपढ़ा शेर भी बाज़ार में दिखता है | बिना योग्यता के दिखावा करना | अनपढ़ा शेर भी बाज़ार में दिखता है, जो दिखावा करता है। |
| 118 | आ बैल मुझे मार | किसी को अपने पास बुलाना और परेशानी में डालना | झूठे दोस्त ने आ बैल मुझे मार कहा। |
| 119 | अपनी बंदूक अपनी ताकत | अपनी शक्ति पर भरोसा रखना | कठिनाई में अपनी शक्ति पर भरोसा रखो, अपनी बंदूक अपनी ताकत। |
| 120 | अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारना | स्वयं को नुकसान पहुँचाना | गलत निर्णय से उसने अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारी। |
| 121 | अति उत्साह हानि का कारण | अत्यधिक उत्साह नुकसान लाता है | खेल में अति उत्साह हानि का कारण बन गया। |
| 122 | बूंद-बूंद से सागर बनता है | छोटे प्रयास से बड़ी सफलता | रोज़ थोड़ा पढ़ाई करने से सफलता मिलती है, बूंद-बूंद से सागर बनता है। |
| 123 | घर का भेदी लंका ढाए | विश्वासघात भारी पड़ना | घर का भेदी लंका ढाए, मित्र ने गुप्त जानकारी फँसाई। |
| 124 | जैसी दृष्टि वैसा फल | कर्म के अनुसार परिणाम | अच्छे कर्म करें, जैसी दृष्टि वैसा फल। |
| 125 | काम का बोझ बाँटना | जिम्मेदारी साझा करना | टीम में काम का बोझ बाँटना जरूरी है। |
| 126 | काठ की हांडी खून नहीं बहाती | कठोर वस्तु कभी नहीं टूटती | कठोर लकड़ी की हांडी कभी नहीं फूटती, काठ की हांडी खून नहीं बहाती। |
| 127 | काम का फल मीठा | मेहनत का परिणाम अच्छा | मेहनत का फल मीठा होता है। |
| 128 | ना नौ मन तेल होगा, ना राधा नाचेगी | जब साधन नहीं होंगे, परिणाम नहीं होगा | संसाधन न हों तो सफलता नहीं, ना नौ मन तेल होगा, ना राधा नाचेगी। |
| 129 | जैसे को तैसा | जैसा कर्म वैसा फल | झूठा बोला, जैसे को तैसा उसे भी झूठ का फल मिला। |
| 130 | नाच न जाने आँगन टेढ़ा | अपनी अक्षमता का बहाना | खेल में हारकर उसने कहा, नाच न जाने आँगन टेढ़ा। |
| 131 | हाथ कंगन को आरसी क्या | साक्ष्य स्पष्ट होने पर प्रमाण की आवश्यकता नहीं | सच सबके सामने है, हाथ कंगन को आरसी क्या। |
| 132 | घर की मुर्गी दाल बराबर | अपने पास की चीज़ का मूल्य न समझना | घर की मुर्गी दाल बराबर, बाहर की चीज़ की तारीफ़ करते हैं। |
| 133 | थाली का बैंगन | कमतर या औसत वस्तु | उसने अपनी कमतर स्थिति को स्वीकार किया, थाली का बैंगन। |
| 134 | अंधा क्या चाहे दो आँखें | कमी की पूर्ति की इच्छा | अंधा क्या चाहे दो आँखें। |
| 135 | अंधे के हाथ बटेर लगना | भाग्य का साथ मिलना | बिना प्रयास के बड़ा पुरस्कार मिल गया, अंधे के हाथ बटेर लगना। |
| 136 | अग्नि पर नमक छिड़कना | समस्या बढ़ाना | झगड़े में उसने और तर्क देकर अग्नि पर नमक छिड़क दिया। |
| 137 | उठो और जागो | समय का महत्व समझाना | परीक्षा में सफल होने के लिए उठो और जागो। |
| 138 | अपनी आँखों का तारा | प्रिय | बच्चा अपनी माँ की आँखों का तारा है। |
| 139 | आँखों में धूल झोंकना | भ्रमित करना | व्यापारी ने ग्राहक की आँखों में धूल झोंक दी। |
| 140 | ऊँची दुकान फीके पकवान | दिखावे के पीछे वास्तविकता कम | दिखावे में तो सब बढ़िया था, पर असल में फीका। |
| 141 | अति सर्वत्र वर्जयेत | किसी चीज़ का अत्यधिक होना ठीक नहीं | खान-पान में संतुलन रखें। |
| 142 | अनपढ़ा शेर भी बाज़ार में दिखता है | बिना योग्यता के दिखावा करना | अनपढ़ा शेर भी बाज़ार में दिखता है। |
| 143 | आ बैल मुझे मार | किसी को अपने पास बुलाना और परेशानी में डालना | झूठे दोस्त ने आ बैल मुझे मार कहा। |
| 144 | अपनी बंदूक अपनी ताकत | अपनी शक्ति पर भरोसा रखना | कठिनाई में अपनी शक्ति पर भरोसा रखो। |
| 145 | अपनी बुराई खुद करना | स्वयं को नुकसान पहुँचाना | झूठ बोलकर उसने अपनी बुराई खुद की। |
| 146 | आग में घी डालना | समस्या को और बढ़ाना | झगड़े में और शब्द कहकर आग में घी डाल दिया। |
| 147 | एक हाथ से ताली नहीं बजती | सहयोग के बिना काम नहीं होता | सहयोग के बिना काम संभव नहीं। |
| 148 | उठो और जागो | समय का महत्व समझाना | परीक्षा में सफल होने के लिए उठो और जागो। |
| 149 | घर का भेदी लंका ढाए | विश्वासघात भारी पड़ना | घर का भेदी लंका ढाए। |
| 150 | जैसी दृष्टि वैसा फल | कर्म के अनुसार परिणाम | अच्छे कर्म करें, जैसी दृष्टि वैसा फल। |
| 151 | बूंद-बूंद से सागर बनता है | छोटे प्रयास से बड़ी सफलता | रोज़ थोड़ी पढ़ाई से सफलता मिलती है। |
| 152 | हाथ कंगन को आरसी क्या | साक्ष्य स्पष्ट होने पर प्रमाण की आवश्यकता नहीं | सच सामने है, हाथ कंगन को आरसी क्या। |
| 153 | काठ की हांडी खून नहीं बहाती | कठोर वस्तु कभी नहीं टूटती | कठोर लकड़ी की हांडी कभी नहीं फूटती। |
| 154 | काम का फल मीठा | मेहनत का परिणाम अच्छा | मेहनत का फल मीठा होता है। |
| 155 | ना नौ मन तेल होगा, ना राधा नाचेगी | साधन न होने पर परिणाम नहीं | संसाधन न हों तो सफलता नहीं। |
| 156 | अंधे के हाथ बटेर लगना | भाग्य का साथ मिलना | बिना प्रयास के पुरस्कार मिल गया। |
| 157 | ऊँट के मुंह में जीरा | बहुत कम लाभ | मेहनत के बाद पुरस्कार मिला, ऊँट के मुंह में जीरा। |
| 158 | अंधा क्या चाहे दो आँखें | कमी की पूर्ति की इच्छा | अंधा क्या चाहे दो आँखें। |
| 159 | हाथ-पाँव फूलना | थक जाना | लंबी यात्रा के बाद हाथ-पाँव फूल गए। |
| 160 | आँखों का धोखा | भ्रम | सुंदर शब्द केवल आँखों का धोखा थे। |
| 161 | हाथ धोकर देना | मदद करना | संकट में उसने मित्र की मदद हाथ धोकर दी। |
| 162 | दिल तोड़ना | दुख पहुँचाना | उसकी बेवफ़ाई ने दिल तोड़ दिया। |
| 163 | मुँह मीठा करना | खुश होना | पुरस्कार जीतकर मुँह मीठा किया। |
| 164 | हाथ पर हाथ धरे बैठना | निष्क्रिय रहना | समस्या देखकर हाथ पर हाथ धरे बैठा रहा। |
| 165 | आँखों में आँसू लाना | दुख देना | समाचार ने आँखों में आँसू ला दिए। |
| 166 | सिर चढ़कर बोलना | अहंकारी होना | सभा में सिर चढ़कर बोलना शुरू किया। |
| 167 | हाथ-पाँव मारना | कोशिश करना | नौकरी पाने के लिए हाथ-पाँव मारे। |
| 168 | नाच न जाने आँगन टेढ़ा | अपनी अक्षमता का बहाना | खेल में हारकर कहा, नाच न जाने आँगन टेढ़ा। |
| 169 | जैसे को तैसा | जैसा कर्म वैसा फल | झूठा बोला, जैसे को तैसा फल मिला। |
| 170 | बूँद-बूँद से सागर बनता है | छोटे प्रयास से बड़ी सफलता | रोज़ पढ़ाई से सफलता मिलती है। |
| 171 | आँखों का तारा | प्रिय | बच्चा माँ की आँखों का तारा है। |
| 172 | सिर खुजाना | चिन्ता करना | परीक्षा में कम अंक आने पर सिर खुजाया। |
| 173 | हाथ-पाँव फूलना | थक जाना | लंबी यात्रा के बाद हाथ-पाँव फूल गए। |
| 174 | कानों कान रहना | अनसुना रखना | सारी बातें कानों कान रखीं। |
| 175 | आँखें चार करना | ढूँढना | गुम हुई चाबी को आँखें चार की। |
| 176 | पेट में खट्टी डालना | निराश होना | नौकरी नहीं मिलने पर पेट में खट्टी डाल ली। |
| 177 | नाक कटाना | अपमानित होना | झूठ बोलने पर नाक कट गया। |
| 178 | आँखों में धूल झोंकना | भ्रमित करना | व्यापारी ने आँखों में धूल झोंक दी। |
| 179 | दिल खोलकर | खुलकर | मित्र से दिल खोलकर बातें की। |
| 180 | साँप छूने से डरना | भयभीत होना | कठिन सवाल देखकर छात्र साँप छूने से डर गया। |
| 181 | हाथ की सफाई | कुशल होना | कर्मचारी की हाथ की सफाई देखकर बॉस खुश हुआ। |
| 182 | घूँघट डालना | छुपाना | असली पहचान घूँघट डाल दी। |
| 183 | हाथ-पाँव जोड़ना | मदद माँगना | मित्र से हाथ-पाँव जोड़कर मदद माँगी। |
| 184 | कान थामना | ध्यान से सुनना | मास्टर की बातें कान थामकर सुनी। |
| 185 | मुँह से पानी गिरना | बहुत इच्छा होना | मिठाई देखकर मुँह से पानी गिर रहा था। |
| 186 | जी भर खाना | भरपूर खाना | त्यौहार पर जी भर मिठाई खाई। |
| 187 | दिल में उतरना | याद रखना | गुरु के उपदेश दिल में उतर गए। |
| 188 | सिर फोड़ना | मेहनत करना | कठिन सवाल हल करने के लिए सिर फोड़ा। |
| 189 | पेट में दर्द रखना | चिंता करना | परीक्षा से पहले पेट में दर्द था। |
| 190 | आँखों का धोखा | भ्रम | सुंदर शब्द केवल आँखों का धोखा थे। |
| 191 | हाथ धोकर देना | मदद करना | संकट में मित्र की मदद हाथ धोकर दी। |
| 192 | दिल तोड़ना | दुख पहुँचाना | बेवफ़ाई ने दिल तोड़ दिया। |
| 193 | मुँह मीठा करना | खुश होना | पुरस्कार जीतकर मुँह मीठा किया। |
| 194 | हाथ पर हाथ धरे बैठना | निष्क्रिय रहना | समस्या देखकर हाथ पर हाथ धरे बैठा। |
| 195 | आँखों में आँसू लाना | दुख देना | समाचार ने आँखों में आँसू ला दिए। |
| 196 | सिर चढ़कर बोलना | अहंकारी होना | सभा में सिर चढ़कर बोलना शुरू किया। |
| 197 | हाथ-पाँव मारना | कोशिश करना | नौकरी पाने के लिए हाथ-पाँव मारे। |
| 198 | नाच न जाने आँगन टेढ़ा | अपनी अक्षमता का बहाना | खेल में हारकर कहा, नाच न जाने आँगन टेढ़ा। |
| 199 | जैसे को तैसा | जैसा कर्म वैसा फल | झूठा बोला, जैसे को तैसा फल मिला। |
| 200 | बूँद-बूँद से सागर बनता है | छोटे प्रयास से बड़ी सफलता | रोज़ पढ़ाई से सफलता मिलती है। |
STEP - IV
| # | लोकोक्ति | अर्थ | वाक्य में प्रयोग |
|---|---|---|---|
| 201 | आँखों के सामने | बहुत नज़दीक | दुर्घटना आँखों के सामने हुई। |
| 202 | आग में घी डालना | समस्या बढ़ाना | झगड़े में और शब्द कहकर आग में घी डाल दिया। |
| 203 | ऊँट के मुँह में जीरा | बहुत छोटा लाभ | मेहनत के बाद केवल एक पुरस्कार मिला, ऊँट के मुँह में जीरा। |
| 204 | अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारना | स्वयं के लिए हानि करना | झूठ बोलकर उसने अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारी। |
| 205 | आख़िरी साँस तक | अंतिम समय तक | उसने आख़िरी साँस तक संघर्ष किया। |
| 206 | अंधे के हाथ बटेर लगना | भाग्य का साथ मिलना | बिना प्रयास के उसे बड़ा पुरस्कार मिल गया, अंधे के हाथ बटेर लगना। |
| 207 | अंगूठा दिखाना | अपमान करना या विरोध दिखाना | उसने विरोध में अंगूठा दिखा दिया। |
| 208 | आँखों का तारा | प्रियतम या प्रिय व्यक्ति | उसका बेटा उसकी आँख का तारा है। |
| 209 | अब पछताए क्या होत जब चिड़िया चुग गई खेत | नुकसान हो जाने पर पछताने का कोई लाभ नहीं | पैसे गंवा दिए, अब पछताए क्या होत जब चिड़िया चुग गई खेत। |
| 210 | अक्ल बड़ी या भैंस | बुद्धि या शक्ति किसकी ज़्यादा महत्वपूर्ण है | मुश्किल में अक्ल बड़ी या भैंस काम आती है। |
| 211 | आग का दरिया | बहुत कठिन परीक्षा या कठिनाई | प्रतियोगिता आग का दरिया थी। |
| 212 | आंखों का धोखा | भ्रम या छल | उसके सुंदर शब्द केवल आंखों का धोखा थे। |
| 213 | आँखों में धूल झोंकना | भ्रमित करना | व्यापारी ने ग्राहक की आंखों में धूल झोंक दी। |
| 214 | ऊपर का सूरज नीचे नहीं आता | किसी चीज़ का आदेश बदलना संभव नहीं | नियम तय हैं, ऊपर का सूरज नीचे नहीं आता। |
| 215 | अति उत्साह हानि का कारण | अत्यधिक उत्साह नुकसान लाता है | खेल में अति उत्साह हानि का कारण बन गया। |
| 216 | आग में पानी डालना | शांति करना, झगड़े को रोकना | झगड़े को रोकने के लिए आग में पानी डाला। |
| 217 | आ बैल मुझे मार | स्वयं को संकट में डालना | झूठे दोस्त ने आ बैल मुझे मार कहा। |
| 218 | अबकी बार | इस बार | अबकी बार जीत हमारी होगी। |
| 219 | आंखों के तारे | अत्यंत प्रिय | बच्चे अपनी माँ की आंखों के तारे हैं। |
| 220 | आदमी का असली चेहरा | वास्तविक स्वभाव | समय आने पर आदमी का असली चेहरा सामने आता है। |
| 221 | अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता | अकेला व्यक्ति बड़ा काम नहीं कर सकता | टीमवर्क जरूरी है, अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता। |
| 222 | आँखों का मोती | बहुत मूल्यवान | बेटी उसके आंखों का मोती है। |
| 223 | आंधी में दिया नहीं जलता | कठिनाई में साधन काम न आए | आंधी में दिया नहीं जलता, कठिन परिस्थिति में साधन काम नहीं आया। |
| 224 | अंगूर खट्टे हैं | जो स्वयं नहीं पा सकते, उसकी निंदा करना | उसने प्रतियोगी परीक्षा में हारने के बाद कहा, अंगूर खट्टे हैं। |
| 225 | अक्ल का अंधा | समझ न रखने वाला | उसने अक्ल का अंधा बनकर सलाह नहीं मानी। |
| 226 | आँखों की रौशनी | प्रिय या मूल्यवान | उसका प्यार उसकी आँखों की रौशनी है। |
| 227 | अब का काम कल पर मत छोड़ो | समय पर कार्य करें | आज का काम कल पर मत छोड़ो। |
| 228 | अन्न का दाता | जो लोगों को भोजन देता है | समाज में अन्न का दाता सम्मान पाता है। |
| 229 | औकात में रहना | अपनी सीमा में रहना | किसी के सामने अपनी औकात में रहो। |
| 230 | आग लगे तो बाप भी नहीं बचाए | संकट में कोई नहीं बचा सकता | दुर्घटना में आग लगे तो बाप भी नहीं बचाए। |
| 231 | आँखों की मिचली | अचानक खुशी या चिढ़ | पुरस्कार पाकर आँखों की मिचली हो गई। |
| 232 | आँखों का पानी | आँसू | दुखी होने पर आँखों का पानी बहता है। |
| 233 | आदमी का असली रूप | वास्तविक स्वभाव | संकट में आदमी का असली रूप सामने आता है। |
| 234 | औंधे मुंह गिरना | असफल होना | परीक्षा में उसने औंधे मुंह गिर गया। |
| 235 | अति सर्वत्र वर्जयेत | किसी चीज़ का अत्यधिक होना हानिकारक | खान-पान में संतुलन रखें, अति सर्वत्र वर्जयेत। |
| 236 | ऊँची दुकान फीके पकवान | दिखावे के पीछे वास्तविकता कम होना | ऊँची दुकान फीके पकवान, घर में चीज़ें साधारण। |
| 237 | ऊँच नीच का भेद | समाज में वर्ग भेद | समाज में ऊँच नीच का भेद अब कम होना चाहिए। |
| 238 | आंखों में आँसू लाना | दुःख प्रकट करना | समाचार ने सभी की आंखों में आँसू ला दिए। |
| 239 | अपने मुँह मियाँ मिट्ठू | स्वयं की प्रशंसा करना | अपने मुँह मियाँ मिट्ठू बनने से बचें। |
| 240 | आँखों का अंधा नाम नयनसुख | जो देख नहीं सकता, उसका मूल्य न जानना | पढ़ाई न करने वाला कहता है, किताबें बेकार हैं। |
| 241 | आग में घी डालना | किसी समस्या को बढ़ाना | झगड़े में और शब्द कहकर आग में घी डाल दिया। |
| 242 | अंगूठा दबाना | अनुमोदन करना | प्रमुख ने योजना पर अंगूठा दबाया। |
| 243 | आग का दरिया | कठिन परीक्षा | प्रतियोगिता आग का दरिया थी। |
| 244 | अब पछताए क्या होत जब चिड़िया चुग गई खेत | नुकसान के बाद पछताने का कोई लाभ नहीं | पैसे गंवा दिए, अब पछताए क्या होत जब चिड़िया चुग गई खेत। |
| 245 | अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता | अकेला व्यक्ति बड़ा काम नहीं कर सकता | परियोजना में सहयोग आवश्यक है। |
| 246 | आँखों का तारा | प्रियतम | बच्चा उसकी आंखों का तारा है। |
| 247 | आ बैल मुझे मार | स्वयं को संकट में डालना | झूठे दोस्त ने आ बैल मुझे मार कहा। |
| 248 | अबकी बार | इस बार | अबकी बार जीत हमारी होगी। |
| 249 | आदमी का असली चेहरा | वास्तविक स्वभाव | समय आने पर आदमी का असली चेहरा सामने आता है। |
| 250 | आँखों का मोती | बहुत मूल्यवान | बेटी उसके आंखों का मोती है। |
| 251 | आग लगे तो बाप भी नहीं बचाए | संकट में कोई नहीं बचा सकता | दुर्घटना में आग लगे तो बाप भी नहीं बचाए। |
| 252 | औकात में रहना | अपनी सीमा में रहना | किसी के सामने अपनी औकात में रहो। |
| 253 | अंगूर खट्टे हैं | अपनी असफलता का बहाना बनाना | उसने प्रतियोगी परीक्षा में हारने के बाद कहा, अंगूर खट्टे हैं। |
| 254 | अक्ल का अंधा | समझ न रखने वाला | उसने अक्ल का अंधा बनकर सलाह नहीं मानी। |
| 255 | आँखों की रौशनी | प्रिय या मूल्यवान | उसका प्यार उसकी आँखों की रौशनी है। |
| 256 | औंधे मुंह गिरना | असफल होना | परीक्षा में उसने औंधे मुंह गिर गया। |
| 257 | अब का काम कल पर मत छोड़ो | समय पर कार्य करें | आज का काम कल पर मत छोड़ो। |
| 258 | अन्न का दाता | जो लोगों को भोजन देता है | समाज में अन्न का दाता सम्मान पाता है। |
| 259 | आग में पानी डालना | शांति करना | झगड़े को रोकने के लिए आग में पानी डाला। |
| 260 | आदमी का असली रूप | वास्तविक स्वभाव | संकट में आदमी का असली रूप सामने आता है। |
| 261 | आँखों का पानी | आँसू | दुखी होने पर आँखों का पानी बहता है। |
| 262 | आँखों की मिचली | अचानक खुशी या चिढ़ | पुरस्कार पाकर आँखों की मिचली हो गई। |
| 263 | ऊँची दुकान फीके पकवान | दिखावे के पीछे वास्तविकता कम | ऊँची दुकान फीके पकवान, घर में चीज़ें साधारण। |
| 264 | आँखों में आँसू लाना | दुःख प्रकट करना | समाचार ने सभी की आंखों में आँसू ला दिए। |
| 265 | औकात में रहना | अपनी सीमा में रहना | किसी के सामने अपनी औकात में रहो। |
| 266 | आग का दरिया | कठिन परीक्षा | प्रतियोगिता आग का दरिया थी। |
| 267 | अंगूठा दबाना | अनुमोदन करना | प्रमुख ने योजना पर अंगूठा दबाया। |
| 268 | अति उत्साह हानि का कारण | अत्यधिक उत्साह नुकसान लाता है | खेल में अति उत्साह हानि का कारण बन गया। |
| 269 | ऊपर का सूरज नीचे नहीं आता | आदेश बदलना संभव नहीं | नियम तय हैं, ऊपर का सूरज नीचे नहीं आता। |
| 270 | अबकी बार | इस बार | अबकी बार जीत हमारी होगी। |
| 271 | अंगूर खट्टे हैं | अपनी असफलता का बहाना बनाना | उसने प्रतियोगी परीक्षा में हारने के बाद कहा, अंगूर खट्टे हैं। |
| 272 | अंधेरे में दीपक | कठिनाई में मार्गदर्शन | गुरु ने अंधेरे में दीपक बनकर शिक्षा दी। |
| 273 | अपने मुँह मियाँ मिट्ठू | स्वयं की प्रशंसा करना | अपने मुँह मियाँ मिट्ठू बनने से बचें। |
| 274 | आग में घी डालना | समस्या बढ़ाना | झगड़े में और शब्द कहकर आग में घी डाल दिया। |
| 275 | अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता | अकेला व्यक्ति बड़ा काम नहीं कर सकता | टीमवर्क जरूरी है। |
| 276 | आँखों का तारा | प्रियतम | बच्चा उसकी आँखों का तारा है। |
| 277 | आ बैल मुझे मार | स्वयं को संकट में डालना | झूठे दोस्त ने आ बैल मुझे मार कहा। |
| 278 | आदमी का असली चेहरा | वास्तविक स्वभाव | समय आने पर आदमी का असली चेहरा सामने आता है। |
| 279 | औंधे मुंह गिरना | असफल होना | परीक्षा में उसने औंधे मुंह गिर गया। |
| 280 | अब का काम कल पर मत छोड़ो | समय पर कार्य करें | आज का काम कल पर मत छोड़ो। |
| 281 | आँखों का मोती | बहुत मूल्यवान | बेटी उसके आंखों का मोती है। |
| 282 | आग लगे तो बाप भी नहीं बचाए | संकट में कोई नहीं बचा सकता | दुर्घटना में आग लगे तो बाप भी नहीं बचाए। |
| 283 | औकात में रहना | अपनी सीमा में रहना | किसी के सामने अपनी औकात में रहो। |
| 284 | अक्ल का अंधा | समझ न रखने वाला | उसने अक्ल का अंधा बनकर सलाह नहीं मानी। |
| 285 | आँखों की रौशनी | प्रिय या मूल्यवान | उसका प्यार उसकी आँखों की रौशनी है। |
| 286 | अंगूठा दिखाना | अपमान करना | उसने विरोध में अंगूठा दिखा दिया। |
| 287 | अब पछताए क्या होत जब चिड़िया चुग गई खेत | नुकसान के बाद पछताने का कोई लाभ नहीं | पैसे गंवा दिए, अब पछताए क्या होत जब चिड़िया चुग गई खेत। |
| 288 | आग का दरिया | बहुत कठिन परीक्षा | प्रतियोगिता आग का दरिया थी। |
| 289 | आँसुओं का हिसाब | दुःख का अनुमान | उसने अपनी परेशानी का आँसुओं का हिसाब लगाया। |
| 290 | आँखों का धोखा | भ्रम या छल | उसके सुंदर शब्द केवल आंखों का धोखा थे। |
| 291 | आँखों में धूल झोंकना | भ्रमित करना | व्यापारी ने ग्राहक की आंखों में धूल झोंक दी। |
| 292 | अक्ल बड़ी या भैंस | बुद्धि या शक्ति किसकी ज़्यादा महत्वपूर्ण है | मुश्किल में अक्ल बड़ी या भैंस काम आती है। |
| 293 | अंगूर खट्टे हैं | अपनी असफलता का बहाना बनाना | उसने प्रतियोगी परीक्षा में हारने के बाद कहा, अंगूर खट्टे हैं। |
| 294 | आग में पानी डालना | शांति करना | झगड़े को रोकने के लिए आग में पानी डाला। |
| 295 | अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारना | स्वयं के लिए हानि करना | झूठ बोलकर उसने अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारी। |
| 296 | आँखों का तारा | प्रियतम | बच्चा उसकी आंखों का तारा है। |
| 297 | अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता | अकेला व्यक्ति बड़ा काम नहीं कर सकता | टीमवर्क जरूरी है। |
| 298 | औकात में रहना | अपनी सीमा में रहना | किसी के सामने अपनी औकात में रहो। |
| 299 | आग लगे तो बाप भी नहीं बचाए | संकट में कोई नहीं बचा सकता | दुर्घटना में आग लगे तो बाप भी नहीं बचाए। |
| 300 | औंधे मुंह गिरना | असफल होना | परीक्षा में उसने औंधे मुंह गिर गया। |
STEP - V
| # | लोकोक्ति | अर्थ | वाक्य में प्रयोग |
|---|---|---|---|
| 301 | आँख का अंधा | जो कुछ देख नहीं सकता, उसकी कमी समझ नहीं पाता | पढ़ाई में रुचि न रखने वाला कहता है, किताबें बेकार हैं, आँख का अंधा। |
| 302 | आग में घी डालना | किसी समस्या को और बढ़ाना | झगड़े में और शब्द कहकर आग में घी डाल दिया। |
| 303 | ऊँट के मुँह में जीरा | बहुत छोटा लाभ | मेहनत के बाद केवल एक पुरस्कार मिला, ऊँट के मुँह में जीरा। |
| 304 | अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारना | स्वयं के लिए हानि करना | झूठ बोलकर उसने अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारी। |
| 305 | आख़िरी साँस तक | अंतिम समय तक | उसने आख़िरी साँस तक संघर्ष किया। |
| 306 | अंधे के हाथ बटेर लगना | भाग्य का साथ मिलना | बिना प्रयास के उसे बड़ा पुरस्कार मिल गया। |
| 307 | अंगूठा दिखाना | अपमान करना या विरोध दिखाना | उसने विरोध में अंगूठा दिखा दिया। |
| 308 | आँखों का तारा | प्रियतम या बहुत प्यारा व्यक्ति | उसका बेटा उसकी आँख का तारा है। |
| 309 | अब पछताए क्या होत जब चिड़िया चुग गई खेत | नुकसान के बाद पछताने का कोई लाभ नहीं | पैसे गंवा दिए, अब पछताए क्या होत जब चिड़िया चुग गई खेत। |
| 310 | अक्ल बड़ी या भैंस | बुद्धि या शक्ति में किसका महत्व अधिक | मुश्किल में अक्ल बड़ी या भैंस काम आती है। |
| 311 | आग का दरिया | बहुत कठिन परीक्षा या कठिनाई | प्रतियोगिता आग का दरिया थी। |
| 312 | आंखों का धोखा | भ्रम या छल | उसके सुंदर शब्द केवल आंखों का धोखा थे। |
| 313 | आँखों में धूल झोंकना | भ्रमित करना | व्यापारी ने ग्राहक की आंखों में धूल झोंक दी। |
| 314 | ऊपर का सूरज नीचे नहीं आता | कोई आदेश या नियम नहीं बदला जा सकता | नियम तय हैं, ऊपर का सूरज नीचे नहीं आता। |
| 315 | अति उत्साह हानि का कारण | अत्यधिक उत्साह नुकसान लाता है | खेल में अति उत्साह हानि का कारण बन गया। |
| 316 | आग में पानी डालना | शांति करना | झगड़े को रोकने के लिए आग में पानी डाला। |
| 317 | आ बैल मुझे मार | स्वयं को संकट में डालना | झूठे दोस्त ने आ बैल मुझे मार कहा। |
| 318 | अबकी बार | इस बार | अबकी बार जीत हमारी होगी। |
| 319 | आंखों के तारे | अत्यंत प्रिय | बच्चे अपनी माँ की आंखों के तारे हैं। |
| 320 | आदमी का असली चेहरा | वास्तविक स्वभाव | समय आने पर आदमी का असली चेहरा सामने आता है। |
| 321 | अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता | अकेला व्यक्ति बड़ा काम नहीं कर सकता | टीमवर्क जरूरी है। |
| 322 | आँखों का मोती | बहुत मूल्यवान | बेटी उसके आंखों का मोती है। |
| 323 | आंधी में दिया नहीं जलता | कठिनाई में साधन काम न आए | आंधी में दिया नहीं जलता, कठिन परिस्थिति में साधन काम नहीं आया। |
| 324 | अंगूर खट्टे हैं | अपनी असफलता का बहाना बनाना | उसने प्रतियोगी परीक्षा में हारने के बाद कहा, अंगूर खट्टे हैं। |
| 325 | अक्ल का अंधा | समझ न रखने वाला | उसने अक्ल का अंधा बनकर सलाह नहीं मानी। |
| 326 | आँखों की रौशनी | प्रिय या मूल्यवान | उसका प्यार उसकी आँखों की रौशनी है। |
| 327 | अब का काम कल पर मत छोड़ो | समय पर कार्य करें | आज का काम कल पर मत छोड़ो। |
| 328 | अन्न का दाता | जो लोगों को भोजन देता है | समाज में अन्न का दाता सम्मान पाता है। |
| 329 | औकात में रहना | अपनी सीमा में रहना | किसी के सामने अपनी औकात में रहो। |
| 330 | आग लगे तो बाप भी नहीं बचाए | संकट में कोई नहीं बचा सकता | दुर्घटना में आग लगे तो बाप भी नहीं बचाए। |
| 331 | आँखों की मिचली | अचानक खुशी या चिढ़ | पुरस्कार पाकर आँखों की मिचली हो गई। |
| 332 | आँखों का पानी | आँसू | दुखी होने पर आँखों का पानी बहता है। |
| 333 | ऊँची दुकान फीके पकवान | दिखावे के पीछे वास्तविकता कम | ऊँची दुकान फीके पकवान, घर में चीज़ें साधारण। |
| 334 | आँखों में आँसू लाना | दुःख प्रकट करना | समाचार ने सभी की आंखों में आँसू ला दिए। |
| 335 | अपने मुँह मियाँ मिट्ठू | स्वयं की प्रशंसा करना | अपने मुँह मियाँ मिट्ठू बनने से बचें। |
| 336 | अक्ल बड़ी या भैंस | बुद्धि शक्ति में महत्वपूर्ण | समस्या में अक्ल बड़ी या भैंस। |
| 337 | आग में घी डालना | समस्या बढ़ाना | झगड़े में और शब्द कहकर आग में घी डाल दिया। |
| 338 | अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता | अकेला व्यक्ति बड़ा काम नहीं कर सकता | टीमवर्क जरूरी है। |
| 339 | आँखों का तारा | प्रियतम | बच्चा उसकी आँखों का तारा है। |
| 340 | आ बैल मुझे मार | स्वयं को संकट में डालना | झूठे दोस्त ने आ बैल मुझे मार कहा। |
| 341 | आदमी का असली चेहरा | वास्तविक स्वभाव | समय आने पर आदमी का असली चेहरा सामने आता है। |
| 342 | औंधे मुंह गिरना | असफल होना | परीक्षा में उसने औंधे मुंह गिर गया। |
| 343 | अबकी बार | इस बार | अबकी बार जीत हमारी होगी। |
| 344 | आग का दरिया | बहुत कठिन परीक्षा | प्रतियोगिता आग का दरिया थी। |
| 345 | आँखों का धोखा | भ्रम | उसके सुंदर शब्द केवल आंखों का धोखा थे। |
| 346 | आँखों में धूल झोंकना | भ्रमित करना | व्यापारी ने ग्राहक की आंखों में धूल झोंक दी। |
| 347 | अंगूर खट्टे हैं | असफलता का बहाना | उसने प्रतियोगी परीक्षा में हारने के बाद कहा, अंगूर खट्टे हैं। |
| 348 | आग में पानी डालना | शांति करना | झगड़े को रोकने के लिए आग में पानी डाला। |
| 349 | अक्ल का अंधा | समझ न रखने वाला | उसने अक्ल का अंधा बनकर सलाह नहीं मानी। |
| 350 | आँखों की रौशनी | प्रिय या मूल्यवान | उसका प्यार उसकी आँखों की रौशनी है। |
| 351 | औकात में रहना | अपनी सीमा में रहना | किसी के सामने अपनी औकात में रहो। |
| 352 | अंगूठा दिखाना | अपमान करना | उसने विरोध में अंगूठा दिखा दिया। |
| 353 | अब पछताए क्या होत जब चिड़िया चुग गई खेत | नुकसान के बाद पछताने का कोई लाभ नहीं | पैसे गंवा दिए, अब पछताए क्या होत जब चिड़िया चुग गई खेत। |
| 354 | आदमी का असली चेहरा | वास्तविक स्वभाव | समय आने पर आदमी का असली चेहरा सामने आता है। |
| 355 | अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता | अकेला व्यक्ति बड़ा काम नहीं कर सकता | टीमवर्क जरूरी है। |
| 356 | आँखों का मोती | बहुत मूल्यवान | बेटी उसके आंखों का मोती है। |
| 357 | आग लगे तो बाप भी नहीं बचाए | संकट में कोई नहीं बचा सकता | दुर्घटना में आग लगे तो बाप भी नहीं बचाए। |
| 358 | औंधे मुंह गिरना | असफल होना | परीक्षा में उसने औंधे मुंह गिर गया। |
| 359 | आँखों का तारा | प्रियतम | बच्चा उसकी आँखों का तारा है। |
| 360 | आग का दरिया | बहुत कठिन परीक्षा | प्रतियोगिता आग का दरिया थी। |
| 361 | अब का काम कल पर मत छोड़ो | समय पर कार्य करें | आज का काम कल पर मत छोड़ो। |
| 362 | अन्न का दाता | जो लोगों को भोजन देता है | समाज में अन्न का दाता सम्मान पाता है। |
| 363 | औकात में रहना | अपनी सीमा में रहना | किसी के सामने अपनी औकात में रहो। |
| 364 | अक्ल बड़ी या भैंस | बुद्धि शक्ति में महत्वपूर्ण | समस्या में अक्ल बड़ी या भैंस। |
| 365 | आ बैल मुझे मार | स्वयं को संकट में डालना | झूठे दोस्त ने आ बैल मुझे मार कहा। |
| 366 | आँखों में धूल झोंकना | भ्रमित करना | व्यापारी ने ग्राहक की आंखों में धूल झोंक दी। |
| 367 | अंगूर खट्टे हैं | असफलता का बहाना | उसने प्रतियोगी परीक्षा में हारने के बाद कहा, अंगूर खट्टे हैं। |
| 368 | आग में पानी डालना | शांति करना | झगड़े को रोकने के लिए आग में पानी डाला। |
| 369 | आँखों की रौशनी | प्रिय या मूल्यवान | उसका प्यार उसकी आँखों की रौशनी है। |
| 370 | अक्ल का अंधा | समझ न रखने वाला | उसने अक्ल का अंधा बनकर सलाह नहीं मानी। |
| 371 | औंधे मुंह गिरना | असफल होना | परीक्षा में उसने औंधे मुंह गिर गया। |
| 372 | आदमी का असली चेहरा | वास्तविक स्वभाव | समय आने पर आदमी का असली चेहरा सामने आता है। |
| 373 | आँखों का पानी | आँसू | दुखी होने पर आँखों का पानी बहता है। |
| 374 | आँखों की मिचली | अचानक खुशी या चिढ़ | पुरस्कार पाकर आँखों की मिचली हो गई। |
| 375 | ऊँची दुकान फीके पकवान | दिखावे के पीछे वास्तविकता कम | ऊँची दुकान फीके पकवान, घर में चीज़ें साधारण। |
| 376 | आग लगे तो बाप भी नहीं बचाए | संकट में कोई नहीं बचा सकता | दुर्घटना में आग लगे तो बाप भी नहीं बचाए। |
| 377 | अपने मुँह मियाँ मिट्ठू | स्वयं की प्रशंसा करना | अपने मुँह मियाँ मिट्ठू बनने से बचें। |
| 378 | अबकी बार | इस बार | अबकी बार जीत हमारी होगी। |
| 379 | अंगूठा दिखाना | अपमान करना | उसने विरोध में अंगूठा दिखा दिया। |
| 380 | अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता | अकेला व्यक्ति बड़ा काम नहीं कर सकता | टीमवर्क जरूरी है। |
| 381 | आँखों का तारा | प्रियतम | बच्चा उसकी आँखों का तारा है। |
| 382 | अक्ल बड़ी या भैंस | बुद्धि शक्ति में महत्वपूर्ण | समस्या में अक्ल बड़ी या भैंस। |
| 383 | आग का दरिया | बहुत कठिन परीक्षा | प्रतियोगिता आग का दरिया थी। |
| 384 | अब पछताए क्या होत जब चिड़िया चुग गई खेत | नुकसान के बाद पछताने का कोई लाभ नहीं | पैसे गंवा दिए, अब पछताए क्या होत जब चिड़िया चुग गई खेत। |
| 385 | आदमी का असली चेहरा | वास्तविक स्वभाव | समय आने पर आदमी का असली चेहरा सामने आता है। |
| 386 | आँखों का मोती | बहुत मूल्यवान | बेटी उसके आंखों का मोती है। |
| 387 | आग में घी डालना | समस्या बढ़ाना | झगड़े में और शब्द कहकर आग में घी डाल दिया। |
| 388 | औकात में रहना | अपनी सीमा में रहना | किसी के सामने अपनी औकात में रहो। |
| 389 | आँखों का धोखा | भ्रम | उसके सुंदर शब्द केवल आंखों का धोखा थे। |
| 390 | आँखों में धूल झोंकना | भ्रमित करना | व्यापारी ने ग्राहक की आंखों में धूल झोंक दी। |
| 391 | अंगूर खट्टे हैं | असफलता का बहाना | उसने प्रतियोगी परीक्षा में हारने के बाद कहा, अंगूर खट्टे हैं। |
| 392 | आग में पानी डालना | शांति करना | झगड़े को रोकने के लिए आग में पानी डाला। |
| 393 | आँखों की रौशनी | प्रिय या मूल्यवान | उसका प्यार उसकी आँखों की रौशनी है। |
| 394 | अक्ल का अंधा | समझ न रखने वाला | उसने अक्ल का अंधा बनकर सलाह नहीं मानी। |
| 395 | औंधे मुंह गिरना | असफल होना | परीक्षा में उसने औंधे मुंह गिर गया। |
| 396 | आ बैल मुझे मार | स्वयं को संकट में डालना | झूठे दोस्त ने आ बैल मुझे मार कहा। |
| 397 | आदमी का असली चेहरा | वास्तविक स्वभाव | समय आने पर आदमी का असली चेहरा सामने आता है। |
| 398 | आँखों का पानी | आँसू | दुखी होने पर आँखों का पानी बहता है। |
| 399 | आँखों की मिचली | अचानक खुशी या चिढ़ | पुरस्कार पाकर आँखों की मिचली हो गई। |
| 400 | ऊँची दुकान फीके पकवान | दिखावे के पीछे वास्तविकता कम | ऊँची दुकान फीके पकवान, घर में चीज़ें साधारण। |
STEP - VI
| # | लोकोक्ति | अर्थ | वाक्य में प्रयोग |
|---|---|---|---|
| 401 | आँखों का तारा | प्रियतम या अत्यंत प्रिय | उसका बेटा उसकी आँखों का तारा है। |
| 402 | आग में घी डालना | किसी समस्या को और बढ़ाना | झगड़े में और शब्द कहकर आग में घी डाल दिया। |
| 403 | ऊँट के मुँह में जीरा | बहुत छोटा लाभ | मेहनत के बाद केवल एक पुरस्कार मिला, ऊँट के मुँह में जीरा। |
| 404 | अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारना | स्वयं के लिए हानि करना | झूठ बोलकर उसने अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारी। |
| 405 | आख़िरी साँस तक | अंतिम समय तक | उसने आख़िरी साँस तक संघर्ष किया। |
| 406 | अंधे के हाथ बटेर लगना | भाग्य का साथ मिलना | बिना प्रयास के उसे बड़ा पुरस्कार मिल गया। |
| 407 | अंगूठा दिखाना | अपमान करना या विरोध दिखाना | उसने विरोध में अंगूठा दिखा दिया। |
| 408 | अब पछताए क्या होत जब चिड़िया चुग गई खेत | नुकसान हो जाने पर पछताने का कोई लाभ नहीं | पैसे गंवा दिए, अब पछताए क्या होत जब चिड़िया चुग गई खेत। |
| 409 | अक्ल बड़ी या भैंस | बुद्धि या शक्ति में किसका महत्व अधिक | मुश्किल में अक्ल बड़ी या भैंस काम आती है। |
| 410 | आग का दरिया | बहुत कठिन परीक्षा या कठिनाई | प्रतियोगिता आग का दरिया थी। |
| 411 | आँखों का धोखा | भ्रम या छल | उसके सुंदर शब्द केवल आंखों का धोखा थे। |
| 412 | आँखों में धूल झोंकना | भ्रमित करना | व्यापारी ने ग्राहक की आंखों में धूल झोंक दी। |
| 413 | ऊपर का सूरज नीचे नहीं आता | कोई आदेश या नियम नहीं बदला जा सकता | नियम तय हैं, ऊपर का सूरज नीचे नहीं आता। |
| 414 | अति उत्साह हानि का कारण | अत्यधिक उत्साह नुकसान लाता है | खेल में अति उत्साह हानि का कारण बन गया। |
| 415 | आग में पानी डालना | शांति करना | झगड़े को रोकने के लिए आग में पानी डाला। |
| 416 | आ बैल मुझे मार | स्वयं को संकट में डालना | झूठे दोस्त ने आ बैल मुझे मार कहा। |
| 417 | अबकी बार | इस बार | अबकी बार जीत हमारी होगी। |
| 418 | आदमी का असली चेहरा | वास्तविक स्वभाव | समय आने पर आदमी का असली चेहरा सामने आता है। |
| 419 | अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता | अकेला व्यक्ति बड़ा काम नहीं कर सकता | टीमवर्क जरूरी है। |
| 420 | आँखों का मोती | बहुत मूल्यवान | बेटी उसके आंखों का मोती है। |
| 421 | आंधी में दिया नहीं जलता | कठिनाई में साधन काम न आए | आंधी में दिया नहीं जलता, कठिन परिस्थिति में साधन काम नहीं आया। |
| 422 | अंगूर खट्टे हैं | अपनी असफलता का बहाना बनाना | उसने प्रतियोगी परीक्षा में हारने के बाद कहा, अंगूर खट्टे हैं। |
| 423 | अक्ल का अंधा | समझ न रखने वाला | उसने अक्ल का अंधा बनकर सलाह नहीं मानी। |
| 424 | आँखों की रौशनी | प्रिय या मूल्यवान | उसका प्यार उसकी आँखों की रौशनी है। |
| 425 | अब का काम कल पर मत छोड़ो | समय पर कार्य करें | आज का काम कल पर मत छोड़ो। |
| 426 | अन्न का दाता | जो लोगों को भोजन देता है | समाज में अन्न का दाता सम्मान पाता है। |
| 427 | औकात में रहना | अपनी सीमा में रहना | किसी के सामने अपनी औकात में रहो। |
| 428 | आग लगे तो बाप भी नहीं बचाए | संकट में कोई नहीं बचा सकता | दुर्घटना में आग लगे तो बाप भी नहीं बचाए। |
| 429 | आँखों की मिचली | अचानक खुशी या चिढ़ | पुरस्कार पाकर आँखों की मिचली हो गई। |
| 430 | आँखों का पानी | आँसू | दुखी होने पर आँखों का पानी बहता है। |
| 431 | ऊँची दुकान फीके पकवान | दिखावे के पीछे वास्तविकता कम | ऊँची दुकान फीके पकवान, घर में चीज़ें साधारण। |
| 432 | आँखों में आँसू लाना | दुःख प्रकट करना | समाचार ने सभी की आंखों में आँसू ला दिए। |
| 433 | अपने मुँह मियाँ मिट्ठू | स्वयं की प्रशंसा करना | अपने मुँह मियाँ मिट्ठू बनने से बचें। |
| 434 | अंगूठा दबाना | अनुमोदन करना | प्रमुख ने योजना पर अंगूठा दबाया। |
| 435 | औंधे मुंह गिरना | असफल होना | परीक्षा में उसने औंधे मुंह गिर गया। |
| 436 | अक्ल बड़ी या भैंस | बुद्धि शक्ति में महत्वपूर्ण | समस्या में अक्ल बड़ी या भैंस। |
| 437 | आदमी का असली रूप | वास्तविक स्वभाव | संकट में आदमी का असली रूप सामने आता है। |
| 438 | आँखों का तारा | प्रियतम | बच्चा उसकी आँखों का तारा है। |
| 439 | आग का दरिया | बहुत कठिन परीक्षा | प्रतियोगिता आग का दरिया थी। |
| 440 | अब पछताए क्या होत जब चिड़िया चुग गई खेत | नुकसान के बाद पछताने का कोई लाभ नहीं | पैसे गंवा दिए, अब पछताए क्या होत जब चिड़िया चुग गई खेत। |
| 441 | अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता | अकेला व्यक्ति बड़ा काम नहीं कर सकता | टीमवर्क जरूरी है। |
| 442 | आँखों का मोती | बहुत मूल्यवान | बेटी उसके आंखों का मोती है। |
| 443 | आग लगे तो बाप भी नहीं बचाए | संकट में कोई नहीं बचा सकता | दुर्घटना में आग लगे तो बाप भी नहीं बचाए। |
| 444 | औकात में रहना | अपनी सीमा में रहना | किसी के सामने अपनी औकात में रहो। |
| 445 | आँखों की रौशनी | प्रिय या मूल्यवान | उसका प्यार उसकी आँखों की रौशनी है। |
| 446 | आ बैल मुझे मार | स्वयं को संकट में डालना | झूठे दोस्त ने आ बैल मुझे मार कहा। |
| 447 | अबकी बार | इस बार | अबकी बार जीत हमारी होगी। |
| 448 | आँखों में धूल झोंकना | भ्रमित करना | व्यापारी ने ग्राहक की आंखों में धूल झोंक दी। |
| 449 | अंगूर खट्टे हैं | अपनी असफलता का बहाना बनाना | उसने प्रतियोगी परीक्षा में हारने के बाद कहा, अंगूर खट्टे हैं। |
| 450 | आग में पानी डालना | शांति करना | झगड़े को रोकने के लिए आग में पानी डाला। |
| 451 | अक्ल का अंधा | समझ न रखने वाला | उसने अक्ल का अंधा बनकर सलाह नहीं मानी। |
| 452 | औंधे मुंह गिरना | असफल होना | परीक्षा में उसने औंधे मुंह गिर गया। |
| 453 | आदमी का असली चेहरा | वास्तविक स्वभाव | समय आने पर आदमी का असली चेहरा सामने आता है। |
| 454 | आँखों का धोखा | भ्रम | उसके सुंदर शब्द केवल आंखों का धोखा थे। |
| 455 | आँखों की मिचली | अचानक खुशी या चिढ़ | पुरस्कार पाकर आँखों की मिचली हो गई। |
| 456 | ऊँची दुकान फीके पकवान | दिखावे के पीछे वास्तविकता कम | ऊँची दुकान फीके पकवान, घर में चीज़ें साधारण। |
| 457 | अब का काम कल पर मत छोड़ो | समय पर कार्य करें | आज का काम कल पर मत छोड़ो। |
| 458 | अन्न का दाता | जो लोगों को भोजन देता है | समाज में अन्न का दाता सम्मान पाता है। |
| 459 | अंगूठा दिखाना | अपमान करना | उसने विरोध में अंगूठा दिखा दिया। |
| 460 | अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता | अकेला व्यक्ति बड़ा काम नहीं कर सकता | टीमवर्क जरूरी है। |
| 461 | आँखों का तारा | प्रियतम | बच्चा उसकी आँखों का तारा है। |
| 462 | आग का दरिया | बहुत कठिन परीक्षा | प्रतियोगिता आग का दरिया थी। |
| 463 | अब पछताए क्या होत जब चिड़िया चुग गई खेत | नुकसान के बाद पछताने का कोई लाभ नहीं | पैसे गंवा दिए, अब पछताए क्या होत जब चिड़िया चुग गई खेत। |
| 464 | आदमी का असली चेहरा | वास्तविक स्वभाव | समय आने पर आदमी का असली चेहरा सामने आता है। |
| 465 | आँखों का मोती | बहुत मूल्यवान | बेटी उसके आंखों का मोती है। |
| 466 | आग लगे तो बाप भी नहीं बचाए | संकट में कोई नहीं बचा सकता | दुर्घटना में आग लगे तो बाप भी नहीं बचाए। |
| 467 | औकात में रहना | अपनी सीमा में रहना | किसी के सामने अपनी औकात में रहो। |
| 468 | आँखों की रौशनी | प्रिय या मूल्यवान | उसका प्यार उसकी आँखों की रौशनी है। |
| 469 | आ बैल मुझे मार | स्वयं को संकट में डालना | झूठे दोस्त ने आ बैल मुझे मार कहा। |
| 470 | अबकी बार | इस बार | अबकी बार जीत हमारी होगी। |
| 471 | आँखों में धूल झोंकना | भ्रमित करना | व्यापारी ने ग्राहक की आंखों में धूल झोंक दी। |
| 472 | अंगूर खट्टे हैं | अपनी असफलता का बहाना बनाना | उसने प्रतियोगी परीक्षा में हारने के बाद कहा, अंगूर खट्टे हैं। |
| 473 | आग में पानी डालना | शांति करना | झगड़े को रोकने के लिए आग में पानी डाला। |
| 474 | अक्ल का अंधा | समझ न रखने वाला | उसने अक्ल का अंधा बनकर सलाह नहीं मानी। |
| 475 | औंधे मुंह गिरना | असफल होना | परीक्षा में उसने औंधे मुंह गिर गया। |
| 476 | आदमी का असली चेहरा | वास्तविक स्वभाव | समय आने पर आदमी का असली चेहरा सामने आता है। |
| 477 | आँखों का धोखा | भ्रम | उसके सुंदर शब्द केवल आंखों का धोखा थे। |
| 478 | आँखों की मिचली | अचानक खुशी या चिढ़ | पुरस्कार पाकर आँखों की मिचली हो गई। |
| 479 | ऊँची दुकान फीके पकवान | दिखावे के पीछे वास्तविकता कम | ऊँची दुकान फीके पकवान, घर में चीज़ें साधारण। |
| 480 | अब का काम कल पर मत छोड़ो | समय पर कार्य करें | आज का काम कल पर मत छोड़ो। |
| 481 | अन्न का दाता | जो लोगों को भोजन देता है | समाज में अन्न का दाता सम्मान पाता है। |
| 482 | अंगूठा दिखाना | अपमान करना | उसने विरोध में अंगूठा दिखा दिया। |
| 483 | अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ सकता | अकेला व्यक्ति बड़ा काम नहीं कर सकता | टीमवर्क जरूरी है। |
| 484 | आँखों का तारा | प्रियतम | बच्चा उसकी आँखों का तारा है। |
| 485 | आग का दरिया | बहुत कठिन परीक्षा | प्रतियोगिता आग का दरिया थी। |
| 486 | अब पछताए क्या होत जब चिड़िया चुग गई खेत | नुकसान के बाद पछताने का कोई लाभ नहीं | पैसे गंवा दिए, अब पछताए क्या होत जब चिड़िया चुग गई खेत। |
| 487 | आदमी का असली चेहरा | वास्तविक स्वभाव | समय आने पर आदमी का असली चेहरा सामने आता है। |
| 488 | आँखों का मोती | बहुत मूल्यवान | बेटी उसके आंखों का मोती है। |
| 489 | आग लगे तो बाप भी नहीं बचाए | संकट में कोई नहीं बचा सकता | दुर्घटना में आग लगे तो बाप भी नहीं बचाए। |
| 490 | औकात में रहना | अपनी सीमा में रहना | किसी के सामने अपनी औकात में रहो। |
| 491 | आँखों की रौशनी | प्रिय या मूल्यवान | उसका प्यार उसकी आँखों की रौशनी है। |
| 492 | आ बैल मुझे मार | स्वयं को संकट में डालना | झूठे दोस्त ने आ बैल मुझे मार कहा। |
| 493 | अबकी बार | इस बार | अबकी बार जीत हमारी होगी। |
| 494 | आँखों में धूल झोंकना | भ्रमित करना | व्यापारी ने ग्राहक की आंखों में धूल झोंक दी। |
| 495 | अंगूर खट्टे हैं | असफलता का बहाना | उसने प्रतियोगी परीक्षा में हारने के बाद कहा, अंगूर खट्टे हैं। |
| 496 | आग में पानी डालना | शांति करना | झगड़े को रोकने के लिए आग में पानी डाला। |
| 497 | अक्ल का अंधा | समझ न रखने वाला | उसने अक्ल का अंधा बनकर सलाह नहीं मानी। |
| 498 | औंधे मुंह गिरना | असफल होना | परीक्षा में उसने औंधे मुंह गिर गया। |
| 499 | आदमी का असली चेहरा | वास्तविक स्वभाव | समय आने पर आदमी का असली चेहरा सामने आता है। |
| 500 | आँखों का तारा | प्रियतम | बच्चा उसकी आँखों का तारा है। |
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